सुलेमानी चाय: बीजेपी की कमीज में दिख सकते हैं कांग्रेस के रमीज़

आफत से बचने के लिए रफत के इंतेजाम....आई के. लीज़ में अपनों ने डाला दही

सुलेमानी चाय

बीजेपी की कमीज में दिख सकते हैं कांग्रेस के रमीज़

बीजेपी

युवक कांग्रेस शहर अध्यक्ष रमीज़ खान पिछले दिनों प्रदेश मंत्री के अखाड़े में दण्ड पेलते दिखाई दिए, इसी के साथ पेलवान के जन्मदिन पर बधाई के साथ कानो में कुछ खुसुर-फुसुर भी करने लगे, जिससे कई लोगो को रमीज़ की कमीज पर पंजे के अलावा फूल के निशान भी नजर आने लगे है, फिलहाल तो रमीज़ ने मौजूदा सरकार के खिलाफ अच्छा मोर्चा खोल रखा है, और दम तोड़ती कांग्रेस के लिए वेंटिलेटर का काम कर रहे है, लेकिन अगर वक्त रहते रमीज़ को नहीं सम्भाला तो कांग्रेस शहर में युवाओं की टीम कमजोर हो सकती है।

आफत से बचने के लिए रफत के इंतेजाम

भाजपा को अपने अल्पसंख्यक मोर्चा से कोई बड़ी उम्मीदें नही लगती। फिर भी दो चार चाशनी के लड्डू थाल में सजा कर मक्खियों को भिनभिनाने का मौका जरूर दे देती है। मोर्चा, हज कमेटी और वक्फ कमेटियों में मुस्लिमो को बैठना इसकी मजबूरी है। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद की चाशनी खा रहे रफत वारसी का टेम अब खत्म होने वाला है। इसलिए रफत हज कमेटी प्रदेश अध्यक्ष के लड्डू को जीमने के लिए पंगत में बैठने की जुगाड़ में लगे है, बल्कि लगा क्या रहे है पंगत में तो बेठ ही गए है। हालांकि कई और भी हैं, जो पहले से भिन-भिना रहे है।

उधर मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष के लड्डू पर नासिर शाह भी नज़र गड़ाए बैठे है, ये तो रहे सुलेमानी के समीकरण, अब किसके परो में कितनी जान है ये तो हलवाई ही बताएगा। इंतेज़ार कीजिए।

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आई के. लीज़ में अपनों ने डाला दही

प्रदेश की सबसे बड़ी मुस्लिम एज्युकेशन संस्था इस्लामिया करीमीया की लीज इन दिनों मुस्लिम हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, पिछले दिनों कलेक्टर साहब ने जाते जाते सोसायटी की लीज निरस्ती का पत्र प्रशासन को सौंप दिया जो गड़बड़ी सालों पहले हुई फिर उस पर कलेक्टर साहब ने इतनी मोहलत क्यों दी, जाते-जाते किस के इशारों पर यह पत्र जारी किया गया हमारे हरिराम की माने तो इसके पीछे शहर के ही एक मुस्लिम रहमुना है वो कौन है इसका पता आप ही लगाइए, खैर वो कोई भी हो लेकिन आई के को बचाने वाले हाथ भी बहुत है, जिसमें सबसे पहले मंजूर बेग ने इस पत्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, इसी के साथ चेतावनी भी दी है कि आई के के लिए वे बड़े से बड़ा आंदोलन करने के लिए तैयार है।

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