अब जीडीपी एक्शन प्लान

झटके ले रही अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए

नई दिल्ली (ब्यूरो)। जीडीपी को गति देने के लिए प्रधानमंत्री ने 60 पाइंट पर काम प्रारंभ करवाते हुए अधिकारियों की नियुक्तियां प्रारंभ कर दी है। वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में जीडीपी की ग्रोथ 20 फीसदी दर्ज की गई थी, जबकि पिछले साल 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी -23 प्रतिशत से ऊपर दर्ज की गई थी। यदि विकास दर को रफ्तार नहीं मिली तो इस वित्तीय वर्ष में विकास दर 4 प्रतिशत के आसपास ही रहेगी, यानी रोजगार के अवसर भी कम ही रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी विभागों और मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक बैठक की थी, जिसमें एक व्यापक 60-सूत्रीय कार्य योजना तैयार की गई। इस कार्य योजना में तीन मुख्य बातों पर जोर दिया गया है। जिसमें शासन के लिए आईटी का लाभ उठाना, देश में व्यावसायिक माहौल में सुधार करना और सिविल सेवाओं को बेहतर बनाना, शामिल है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इन 60 बिंदुओं में कोरोना काल के बाद सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाने के लिए जरूरी फैसले लेने के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) मानचित्रण का उपयोग करने, स्टार्ट-अप के लिए एक देशव्यापी परामर्श मंच बनाने को कार्य योजना में शामिल किया है। इसको प्रभावी बनाने के लिए मीटिंग में मुख्य सूचना अधिकारियों (सीआईओ) और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारियों (सीटीओ) की नियुक्तियों की सिफारिश की गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस स्तर पर अधिकारियों की नियुक्तियों में तेजी दिखेगी। योजना के अनुसार, सरकारी संगठनों को जीआईएस-आधारित योजना के लिए सेटेलाइट आधारित जानकारी का लाभ उठाने की आवश्यकता है। सितंबर महीने में हुई इस बैठक में नीति आयोग से पांच सालों में गरीबी मिटाने का लक्ष्य रखने के लिए कहा गया है। अलग-अलग मंत्रालयों की योजनाओं को आधार के जरिए एक साथ लाने की बात भी इसमें कही गई है।

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