शहर की शान राजवाड़ा के दरबार हाल में बनाया जाएगा संग्रहालय

होलकरकालीन वस्तुओं, तस्वीरों, परिधानों के साथ ही हथियारों का किया जाएगा प्रदर्शन

(आशीष साकल्ले अटल)
इंदौर। महानगर की शान इंदौर के राजवाड़ा देखने वालों को अब न केवल एक बार फिर इस ऐतिहासिक एवं पुरातत्विक इमारत की खूबसूरती को निहारने का मौका मिलेगा, बल्कि होलकर शासनकाल के दौर की सामग्रियों, तस्वीरों, हथियारों और दस्तावेजों की भी जानकारी मिलेगी। इतना ही नहीं, एक बार फिर यहां लाइट एंड साउंड सिस्टम की शुरूआत भी हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि स्मार्ट सिटी कंपनी व्दारा दिसंबर २०१८ से होलकर राजवंश के राजवाड़े को संरक्षित किए जाने का काम किया जा रहा है, वह अब अंतिम चरण में है। इधर, पुरातत्व विभाग भी इसे और खास बनाने के लिए जतन कर रहा है। इसके तहत यहां पर संग्रहालय और अभिलेखागार बनाए जाने की कवायद की जा रही है। इस संग्रहालय एवं अभिलेखागार में रखने वाली ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं, तस्वीरों, दस्तावेजों एवं उस दौर के हथियारों को प्रदर्शित करने के लिए सूची तैयार की जा रही है। संभवत: १५ अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

दरबार हाल को दिया जाएगा संग्रहालय का स्वरूप
देखा जाए तो लगभग साढे तीन साल बाद राजवाड़ा जब एक बार फिर आम जनता एवं पर्यटकों के लिए खुलेगा तो इसका एक अलग ही रूप नजर आएगा। सात मंजिला इस ऐतिहासिक धरोहर की प्रथम मंजिल स्थित दरबार हाल में संग्रहालय स्थापित किए जाने की योजना को पुरातत्व विभाग मूर्त रूप देने जा रहा है। इधर, कुछ समय पहले यहां पर लाइट एंड साउंड शो भी शुरू किया गया था। एंग्री यंग मेन अमिताभ बच्चन की आवाज वाले इस लाइट एंड साउंड शो को लेकर कतिपय विशेषज्ञों का कहना था कि इससे इस ऐतिहासिक इमारत को खतरा उत्पन्न हो सकता है, जिसके चलते इसे बंद कर दिया गया था। अब जबकि इसे संरक्षित किये जाने का काम लगभग पूरा हो गया है तो एक बार फिर यहां लाइट एंड साउंड शो शुरू किए जाने की संभावनाएं तलाशी जा रही है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही इसे पुन: शुरू किया जा सकता है।

 

शोधार्थी भी होंगे लाभांवित
राजवाड़ा के दरबार हाल में बनने वाले संग्रहालय एवं गणेश हाल के ऊपर बने अभिलेखागार को सुव्यवस्थित किया जाएगा, जिसका लाभ शोधार्थियों को मिल सकेगा। वे यहां पर उस वक्त के मोढी लिपि में अंकित अभिलेखों का अध्ययन भी कर सकेंगे। इसके अलावा लालबाग पैलेस से संबंधित होलकर कालीन इतिहास की जानकारी पर्यटकों को देने के लिए आडियो-वीडियो रिकार्ड शुरू करने की योजना भी बनाई जा रही है।

क्या-क्या होगा इस संग्रहालय में
पुरातत्व विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राजवाड़ा के दरबार हाल में बनने वाले संग्रहालय एवं अभिलेखागार में होलकर काल की तलवारों के साथ बंदूकें, चार तोपें, अलग-अलग शासकों व्दारा जारी किए गए सिक्के, राज परिवार व्दारा इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तन, होलकर राज्य के १४ शासकों की तस्वीरों, होलकर शासनकाल में मनाए जाने वाले दीपोत्सव, होलिका महोत्सव, दशहरा, मोहर्रम आदि के फोटोग्राफ, एक दर्जन से अधिक होलकरकालीन तस्वीरें और होलकर शासकों के परिधान आदि प्रदर्शित किए जाएंगे। यहां पर इनकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। संग्रहालय में विशेष रूप से प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी, जो फोटोग्राफ, तस्वीरों और परिधानों के अनुकूल हो।

दोपहर ने तो पहले ही कर दी थी घोषणा
उल्लेखनीय है, कि दिसंबर २०१८ में राजवाड़ा को संरक्षित किए जाने का काम शुरू किया गया था। शुरूआत में इसका काम काफी धीमी गति से चला। इसके बाद, कोरोना काल में इसका काम अधर में लटक गया। इसके बाद, जब इसको संरक्षित किए की समयावधि दूसरी बार आगे बढाई गई थी, तभी दैनिक दोपहर ने यह घोषणा कर दी थी कि १५ अगस्त २०२२ को इसे जनता को लोकार्पित किया जाएगा। अब दोपहर की यह घोषणा सही साबित हो रही है।

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