शराब ठेकेदारों में शुरू हो गई गला काट स्पर्धा

शराबियों की बल्ले-बल्ले, दो बोतल पर एक बोतल फ्री, पेटी पर 40 प्रतिशत छूट

इंदौर। म.प्र. में नई शराब नीति घोषित होने के बाद पीने वालों की बल्ले-बल्ले होती जा रही है। शहर के बाहरी क्षेत्रों में अन्य जिलों से लगी सीमा पर लगी दुकानों में एक से एक आफर चलरहे हंै। दो बोतल पर एक बोतल फ्री के बोर्ड भीलगे हुए हैं। कई जगह नकद रियायत भी बिना बताए मिल रही है। नियमित ग्राहकों का बड़ा ध्यान रखा जा रहा है। एक पेटी शराब पर पहली बार 40 से 50 प्रतिशत तक छूट मिल रही है। एक दुकानदार दूसरे दुकानदार के क्षेत्रमें कारों से पेटियां भेज रहे हैं।
म.प्र. सरकार की नई आबकारी नीति के कारण बड़े शराब ठेकेदारों के एकाधिकार समाप्त हो गए हैं। दूसरी ओर शराब की कीमतों में भी 20 प्रतिशत तककी कमी आ गई है। ऐसे में शराब ठेकेदारों के यहां देशी और अंग्रेजी एक साथ बेचने को लेकर नए ठेके की सबसे बड़ी शर्त यह है कि ठेकेदारों को 85 फीसदीशराब उठाना अनिवार्य हो गया है। इसके चलते शहर के दो नए ठेकेदार एक माह में ही 3 से 4 करोड़ के नीचे आ गए हैं। इन पर आयकर विभाग की नजर भी बनी हुई है। एक शराब ठेकेदार जिसकी दुकान शहर के बाहरी क्षेत्र में है का कहना हैकि वह दो बोतल परएक बोतल अंग्रेजी शराब मुफ्त दे रहा है। यानी 33 प्रतिशत तक सीधा डिस्काउंट मिल रहा है और पूरी पेटी कोई खरीदना चाहे तो आधी कीमत पर ही मिलरही है। शहर में कारों से पेटियां घूम रही हैं। शहर में 80 फीसदी दुकानों पर गलाकाट स्पर्धा शुरू हो गई है जिसके चलते अब ठेकेदार अपना घर बचाने के लिए दूसरे ठेकेदार का घर फूंक रहे हैं। हालांकि अभी बीयर की बिक्री में अच्छी खासी तेजी गर्मी के कारण बनी हुई है इसलिए दुकानों पर घाटा कुछ हद तक कम है पर जून के बाद शराब के कई ठेकेदार करोड़ों रुपए के कर्ज में डूब जाएंगे। कई शराब ठेकेदार गुजरात में अवैध तरीके से माल पहुंचा रहे हैं।इस मामले में आबकारी विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि इतने महंगे ठेके अब ईमानदारी से चलाना संभव ही नहीं है। सरकार के गलत फैसले आने वाले समय में कईघरों को बर्बाद कर देंगे और शराब के ठेकेदार अब चोरी छिपे बड़ी तादाद में गुजरात माल भेज रहे हैं जो सबको मालूम है परंतु कार्रवाई करने से सरकार का ही नुकसान होगा। अपने प्रदेश की बजाय गुजरात में शराब जाए यह ज्यादा अच्छा है।

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