गोदरेज प्रापर्टी किस आधार पर कर रही है शहर में लाखों के भूखंड की बुकिंग

जमीन का नामांतरण नहीं, रेरा के पते नहीं विकास अनुमति कहां...?

अभी 1000 फीट के भूखंड 55 लाख में बिक रहे हैं सोशल मीडिया पर

godrej properties indore fraud
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इंदौर।
इन दिनों शहर के आसपास कई बड़ी कंपनियां टाउनशिप विकसित करने में लगी हुई है इनमे से अधिकांश ने बकायदा नियमों का पालन करते हुए रेरा से अनुमति लेकर ही और डेवलपमेंट का कार्य पूर्ण करने के साथ ही भूखंड बेचना प्रारंभ किया है। परंतु सारे नियमों और रेरा को धत्ता बताते हुए इंदौर-उज्जैन रोड़ पर २०० करोड़ की जमीन खरीदकर गोदरेज कंपनी बिना किसी अनुमति के शहर में भूखंड बेच रही है। कंपनी की ओर से कहा जा रहा है एक हजार वर्गफीट का भूखंड अभी ५५ लाख रुपये में दिया जा रहा है। रेरा होते ही इसकी कीमत ६२ लाख रुपये हो जाएगी। अभी डेढ़ लाख रुपये देकर भूखंड बुक करा लिजिए।

अब सवाल उठ रहा है कि जो डायरियों पर बिना रेरा के भूखंड का कारोबार कर रहे थे उन्होंने क्या बिगाड़ा है? वे भी तो यही कह रहे हैं कि रेरा में आवेदन लगा हुआ है। रेरा आते ही भूखंड की कीमत बीस प्रतिशत बढ़ जाएगी। ऐसे तमाम कारोबारियों से पिछले दिनों बांड भरवाकर उन्हें छोड़ा गया था। फिर गोदरेज कंपनी के इस कामकाज में क्या सूरखाब के पंख लगे हैं कि प्रशासन ने आंखे मूंद ली है। डेवलपमेंट कुछ नहीं हो रहा पर सोशल मीडिया पर भरपूर दिखाया जा रहा है।

गोदरेज प्रापर्टी द्वारा सांवेर रोड़ पर जमीन खरीदकर प्रदेश स्तर पर रियल स्टेट सेक्टर में महंगी जमीन खरीदने के साथ ही हलचल मचा दी थी अब कंपनी बिना किसी विकास के और बिना रेरा की अनुमति के फेसबुक वाट्सएप और सोशल मीडिया पर सशक्त माध्यम से खुलेआम प्लाट का विक्रय कर रही है। आश्चर्य की बात यह है कि अभी तक किसानों से खरीदी गई जमीन का नामांतरण भी नहीं हुआ है।

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फिर रेरा में अनुमति किस आधार पर मांगी जा रही है। वही नगर तथा ग्राम निवेश विभाग (टीएनसी) से अविन्यास स्वीकृत करवाना और कॉलोनी सेल से अभी तक विकास अनुमति भी नहीं ली गई है। बिना रेरा रजिस्ट्रेशन करवाये और बिना अनुमति इस प्रकार के भूखंड बेचना मध्यप्रदेश सरकार के कानून के अनुसार अपराध है इस अपराध को लेकर रेरा द्वारा दंड का प्रावधान भी किया गया है। मध्यप्रदेश रेरा रियल स्टेट रेग्युलरटी अर्थारिटी एक्ट के अनुसार बगैर रेरा रजिस्ट्रेशन के भूखंडों का विक्रय का विज्ञापन करने पर दंड का प्रावधान है। godrej properties 

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इधर एक बार फिर शहर के कई बड़े जमीन कारोबारियों ने भी बिना रेरा अनुमति के डायरियों पर तेजी से भूखंड बेचना शुरु कर दिया है। इन्हीं में से एक पिछले दिनों दो सौ से अधिक प्लाट होल्डरों के पैसे लेकर लापता हो चुके हैं। दूसरी ओर इंदौर के एक बड़े जमीन कारोबारी परिवार ने उज्जैन में बिना किसी अनुमति और जमीन के सौदों पर ही डायरियों पर भूखंड बेचना शुरु कर दिये हैं। बताया जा रहा है डायरियों को लेकर उज्जैन के एक ताकतवर नेता का नाम भी जोड़ा जा रहा है। जबकि इस मामले में अभी तक उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इन डायरियों के पीछे किसी मेहता का नाम बताया जा रहा है। godrej properties indore fraud

क्या दंड का प्रावधान

1. जुर्माना- रेरा एक्ट की धारा 9(1) के अनुसार, बग़ैर रेरा रजिस्ट्रेशन के भूखंडों के विक्रय का विज्ञापन करने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

2. कारावास- रेरा एक्ट की धारा 59 के अनुसार, बग़ैर रेरा रजिस्ट्रेशन के भूखंडों के विक्रय का विज्ञापन करने पर 1 साल तक की कारावास की सजा भी हो सकती है।

3. विज्ञापन पर रोक-रेरा एक्ट की धारा 9(2) के अनुसार, बग़ैर रेरा रजिस्ट्रेशन के भूखंडों के विक्रय का विज्ञापन करने पर रेरा प्राधिकरण विज्ञापन पर रोक लगा सकता है।

4. रजिस्ट्रेशन रद्द- रेरा एक्ट की धारा 9(3) के अनुसार, बग़ैर रेरा रजिस्ट्रेशन के भूखंडों के विक्रय का विज्ञापन करने पर रेरा प्राधिकरण रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकता है। इन दंडों के अलावा, रेरा प्राधिकरण बग़ैर रेरा रजिस्ट्रेशन के भूखंडों के विक्रय का विज्ञापन करने वाले व्यक्ति या कंपनी के खिलाफ अन्य कार्रवाई भी कर सकता है।

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