अवैध हथियारों की सबसे बड़ी मंडी है महानगर इंदौर

देशभर के गुण्डे-बदमाशों के साथ माफिया को भी यहीं से सप्लाय होता है असलहा

इंदौर (आशीष साकल्ले)।
आप मानें या न मानें, लेकिन हकीकत यही है कि इन दिनों महानगर इंदौर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में हथियारों की सबसे बड़ी मंडी बन गया है। हालात कितने संगीन हैं, इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि देशभर के गुण्डे-बदमाशों के साथ ही माफिया को भी यहां से ही हथियारों का सप्लाय हो रहा है। हद तो यह है कि १० हजार से लेकर डेढ लाख तक में मिल जाते हैं यहां देशी कट्टे से लगाकर पिस्टल तक। इतना ही नहीं, ५० से अधिक सिकलीगर इन्हें तैयार कर रहे हैं और १५० से ज्यादा एजेंट बेच रहे हैं तमाम आइटम।

जी हां, महानगर के आसपास के जिलों धार, झाबुआ, खरगोन, बड़वानी में पचास से अधिक सिकलीगर जंगलों में देशी कट्टों से लगाकर पिस्टल और कारतूस तैयार कर रहे हैं और इन्हें महानगर इंदौर से सप्लाय करने के लिए उन्होंने बाकायदा अपने एजेंट तैनात कर रखे हैं। ये एजेंट न केवल मध्यप्रदेश बल्कि राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली जैसे राज्यों में भी गुण्डे-बदमाशों एवं माफिया को हथियार सप्लाय कर रहे हैं। क्वालिटी के आधार पर ये हथियार दस हजार से लेकर डेढ लाख रुपए तक में बिक रहे हैं। पुलिस कई एजेंटों और सिकलीगरों को कई बार गिरफ्तार भी कर चुकी है और काफी मात्रा में असलहा भी बरामद किया जा चुका है, लेकिन यह गौरखधंधा दिन-प्रतिदिन परवान चढते जा रहा है।

पिछले तीन वर्षों में दर्ज आर्म्स एक्ट के प्रकरण
पुलिस ने सन २०१९ में जहां १६४८ आर्म्स एक्ट के कैस दर्ज किए, वहीं सन २०२० में १३८९ प्रकरण दर्ज किए गए। इसी प्रकार सन २०२१ में १६२३ प्रकरण दर्ज किए। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इंदौर के आसपास के जिलों में जो सिकलीगर हथियार तैयार करते हैं, उसमें उनके परिवार और महिलाएं भी उन्हे सहयोग करती हैं। कई बार तो यह भी होता है कि जब पुलिस इन सिकलीगरों को पकड़ने के लिए जाती है तो यह महिलाएँ ही उनकी ढाल बनकर खड़ी हो जाती हैं, जिसके चलते वे पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले ही फरार हो जाते हैं।
जंगलों में बनाकर गड्ढों में गाड़कर रखते हैं हथियार
बताया जाता है कि धार, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ के सिकलीगर कबाड़ और साइकल के पाइप आदि से जंगलों में देशी कट्टे से लगाकर पिस्टल और कारतूस का निर्माण करते हैं। इन्हें वे पुलिस से बचाने के लिए गड्ढों में गाड़कर छिपा देते हैं और जैसे ही उन्हें आर्डर मिलता है, वे अपने एजेंटों के माध्यम से उन्हें सप्लाय कर देते हैं। कई अपराधों में आरोपियों ने एवं अन्य प्रदेशों के गुण्डे बदमाशों ने गिरफ्तारी के बाद ऐसे अवैध हथियार इंदौर से खरीदना स्वीकार किया है ।
जेल में हो जाता है सिकलीगरों का गेंगस्टरों से संपर्क
देखा जाए तो सिकलीगरों ने कई सालों से अवैध हथियार बनाने का गौरखधंधा चला रखा है। इसके चलते, न केवल प्रदेश बल्कि देशभर के गुंडे-बदमाशों से इनका संपर्क है। ये वाट्स एप काल से बात कर उन्हें अपने यहां बुलाकर हथियार उपलब्ध करा देते हैं। कई बार इन सिकलीगरों को गिरफ्तार कर जब जेल भेजा जाता है तो ये वहां भी गुंडे-बदमाशों और गैंगस्टरों से संपर्क बना लेते हैं। जेल में ही ये अपने मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान कर लेते हैं और जेल से छूटने के बाद आर्डर पर माल भी मुहैया करा देते हैं। अब पुलिस इनकी कुंडली तैयार कर इनका नेटवर्क ध्वस्त करने का प्रयास कर रही है।
अच्छी क्वालिटी के अवैध हथियारों के चलते है अच्छी-खासी डिमांड
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने आसपास के जिलों के पचास से अधिक सिकलीगरों की सूची बना रखी है और इनकी तलाश में लगातार टीम सक्रिय रहती है, लेकिन फिर भी अवैध हथियारों का गौरखधंधा बदस्तूर जारी है। पुलिस अफसरों का मानना है, कि यहां के सिकलीगर अच्छी क्वालिटी के अवैध हथियारों का निर्माण करते हैं, इस वजह से देश भर में इनकी काफी डिमांड है। अन्य स्थानों पर जहां देशी कट्टे एवं पिस्टलों के फटने के मामले सामने आते रहते हैं, वहीं इंदौर से सप्लाय होने वाले अवैध हथियारों के मामले में ऐसा नहीं है। हालाकि पुलिस अवैध हथियार तैयार करने वाले सिकलीगरों एवं उनके एजेंटों की कुंडली तैयार करने का दावा भी करती है, लेकिन हथियारों की तस्करी अभी भी बड़े पैमाने पर हो रही है।
कई गैंगस्टर और माफिया तक पहुंचे यहां से हथियार
यहां पर यह भी महत्वपूर्ण तथ्य है कि कुछ समय पहले जब एसटीएफ ने बड़वानी के सिकलीगर प्यारसिंह को पकड़ा और पूछताछ की तो उसने कबूला कि उत्तरप्रदेश में एक जनप्रतिनिधि की हत्या की सुपारी लेने वाले बदमाशों को वह पिस्टल पहुंचा चुका है। इसी प्रकार, कोटा के बदमाश को हथियार सप्लाय करने वाले दो बदमाशों को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इतना ही नहीं, दो साल पहले मंदसौर के ड्रग डीलर शाकिर को जब पुलिस ने हिरासत में लिया तो पता चला कि वह महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, आंध्रप्रदेश के गैंगस्टरों और माफिया को भी हथियार सप्लाय कर चुका है।

ये हैं अवैध हथियार बनाने और सप्लाय करने वाले कुख्यात सिकलीगर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, नवलपुर, पलसूद, उमरठी, सिंगनूर, काजलपुर, भगवानपुरा, सतीपुरा, झिरनिया आदि कुछ ेऐसे गांव हैं, जहां सिकलीगर जमकर हथियारों का निर्माण करते कई बार पकडे जा चुके हैं। इन गावों में नादानसिंह, वीरपाल, जयपाल,सतपाल, अशोक, दिलीप, गोगासिंह, नानकसिंह, तूफानसिंह, गुरूकरण, बलवीर, मुन्ना, जगदीशसिंह, सलोक सिंह, लक्ष्मण, राबिन, कमल, जितेन्द्र आदि प्रमुख सिकलीगर है, जिन पर पुलिस हमेशा नजर रखे रहती है।

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