कुर्सी, टेबल और कमरा नहीं मिला तो जमीन पर बैठकर किया काम

सहकारिता विभाग के नामांकन में लापरवाही, एडीएम हुए नाराज

इंदौर। इंदौर में सहकारी साख संस्थाओं के चुनाव के लिए कलेक्टर कार्यालय में कमरा और टेबल कुर्सी नहीं मिली तो सहकारी विभाग ने जमीन पर बैठ कर ही फार्म लेना शुरू कर दिए। मामला सामने आने पर एडीएम पवन जैन ने जिम्मेदारों को लताड़ लगाने के साथ कार्रवाई की बात कही है। दरअसल जिन सहकारी संस्थाओं में कलेक्टर द्वारा रिसीवर नियुक्त किए गए है, उन संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया एडीएम द्वारा संम्पन कराई जाना है, जसे लेकर यह लापरवाही सामने आई है।
इन दिनों कलेक्टर ऑफिस के सेटेलाइट भवन के 203 कक्ष में सहकारी संस्थाओं के चुनाव के लिए नामांकन फार्म जमा करने की प्रक्रिया चल रही है। कोरोना काल में पिछले दो वर्षों से यह चुनाव की प्रक्रिया सम्पन्नन नहीं हो पाई थी, इसलिए निर्वाचन प्राधिकारी भोपाल के निर्देश पर इस बार सभी सहकारी संस्थाओं को समय पर चुनाव करना है, इसके लिए पिछले दिनों सहकारिता विभाग के निर्वाचन अधिकारी द्वारा कलेक्टर कार्यालय के सेटेलाइट भवन में
नामांकन पत्र लेने की प्रक्रिया चल रही है। सहकारिता विभाग के कर्मचारी जब इस कार्य के लिए कलेक्टर ऑफिस के सेटेलाइट भवन के 203 कक्ष में पहुँचे तो यहां अव्यवस्थाओं का आलम यह था। निर्वाचन सम्बधी कारवाई के लिए के लिए कर्मचारियों को यहां पर ना तो कुर्सी टेबल मिले और ना ही पंखे बिजली चालू थे। ऐसे में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने अपना काम जमीन पर बैठ कर शुरू कर दिया। यह ख़बर जब एडीएम पवन जैन और अजय बेडेकर के पास पहुँची तो वे हरकत में आए और संबंधित जिमेदार कर्मचारियों को लताड़ लगाई। यहां एक साथ कई संस्थाओं के फार्म एक ही दिन जमा होने के कारण भी यहां दिनभर भीड़ लग रही थी, दिनभर कर्मचारियों के साथ फार्म जमा करने वाले आवेदक यहां पीने के पानी और टेबल कुर्सी के लिए परेशान होते रहे। कलेक्टर कार्यालय के सेटेलाइट भवन में ऐसी संस्थाओं के चुनाव संम्पन कराने की प्रकिया चल रही है, जहां फिलहाल किसी विवाद या अनियमितता के कारण रिसीवर नियुक्त है।
एडीएम पवन जैन ने बताया कि अभय बेडेकर इसके प्रभारी है, हम लोग जांच करा रहे है। सहकारिता विभाग के कर्मचारियों को टेबल कुर्सी पीने के पानी की व्यवस्था न मिलने पर लापरवाही सामने आई है। इसमें जमीदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

कविता और जाग्रति की आमसभा का मामला अटका
सहकारी संस्थाओं ने चर्चित संस्थाओं की वरियता सूची आमसभा बुलाने की मंजूरी के लिए किए गए आवेदन के बाद भी यह मामला अटका हुआ है। इसी मुद्दे पर सहकारिता विभाग की बैठक भी हो चुकी है। बैठक में विभाग के अफसर शामिल हुए, जिसमें कविता गृह निर्माण संस्था को प्राधिकरण से मिलने वाले 33 भूखंडों के साथ जाग्रति की आमसभा बुलाने का मामला भी उठाया गया। इस संबंध में भोपाल कई पत्र भेजे जा चुके है, परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में बताया गया है कि हाई कोर्ट के निर्देश पर 2015 में तात्कालीन संयुक्त आयुक्त ने संस्था के सदस्यों की वरियता सूची तैयार की थी, लेकिन वर्तमान में उसकी प्रासंगिकता न होने के कारण पुन: वरियता सूची के आदेश दिए जाने को लेकर भी पत्र में आग्रह किया गया था।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.