30 हाईराइज बिल्डिंग को ही फायर एनओसी

शहर में तनी खड़ी सैकड़ों बिल्डिंग !

30 हाईराइज बिल्डिंग को ही फायर एनओसी

इंदौर। शहर में हाईराइज बिल्डिंगों की फायर एनओसी का काम अब नगर निगम के पास है। मगर कई इलाकों में सैकड़ों की संख्या में हाईराइज बिल्डिंगें तनी है और निगम सूत्रों के अनुसार करीब &0 बिल्डिंगों को ही एनओसी जारी की गई है, जबकि आगजनी जैसी घटनाओं के बाद जान-माल का जहां भी बड़ा नुकसान होता है वहां सिर्फ जांच की बात कहकर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है। निगम की फायर और भवन अनुज्ञा शाखा में बैठे अधिकारी सबसे Óयादा लापरवाह हैं। सरकार ने एक साल पहले फायर एनओसी देने का काम नगर निगमों को सौंपा और अब अवैध रूप से तनी बिल्डिंगों को तोड़ने के सख्त निर्देश भी दे दिए गए हैं।

नियमानुसार हाईराइज बिल्डिंग की ऊंचाई 18 मीटर बताई जाती है, मगर भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारियों की माने तो 12 मीटर से ऊंची बिल्डिंग भी हाईराइज में गिनी जाती है, अर्थात 40 फिट से ऊंची बिल्डिंग को हाईराइज करेंगे। इसी तरह क्षेत्रफल की दृष्टि से 20 हजार स्क्वेयर फिट जमीन पर बनी बिल्डिंग हाईराइज होगी। इन बिल्डिंगों में सुरक्षा के सारे मापदंड पूरे होने चाहिए।

सबसे जरूरी फायर एनओसी होती है तो नगर निगम के भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारी के अलावा पुलिस विभाग और फायर पुलिस के अधिकारियों की भी अनुशंसा होती है। बकायदा मालिक को प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है, इसके बाद ही बिल्डिंग को सुरक्षा की दृष्टि से सही माना जाता है। अन्य नियमों का भी पालन करना होता है। इस सबसे बावजूद अवैध रूप से बिल्डिगों का धडल्ले से शहर में निर्माण हो रहा है। निगम सूत्रों के अनुसार &0 हाईराइज बिल्डिगों को ही फायर एनओसी एक साल में दी गई है। इससे पहले राÓय सरकार यह एनओसी जारी करती थी। शहर में सैकड़ों की संख्या में हाईराइज बिल्डिगें तनी खड़ी है। निगम और फायर पुलिस के अधिकारी दिनभर शहर में घूमते हैं, बावजूद इसके अवैध बिल्डिगें इन्हें नहीं दिखती है।

विजय नगर, निपानिया, क्षेत्र में सबसे अधिक हाईराइज बिल्डिंगें

शहर के पूर्वी इलाके में सबसे अधिक हाईराइज बिल्डिगें खड़ी है। विजय नगर, पलासिया, निपानिया, रिंग रोड, भवरकुआं, खंडवा रोड, राजीव गांधी चौराहा जैसे क्षेत्रों में हाईराइज बिल्डिंगें Óयादा है। निगम और पुलिस अधिकारी यदि ईमानदारी से इन बिल्डिंगों की जांच करें तो अधिकांश में फायर एनओसी नहीं मिलेगी। पिछले 5-7 वर्षों में तेजी से उक्त क्षेत्रों में हाईराइज बिल्डिगें बिन है। अब सरकार के निर्देश पर अवैध रूप से बनी बिल्डिगों में रिमुअल कार्रवाई की बात निगम के वरिष्ठ अधिकारी कह रहे हैं।

Also Read – illigal colony indore: आठ बार कोशिशें हुई फिर भी वैध नहीं हो सकी अवैध कॉलोनियां

भवन अनुज्ञा, फायर शाखा में अधिकारी नहीं बैठते

नगर निगम की भवन अनुज्ञा और फायर शाखा में जो अधिकारी पदस्थ हैं वे कार्यालय में कम ही आते हैं। यहां बाबुओं द्वारा यह बताया जाता है कि फायर एनओसी वाली बिल्डिंगों की सूची नहीं बनी है, जबकि भवन अनुज्ञा शाखा में 10 से 12 भवन अधिकारी पदस्थ हैं, लेकिन बहुत कम अधिकारी ही कार्यालय कभी-कभी आते हैं। इसी तरह भवन अनुज्ञा शाखा के अपर आयुक्त भी कार्यालय में व्यस्तता के कारण नहीं बैठ पाते हैं। इधर निगम ने करीब डेढ़ साल पहले ही फायर शाखा में कुछ कर्मचारियों की पदस्थापना की। तमाम सुविधा, संसाधन के बावजूद प्रदेश के सबसे बड़े नगर निगम इंदौर में हाईराइज बिल्डिंगों में फायर एनओसी को लेकर कोई सही जानकारी नहीं उपलब्ध बताई गई है।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.