निगम चुनाव में व्यस्त रहे इसलिए दिनेश पांडे का चुनाव हारे गए!

इंदौर अभिभाषक संघ चुनाव

इंदौर अभिभाषक संघ चुनाव
इंदौर अभिभाषक संघ चुनाव

इंदौर।

इंदौर अभिभाषक संघ के चुनाव में देर रात आए परिणाम के बाद गोपाल कचोलिया अध्यक्ष चुने गए। पूर्व अध्यक्ष दिनेश पांडे तीसरे नंबर पर रहे, जबकि लगातार तीन बार पांडे चुनाव जीत चुके है। कई वकीलों को इस बात का आश्चर्य है कि पांडे जैसा मिलनसार और हर समय उपलब्ध रहने वाला वकील कैसे हार गया। वहीं यह कहा जा रहा है कि नगर निगम चुनाव में उनकी पत्नी मैदान में थी। इसलिए वे महीनों तक कोर्ट नहीं आ पाए और लोगों से सीधा संपर्क नहीं रहा। इसलिए चुनाव हार गए। विरोधियों ने वोट काटने मेें भी कोई कसर नहीं छोड़ी।

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एक वर्षीय अभिभाषक संघ चुनाव में पहले जहां सुरेंद्र वर्मा लगातार कई बार जीतते रहे थे और वकीलों के लिए हर समय खड़े रहते थे। वहीं पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता दिनेश पांडे भी लगातार तीन बार अभिभाषक संघ के अध्यक्ष रहे और वकीलों की हर समस्या का निराकरण किया। मगर कल के चुनाव में तीसरे नंबर पर चले गए। पांडे को करीब 730 वोट मिले है, जबकि अध्यक्ष का चुनाव जीते गोपाल कचोलिया 1041 वोट मिले। दूसरे नंबर पर एल.एल. यादव रहे। इसी तरह सचिव पद पर 793 वोट प्राप्त कर घनश्याम गुप्ता ने विजय हासिल की।

बताया गया है कि कुल 3550 वोटों में से 2779 वोट डाले। पांडे की हार को लेकर यह कहा जा रहा है कि नगर निगम चुनाव में वे 3-4 महीने व्यस्त रहे और उनकी पत्नी पार्षद चुनी गई। इस कारण कोर्ट आना और वकीलों से संपर्क बनाए रखना काफी कम हुआ। इसलिए इस चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। वहीं कचोलिया और यादव लगातार वकीलों से संपर्क के साथ उनके सुख दुख में भी शामिल रहे और पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरे। देर रात चुनाव अधिकारी ने परिणाम घोषित किए। शेष उम्मीदवारों में उपाध्यक्ष पद पर एम.एस. पंडेतिया, सहसचिव संदीप शर्मा, कोषाध्यक्ष रत्नेश पाल विजयी हुए।

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