वो जानकारी जो चुनाव आयोग ने नहीं दी
362 लोकसभा सीटों में 5.5 लाख वोटों का मिलान ईवीएम से नहीं हो पाने से खारिज किए गए

नई दिल्ली (ब्यूरो)। 4 जून 2024 को भले ही चुनाव आयोग ने परिणाम घोषित कर दिए हों मत बढ़ाए जाने को लेकर मतदान के तीन दिन बाद तक जानकारी जारी की जाती रही, तो दूसरी ओर 162 निर्वाचन क्षेत्रों में ईवीएम द्वारा डाले गए 5 लाख 44 हजार 598 मतों को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया, वहीं चुनाव आयोग ने 176 निर्वाचन क्षेत्रों में ईवीएम में जितने वोट डाले गए उससे 35093 वोट अधिक दर्ज किए हैं। इसमें कुछ सीटें ऐसी हैं जहां मतों का अंतर इसके बाद बेहद कम हो गया है। rejected vote in loksabha
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द क्विंट ने चुनाव आयोग द्वारा जारी आंंकड़ों के दो सेट की जांच की तो पहला मतदान प्रतिशत या ईवीएम द्वारा डाले गए वोटों की पूर्ण संख्या और दूसरा रिजल्ट के दिन प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में गिने गए ईवीएम वोटों की संख्या जिसमें 542 लोकसभा क्षेत्रों में से 538 लोकसभा क्षेत्रों में गड़बड़ी पाई गई। यहां टर्न आउट डेटा और ईवीएम में डाले गए मतों का मिलान नहीं हो रहा है। ईवीएम में दर्ज वोट और गिने गए वोट में बड़ा अंतर दिख रहा है। इसका मतलब यह है कि कम से कम 267 निर्वाचन क्षेत्रों में यह अंतर 500 वोटों से अधिक का था। rejected vote in loksabha
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बात-बात पर सफाई देने वाला चुनाव आयोग इस मामले में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में पहले चरण केे मतदान के अनुसार आंकड़ों में 14,30,738 वोट ईवीएम में डाले गए थे, जिस दिन गिनती हुई 4 जून को तो 14,13,947 वोट गिने गए, यानी 16,791 वोट कम रहे। आसाम के करीमगंंज में भी 11,36,538 वोट ईवीएम में बताए, मतगणना के दिन 11,40,349 वोट गिने गए, यानी 3,811 वोट अधिक थे। ऐसे कई लोकसभा क्षेत्रों में डाटा बेमेल पाया गया है।
source – द क्विंट
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