इन्दौर। शहर में अपने प्लाट के लिए वर्षों से हजारों पीड़ित परेशान होकर भटक रहे हैं। कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में एक बार फिर पीड़ित लोग पहुंचने लगे हैं और अवैध कालोनाइजरों के साथ भूमाफियाओं, बिल्डरों के खिलाफ प्रशासन फिर सख्त हो गया है। आनंद विहार कालोनी (मोरोद) के पीड़ित कल जनसुनवाई में पहुंचे थे और कलेक्टर ने नक्षत्र देवकान लिमिटेड के कर्ताधर्ताओं को फोन पर जमकर लताड़ा। जल्द से जल्द प्लाट देने के आदेश दिए। वर्ष 2018 से 900 पीड़ित प्लाट के लिए भटक रहे हैं। इसी तरह अन्य कालोनियों के लोग भी अपना दु:खड़ा लेकर पहुंचे थे। indore collector ilayaraja
कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान आनंद विहार कालोनी के कई पीड़ित पहुंचे थे। बताया कि वर्ष 2018 में उन्हें प्लाट बेचा गया था मगर आज तक कब्जा नहीं मिला। यहां 900 प्लाट है अर्थात अधिकांश लोग पीड़ित है और पैसा देने के बाद भी अब तक अपना मकान नहीं बना पाए। किराए के मकान में रहने को मजबूत है। पीडितों ने कहा कि जब भी कालोनाइजर के पास गए तो ईडब्ल्यूएस के प्लाट बिकने के बाद कब्जा देने की बात कहता है।
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कई बार जनसुनवाई में आए लेकिन कलेक्टर तक नहीं पहुंचने दिया। कल कलेक्टर इलैया राजा टी ने जैसे ही पीड़ितों के आवेदन देखे और उनसे बात की वैसे ही मामले को लेकर फोन पर ही कालोनाइजर को जमकर लताड़ लगाई और जल्द प्लाट देने के आदेश दिए। ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह शहर में अलग-अलग क्षेत्रों से वैध-अवैध कालोनी के पीड़ित लोग पहुंचे थे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी इस तरह के मामले जनसुनवाई में आते थे मगर अभी भी बड़ी संख्या में लोग प्लाट के लिए दर-दर भटक रहे है।
हर सप्ताह जनसुनवाई का समय बढ़ रहा, पीड़ित बोले अब न्याय मिलने लगा
इन्दौर। कलेक्टर कार्यालय में होने वाली जनसुनवाई में हर सप्ताह भीड़ बढ़ रही है। कल भी पूरे जिलेभर से सैकड़ों की संख्या में पीड़ित पहुंचे और कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी को अपनी समस्याएं बताई। खास बात यह रही कि सुबह 10 बजे से ही जनसुनवाई शुरू हो जाती है, जो शाम 6 से 7 बजे तक चलती है। बैठक कक्ष के अलावा कलेक्टर कक्ष के सामने से लेकर एडीएम कक्षों के बाहर तक लोग खड़े-बैठे रहते हैं। सभी विभाग के प्रमुख भी कलेक्टर जनसुनवाई में अब मौजूद होते हैं। indore collector ilayaraja

