शहर में दो बड़े अवैध निर्माण सबसे पहले निशाने पर लिए जाएंगे

मंजूरी के विपरित बनाई बड़ी इमारतों को गिराने का अभियान शुरु होगा

Dawa Bazar Indore
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इंदौर। मध्यप्रदेश के चार बड़े शहरों में नक्शा मंजूरी के विपरित और उससे अत्याधिक निर्माण को लेकर अब बड़ा अभियान शुरु किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दे दी है। इसी के साथ ही नगर निगम आयुक्त को इस मामले में बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं। सरकार प्रदेशभर में चल रहे अवैध निर्माणों पर लगाम लगाने के लिए यह कार्रवाई करना चाहती है। इसमें कई इमारते जो बिना मंजूरी के भी बन गई है उन्हें बड़े पैमाने पर तोड़ा जायेगा। ऐसे बहुमंजिला को भी चिन्हित किए जाने को लेकर कहा गया है। वहीं जिन अवैध निर्माणों पर उच्च न्यायालय से स्थगन ले रखा हो उन पर भी आगे कार्रवाई बढ़ाने को कहां गया है। इस मामले में इंदौर के दो बड़े अवैध निर्माण निशाने पर लिए जा रहे हैं। एमजी रोड़ पर स्थित शिव कोठी में नक्शे के विपरित जाकर पचास प्रतिशत से ज्यादा निर्माण होने के कारण यहां रजिस्ट्रियां रुकी हुई हैं तो दूसरी ओर इंदौर के सबसे बड़े दवा बाजार में नगर निगम द्वारा बनाई गई सड़क के नीचे भी सौ से अधिक दुकानें नक्शे के विपरित बनी हुई थी जिन्हें पंद्रह साल पहले तोड़ने के आदेश दिये गये थे। इस पर भी स्थगन ले रखा है।

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राज्य सरकार द्वारा एक बार फिर शहरों में मंजूरी के विपरित और बिना मंजूरी तन रही बहुमंजिला इमारतों को गिराने के साथ ही अतिक्रमण हटाने का भी प्लान बनाया गया है इसको लेकर नगरीय प्रशासन विभाग ने निगमायुक्तों को भी पत्र जारी किए हैं। इसमे सभी नगर निगम आयुक्तों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने यहां नियमों के विपरित किए गए अवैध निर्माण और पार्किंग की जगह बेचे जाने के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करें।

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अवैध निर्माणाधीन भवनों और स्वीकृत मानचित्र के विपरित किए गए निर्माणों को चिन्हित करने के लिए २० सितंबर तक समय दिया गया है। इसके बाद कार्रवाई प्रारंभ होगी और इसकी जानकारी संचालनालय में भी भेजी जाएगी। यह देखा गया है कि शहर में ऐसे कई भवन और व्यवसायिक निर्माण स्वीकृत एफएआर से दोगुने कर दिये गये है। इसके बाद भी स्थानीय निकाय द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब अवैध निर्माणों को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरु की जा रही है। इधर नगर निगम के सूत्र बता रहे हैं कि इंदौर शहर में अवैध निर्माणों की सूची में एमजी रोड़ पर ट्रेजर आईलैंड के सामने शिवकोठी पर बने व्यवसायिक भवन में पचास प्रतिशत से ज्यादा अवैध निर्माण नक्शे के विपरित हुआ है। indore atikraman news

20 सितंबर तक पहचान कर तैयारी शुरु करनी है

इस अवैध निर्माण को वैध करवाने के लिए लाखों रुपए रिश्वत के रुप में भी दिये गये थे परंतु तात्कालिन निगमायुक्त ने दो टूक इंकार कर दिया था कि वे इस अवैध निर्माण का पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं देंगे। इसके बाद इस भवन में बनी दुकानों की रजिस्ट्रीयां भी अभी तक रुकी हुई है। दूसरी ओर इंदौर शहर में एमवाय के सामने दवा बाजार के अवैध निर्माण ने पूरे प्रदेश में इतिहास रच दिया था। यहां पर नगर निगम की जमीन में नीचे तलघर बनाकर सौ से अधिक दुकाने सरकारी जमीन पर बनाकर बेची गई थी।

इसके अलावा ऊपर की दो मंजिलों पर भी भारी अवैध निर्माण था। indore atikraman news उच्च न्यायालय में लगी याचिका के दौरान अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश नगर निगम को दिये गये थे। इस पर दवा बाजार के निर्माताओं ने उच्च न्यायालय से ही स्थगन ले लिया था। पंद्रह सालों से भी ज्यादा हो गये नगर निगम ने इस स्थगन को खारिज कराने का कोई प्रयास कभी नहीं किया। उस दौरान भी अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम पर करोड़ों रुपए की रिश्वत का आरोप लग रहा था। बताया जा रहा है इन दोनों निर्माणों को लेकर नगर निगम ने तानाबाना बुना जा रहा है।

इधर एबी रोड़ पर कारोबारी रमेश बाहेती के भवन को तोड़कर बनाये गये बहुमंजिला कारोबारी भवन में भी पचास प्रतिशत से ज्यादा अवैध निर्माण को लेकर शिकायत दर्ज हो चुकी है। यहां पर भी नक्शे को दरकिनार कर बड़ा निर्माण किया गया है। इधर पूरे जेल रोड पर 90 प्रतिशत तक अवैध निर्माण सड़क तक आ चुके हैं।

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