Indore Heavy Rain -आधी रात…पूरा शहर जलमग्न

सड़कों पर पानी नदियों की तरह बहा, कुल 33 इंच बारिश, दो माह शेष, इंदौर का कोटा पूरा

इंदौर। देश शाम से शुरू हुए भारी बारिश के दौर ने शहर को तरबतर कर दिया। आधी रात को पूरा शहर पानी से जलमग्न हो गया। सड़कों पर पानी नदियों की तरह बहा, जिसके कारण लोग रातभर परेशान होते रहे। अभी तक कुल 33 इंच बारिश हो चुकी है। वर्षा काल के दो महीने अभी बाकी है, लेकिन इंदौर का कोटा आज ही पूरा हो गया है।


प्रदेशभर में मंगलवार सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो गया था। इंदौर में शाम 7-8 बजे जोरदार बारिश हुई, जिसके बाद रात 10 बजे के बाद और भी बारिश का दौर तेज हो गया, जिसके कारण देखते ही देखते सड़कों पर पानी नदियों की तरह बहने लग गया। कई निचली बस्तियों में घरों में पानी भर गया। इस बारिश ने नगर निगम के सुरक्षा के सारे दावों की पोल खोल दी। कहीं सड़कें खुली है तो कहीं गड्ढे होने के कारण वाहन चालक गिरते नजर आए।

कई कारें जो सड़कों पर खड़ी थी, पानी के बहाव में जाने लग गई। लोगों के घरों में पानी भर जाने के कारण रातभर वे सो नहीं पाए। शहर में ऐसी 50 से 60 बस्तियां निचले क्षेत्रों में हैं जिनके सभी घरों में पानी भर गया। लोग इधर उधर राहत के लिए घूमते रहे।

सड़कों पर पानी होने के कारण वाहनों के पहिए थम गए और लोग घंटों तक वाहनों में ही फंसे रहे। कई इलाकों में बिजली गुल रही। मंगलवार शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला बुधवार सुबह भी जारी रहा। इंदौर में रातभर में चार इंच पानी बरस गया। मंगलवार रात 12 बजे यशवंत सागर के तीन गेट खोले गए। उधर इंदौर में अति वर्षा को देखते हुए कलेक्टर मनीष सिंह ने बुधवार को पहली से 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित है। कलेक्टर ने स्कूल संचालकों को निर्देश दिए हैं कि जो बच्चे सुबह स्कूल चले गए हैं, उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया जाए।

 

२४ घंटे में ५ इंच, औसत बारिश से आंकड़ा ३ इंच ही कम


इंदौर। शहर में कल से हो रही तेज बारिश के चलते रात में जहां कई इलाकों में 2 से 3 फीट पानी भर गया और कार, टू व्हीलर के साथ कई सामान बह गए। वहीं आज सुबह भी तेज वर्षा जारी रही। बीते 24 घंटे में करीब 5 इंच बारिश दर्ज हुई है जो इस मौसम में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं कुल बारिश 33 इंच हो गई है। जून माह से मानसून के सक्रिय होने के बाद इस माह 6 इंच बारिश हुई और जुलाई में 12 इंच औसत बारिश के बाद अगस्त का कोटा भी 12 इंच का अब पूरा हो गया है और हालांकि अगस्त में अब 14 इंच से अधिक बारिश हो गई है।


मौसम विभाग ने कहा है कि इंदौर में आज भी बारिश का दौर जारी रहेगा। कभी हल्की तो कभी तेज बारिश होगी। कल शाम से शुरू हुई बारिश रात 8 बजे गरज, चमक के साथ तेज बारिश हुई और इसके बाद देर रात में भी तेज बारिश का दौर जारी रहा। शहर में कई इलाकों में 2 से 3 फीट पानी भर गया जिससे लोग परेशान हुए। गाड़ियां डूब गईं और कई इलाकों में गाड़ियां बह भी गईं। बीते 24 घंटे में इंदौर मौसम के अनुसार करीब 5 इंच बारिश हुई है जबकि कुल आंकड़ा 33 इंच के करीब पहुंच गया है। अब इंदौर में औसत बारिश पूरी होने में 3 इंच ही शेष है अर्थात 36 इंच बारिश इंदौर जिले के लिए औसत मानी जाती है। संभवत: एक-दो दिनों में यह कोटा पूरा हो जाएगा। मानसून में अभी तेज बारिश का महीना भादौ पूरा बाकी है जिसमें झड़ी लगने की पूरी संभावना बन रही है। एक अनुमान के अनुसार इस बार बारिश 50 इंच से ऊपर निकल जाएगी। वर्ष 2020 में भी शहर में 53 इंच बारिश हुई थी और पिछले वर्ष कुल आंकड़ा 40 इंच के पार गया था।

महापौर ने सभी झेडो को किया अलर्ट

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बारिश के चलते सभी अधिकारियों को जहां रात में ही अलर्ट कर दिया था। वहीं आज सुबह फिर राऊ, द्वारिकापुरी, सुदामा नगर जैसे इलाकों में दौरे के लिए पहुंचे और मुख्य रूप से सभी झोनल अधिकारियों को अलर्ट रहने के लिए निर्देश दिए। झोनल अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य अधिकारी, सीएसआई, दरोगा को अपने क्षेत्र में ही पूरे समय मौजूद रहने के लिए कहा गया है। निचले इलाकों में निगम ने जेसीबी, डम्पर के साथ सभी संसाधन वर्कशॉप से रात में ही पहुंचा दिए थे और ड्रायवरों के साथ सभी कर्मचारी राहत के लिए उपस्थित रहने के निर्देश दिए।

बस्ती, अवैध कॉलोनियां लबालब


एक बार फिर शहर में निचले इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस गया। रात से ही लोग परेशान रहे और सुबह भी घरों से पानी निकालते रहे। नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी लोगों को बारिश में राहत नहीं दे पाए। बाणगंगा, कुशवाह नगर, नंदबाग, बजरंगपुरा, शिवकंठ नगर, निरंजनपुर, मालवीय नगर, मूसाखेड़ी, द्वारिकापुरी, चंदन नगर, सिरपुर, सुदामा नगर, बड़ा गणपति, भागीरथपुरा जैसे निचले इलाकों में सबसे अधिक परेशानी रही। यहां संकरी सड़कें, गलियां, चौराहे सब लबालब हो गए। सुबह लोग बड़ी मुश्किल से अपने कामधंधे पर पहुंच सके। निगम का अमला पूरी तरह से निष्क्रिय रहा। कई जगह कर्मचारी काम करने भी पहुंचे। निगम ने पिछले वर्षों में नाला टेपिंग में करोड़ों रुपए खर्च किए, लेकिन इस बारिश में फिर भ्रष्टाचार की पोल खुल गई और शहर में पानी की पर्याप्त निकासी कही नहीं रही। दो-चार इंच की तेज बारिश से ही पूरा शहर जलमग्न हो जाता है।

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