27 मार्च को प्रिया राजवंश की पुण्यतिथि पर स्मरण

हकीकत से हत्या तक वे मुकाम पर बनी रहीं

इंदौर। 27 मार्च को सुनहरे युग की एक ऐसी अभिनेत्री का जन्म दिवस है जिन्होंने बहुत कम फिल्मों में काम किया है, ये है ‘प्रिया राजवंशÓ।
आपका जन्म सन् 1936 में ‘शिमलाÓ मे हुआ था, जहां उनके पिताजी वन विभाग में ‘कंजरवेटीवÓ के पद पर नौकरी में थे। प्रिया ने शिमला में ही ग्रेजुएशन तक पढाई पूरी की, उनके पिताजी को तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से एक अंतरराष्ट्रीय कार्य के लिये लंदन भेजा। पूरे परिवार के साथ ‘प्रियाÓ लंदन गयी, जहां उन्होंने ‘रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रॉमेटीक आर्टÓ से अभिनय का प्रशिक्षण लिया। उन्हें बचपन से ही अभिनय का शौक था इसलिए उन्होंने अपने स्कूली और कॉलेज के दिनों में कई ड्रामे और नाटकों में काम किया।
उन दिनों – निर्माता- निर्देशक ‘चेतन आनंद साहबÓ अपनी फिल्म के लियें एक नयी लड़की की खोज में थे। रणवीरसिंह जो कि चेतन आनंद साहब के मित्र थे उन्हें ये बात मालूम थी, उन्होंने प्रिया के फोटोग्राफ चेतन साहब को भेज दिये, फोटो देखकर चेतन साहब ‘प्रियाÓ की सुन्दरता से जबरदस्त प्रभावित हो गये। उन्होंने रणवीरसिंह के साथ प्रिया को भारत बुलवाया, और सन् 1962- 63 में प्रिया फिल्म ‘हकीकतÓ की नायिका बना दी गयी। उल्लेखनीय है कि भारत- चीन युद्ध पर आधारित इस फिल्म में बलराज साहनी, विजय आनंद, धर्मेन्द्र, संजय खान जैसे अभिनेताओ ने काम किया था, फिल्म की शुटिंग के दौरान चेतन आनंद साहब- प्रियाजी की ओर आकर्षित होते चले गये।
‘हकीकतÓ की सफलता से प्रिया स्टार बन गयी। उन्हें कई निर्माताओं ने अपनी फिल्म में अभिनय करने के प्रस्ताव दिये। परन्तु प्रिया ने चेतन आनंद साहब के अलावा किसी अन्य की फिल्म में काम नहीं किया आपकी कुछ यादगार फिल्में है – हीर रांझा, हंसते जख्म, कुदरत।
दिनांक 27 मार्च सन् 2000 के दिन प्रिया राजवंश की मुम्बई में उनको चेतन साहब द्रारा दिये गये बंगले में हत्या कर दी गयी, इस तरह ये फिल्म सितारा लुप्त हो गया। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
-सुरेश भिटे

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