देशभर के 111 मसाला उद्योगों के लायसेंस रद्द
निर्माण पर तत्काल रोक, बड़ी तादाद में सैंपल फैल मिले

नई दिल्ली (ब्यूरो)। लंबे समय से देश में मसाले बनाने वाली कंपनियों के मसालों की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे थे, परंतु इस बीच हांगकांग, आस्ट्रेलिया, अमेरिका में मसालों की जांच में पाए गए इथाइल आक्साइड के बाद प्रतिबंध लगाकर सारे कंटेनर देश में वापस रवाना कर दिए गए थे। इसके उपरांत सरकार ने देशभर की मसाला कंपनियों को लेकर अलग-अलग राज्यों से 2200 सैंपल एकत्र किए थे। इनमें से कई बड़ी कंपनियों के सैंपल भी लिए गए थे। spice industries Licenses canceled
पहली जांच के बाद भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएफएसआई) ने 111 मसाला उद्योगों के लायसेंस रद्द करते हुए इनके उत्पादन को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। वहीं इनके सील करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इनमें से कई कंपनियां मसालो का निर्यात कर रहीं थी। दूूसरे दौर की जांच में अब बड़ी कंपनियां इसके दायरे में ली जाएंगी। इसमें एमडीएच और पुष्प ब्रांड के मसाले भी शामिल हैं।
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सिंगापुर और हांगकांग के बाद, नेपाल ने भी कथित गुणवत्ता संबंधी चिंताओं को लेकर भारतीय कंपनियों के कुछ मसाला उत्पादों के आयात और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। नेपाल के खाद्य प्रौद्योगिकी और गुणवत्ता नियंत्रण विभाग के अनुसार, 2 भारतीय ब्रैंड्स के चार मसाला उत्पादों को संदिग्ध एथिलीन ऑक्साइड या ईटीओ विकार के कारण प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके तहत करी पाउडर, सांभर मसाला पाउडर, मिश्रित मसाला करी पाउडर तथा फिश करी मसाला पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। spice industries Licenses canceled
विदेशों में पहले ही भारतीय मसालों पर लग चुका है प्रतिबंध
पिछले महीने, सिंगापुर और हांगकांग ने कैंसर से जुड़े कुछ ईटीओ के संदिग्ध ऊंचे स्तर का हवाला देते हुए दो भारतीय ब्रैंड्स के कुछ मसालों की बिक्री रोक दी थी। विदेशों से लगातार शिकायतों के बाद एफएफएसआई ने यह सैंपल उठाए थे, जिन कंपनियों के उत्पादन बंद किए गए हैं उनमें अधिकांश तमिलनाडु और केरल की इकाइयां हैं। मसालों में कई अशुद्धियां भी पाई गई हैं। अभी तक भारत में मसालों की गुणवत्ता को लेकर पिछले 50 सालों में कोई ध्यान नहीं दिया गया था।
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