इंदौर में कांग्रेस नई लीडरशिप को लेकर तैयारी में जुटा
इस बार बथ मैनेजमेंट पर बड़ी तैयारी की जबावदारी स्वप्निल कोठारी को

इंदौर। गत दिनों पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा नेता प्रतिपक्ष के पद से मुक्त होने के बाद अब यह तय हो गया है कि अगला चुनाव कमलनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। इस बार कमलनाथ नए युवाओं को लेकर जमीनी तैयारियां बड़े ही सतर्क तरीके से करवा रहे हैं।
दूसरी ओर वे कांग्रेस की नई लीडरशिप को भी सत्ता सौंपने के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर चुके हैं और इसी के तहत लगभग दस हजार बूथ पर बूथ प्रबंधन का कामकाज खत्म कर चुके हैं। हर बुथ पर चार समन्वय तैयार किए गए हैं । इस बार कांग्रेस में अलग-अलग टीमें काम करती दिखाई देंगी, जो कांग्रेस की वापसी का आंकलन भी कर रही है और तैयारी भी कर रही है। आने वाले समय में इंदौर में भी कई नए युवा चेहरे इस बार मैदान में दिखाई देंगे, जिन्हें बड़ी तैयारियों के साथ उतारा जाएगा।
कांग्रेस मिशन-2023 को लेकर अपनी जड़ें वापस नए सिरे से जांच रही है। जिन क्षेत्रों में चुनाव जीते गए हैं, वहां पर नए युवाओं को सीधे जोड़ने के लिए ऐसे युवाओं को सामने लाया जा रहा है, जो सामाजिक प्रतिष्ठा भी रखते हैं और इसी के अंतर्गत इस बार कमलनाथ ने पार्षद प्रत्याशी चयन समिति के लिए इंदौर से शिक्षा क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले स्वप्निल कोठारी को सीधे चयनित किया है। वे बूथ प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष भी नियुक्त किए गए हैं। सूत्र बता रहे कि उन्हें कमलनाथ उनकी बेहतर क्षमता के लिए उपयोग कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में चुनाव के लिए साठ हजार बूथ पर तैयारी की जाती थी और कई बूथ पर कांग्रेस अपनी तैयारियां करने में कमजोर सिद्ध होती थी। इस बार पूरे साठ हजार बूथ पर कांग्रेस मैदान में दिखाई दें, इसलिए नई रणनीति के तहत नए युवा जोड़कर बूथ प्रबंधन का काम शुरू हो गया है और इसी के अंतर्गत स्वप्निल कोठारी ने पैंतालीस दिनों में अध्यक्ष के साथ १०० विधानसभा में बूथ प्रबंधन के संयोजक नियुक्त कर दिए हैं, जो सीधे बृथ प्रबंधन को ही अपनी ताकत बनाएंगे। इन्हें उम्मीदवार के बजाय संगठन से नियंत्रित किया जाएगा और इसी के साथ आने वाले समय में इंदौर में एक नई लीडरशिप भी कांग्रेस में दिखाई देने लगेगी। कांग्रेस इस बार इंदौर में भी पूरी तरह नए चेहरे के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है और इसी के तहत विधानसभा चार, पांच, सांवेर में नए चेहरे दिखाई देंगे। यह भी उल्लेखनीय है कि स्वप्निल कोठारी के मार्गदर्शन में इंदौर शहर के ही हजारों बच्चे शिक्षा ग्रहण कर अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सेवाएं भी दे रहे हैं बहुत कम लोगों को यह जानकारी होगी कि कांग्रेस की वरिष्ट प्रियंका गांधी के आग्रह पर उनके विश्वविद्यालय से अमेठी और रायबरेली के चार सौ से अधिक बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा मिली है। कांग्रेस इस बार अपनी सबसे कमजोर कड़ी यानी बूथ प्रबंधन को अपनी सबसे ताकतवर कर्ड के रूप में खड़ा करेगी और इली के लिए बूथ प्रबंधन पर बड़े व्यापक पैमाने पर तैयारियाँ स्वप्निल कोठारी के नेतृत्व में की जा रही है।