देश भयावह कर्ज के जाल में फंसा

आईएमएफ ने भारत को चेताया, कर्ज जीडीपी का 100 प्रतिशत पार

नई दिल्ली (दोपहर आर्थिक डेस्क)। एक और जहां सरकार इस साल से हर साल पुराने लिए गए कर्ज पर केवल 9 लाख करोड़ रुपए ब्याज चुकाएगी, वहीं अब भारत का कुल कर्ज उसकी विकास दर से आगे निकल गया है यानि जितना रूपया आय होगी उतनी ही कर्ज की राशि भी देनी होगी। यह किसी भी देश के लिए सबसे खतरनाक स्थिति होती है। इस समय अगर देश मे लिए गए कर्ज को जिसमें केन्द्र और राज्य सरकार के अलावा सरकारी कंपनियां भी शामिल है जोड़ दिया जाए तो भारत का कुल कर्ज उसकी विकास दर के पार हो चुका है। विश्व बैंक और अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत को भयावह कर्ज को लेकर चेतावनी जारी की है। जिन देशों का कर्ज उनके जीडीपी (सकल घरेलु उत्पाद) से आगे निकल गया है वे देश आज दिवालिया होने की कगार पर खड़े हो गए हैं। इसमें वेनेजुवेला, इटली, ग्रीस, सुडान और भुटान शामिल है। कई अफ्रीकी देश भी है, सरकार द्वारा पिछले दिनों प्रस्तुत की गई संसद में आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में भी इसे गोलमोल तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
देश की अर्थ व्यवस्था का हाल इस बार का बजट बता रहा है। सरकार तमाम कोशिश के बाद भी आम राहत देने की स्थिति में अब नही है। जहां 2016 में केन्द्र सरकार पर कुल 45 प्रतिशत का कर्ज था जो 2021 में बढ़ कर कुल जीडीपी का 7 प्रतिशत हो गया है। अब भारत का कर्ज जीडीपी के बराबर पहुंच रहा है, जो किसी भी देश के लिए शुभ संकेत नहीं है। आईएमएफ की स्टाफ रिपोर्ट जो 15 अक्टूबर 2021 जारी की गई है उसमें बताया गया है कि भारत का कुल कर्ज जीडीपी के स्तर पर पहुंच रहा है, यह बेहत खतरनाक है। किसी भी देश के लिए अधिकतम 60 प्रतिशत कर्ज जीडीपी का होना चाहिए, परन्तु भारत पर यह कर्ज निकल कर 100 प्रतिशत के पार हो गया है। 2016 के बाद से ही देश के कर्ज का आंकड़ा बिगड़ना शुरू हो गया है और लगातार राजकोषिय घाटा बड़ता जा रहा है। इस बार भी सरकार ने राजकोषिय घाटा खुला छोड़ दिया है। उल्लेखनीय है कि 2016 में राज्य सरकारों पर कर्ज कुल आय का 25 प्रतिशत था जो अब बढ़ कर 31 प्रतिशत के पार हो गया है। यानि यह आंकड़ा 90 प्रतिशत को छू रहा है। इसके अलावा सरकार की बीमा, पावर, रेलवे सहित अन्य विभागों ने भी कर्ज उठा रखे है यह सब मिलाकर 100 प्रतिशत को पार कर गया है। भारत की कुल जीडीपी 145 लाख करोड़ रूपए है। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि आपकी आय 20 हजार रूपए महिना हैं और आपको 20 हजार महिने की कर्ज की किस्त भी भरना है।

दिवालिया होने वाले देश
जिन देशों पर उनकी कुल आय के बराबर कर्ज हो गया है वे सभी देश भीषण मंहगाई और बेरोजगारी में उलझ गए है। वेनेजुएला की मुद्रा अब बेहद सस्ती हो गई है, यही स्थिति इटली, ग्रीस, मोजाबिंक ओर सुडान की है। यह सभी देश इस समय घोर आर्थिक संकट में उलझ गए है।

जापान और अमेरिका भी सूची में
आईएमएफ की सूची में जापान और अमेरिका भी हैं परन्तु उनकी जीडीपी बहुत ज्यादा होने से और मुद्रा की अंतराष्ट्रीय कीमत बनी रहने के कारण उन पर इसका असर नहीं है। अमेरिका पर 30 ट्रिलियन डालर का कर्ज है, हालांकि जापान में इस समय भरी मंदी है।

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