52 टन वजन के 1 सेगमेंट से किया लोड टेस्ट
अगले माह से रेडिसन चौराहे पर होगा स्पॉन का काम, आकर लेने लगेगा स्टेशन

इंदौर। कोरोना काल के दो साल की तमाम बाधाओं को दूर करते हुए इंदौर मेट्रो परियोजना में एमआर-10 ब्रिज स्थित टोल प्लाजा के पास से शुरू हो रहे कॉरिडोर पर दूसरे स्पॉन का लोड टेस्ट 52 टन वजन वाले सेगमेंट से किया गया। अगले माह रेडिसन चौराहे के पीलर पर स्पॉन बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। वहीं एमआर 10 पर बनने वाला पहला स्टेशन भी आकर लेने लग जायेगा।
शहर में बनाई जा रही मेट्रो परियोजना का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। एमआर 10 ब्रिज के पास इसका एक स्पॉन बनने के बाद कंपनी ने दूसरे स्पॉन का लोड टेस्ट पूरा कर लिया है। अब जल्द ही यहां पर एक पीलर से दूसरे पीलर के 32 मिटर की दूरी पर 52 टन के 11 सेगमेंट चड़ाए जाएंगे। वर्तमान में एमआर 10 से रेडिसन चौराहे तक 7 किलोमीटर का मेट्रो ट्रेक तैयार हो रहा है।
अगर बगैर किसी रुकावट के काम इसी तरह चलता रहा तो सम्भवत: 2024 में इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट का पहला फेस तैयार हो जाएगा। मेट्रो सूत्रों के अनुसार प्रोजेक्ट का काम यहां दिन रात चल रहा है। 230 करोड़ के इस प्रोजेक्ट का यह एलिवेटेड कारिडोर एमआर-10 ब्रिज से शुरू होकर चंद्रगुप्त चौराहा, सुखलिया, मेघदूत गार्डन, विजय नगर चौराहा, रेडिसन चौराहा पर रिंग रोड होते हुए मुमताज बाग कालोनी तक बनना है।
सरकार की यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब साकार होती दिखाई दे रही है। दो साल की तमाम बाधाओं के बाद एमआर-10 ब्रिज के पास इस प्रोजेक्ट की उम्मीद का दूसरा स्पॉन भी आकर लेने लगा है। जो इस प्रोजेक्ट के लिए मील का पत्थर साबित हुआ जब एलिवेटेड कॉरिडोर के दूसरे पीलर का लोड पूरा हुआ। अब इस लोहे के ढांचे में सीमेंट-कांक्रीट भरकर इसे भरा-पूरा आकार दिया जाना शेष है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट पर लंबे समय से छाई निराशा की धुंध भी छंट गई है। मेट्रो परियोजना को देखने यहां दर्जनों लोग रोज आ कर इसे देख खुश हो रहे है।