क्षेत्र क्र. 4 वार्ड परिक्रमा : इस बार बोहरा क्षेत्र में भाजपा जगह बनाने में जूटी, कांग्रेस के झगड़े से कई वार्ड घाटे में

भाजपा महापौर उम्मीदवार की बढ़त कम होगी जीत का अंतर इस क्षेत्र से रहेगा

इंदौर। क्षेेत्र क्रमांक 4 के वार्ड क्रमांक 70, 71, 72, 73 इन चार वार्डोंमें से केवल वार्ड 73 में बोहरा समाज और मुस्लिम समाज की बड़ी आबादी है। भाजपा ने यहां बोहरा समाज से उम्मीदवार बनाया है। बोहरा समाज के वोट यदि भाजपा के पक्ष में गिरे तो यह वार्ड भाजपा के पास जा सकता है। दूसरी ओर वार्ड 70 में इस बार भरत रघुवंशी को उम्मीदवार बनाया है। जिन्होंने पिछली बार कांग्रेस से उम्मीदवारी होने के बाद बगावत की थी। वार्ड 71 में भाजपा ने मंडल अध्यक्ष और गौड़ परिवार की कट्टर समर्थक प्रीतम लूथरा की पत्नी को उम्मीदवार बनाया है। इस वार्ड में सिखआबादी नहीं के बराबर है, परंतु वार्ड भाजपा के पक्ष का रहा है। यहां पहले भाजपा से भारत पारीख पार्षद थे, जो विधायक गौड़ के कट्टर समर्थक हैं। सबसे ज्यादा खींचतान वार्ड 72 में है, जहां सिंधिया समर्थक योगेश गेंदर को भाजपा ने मैदान में उतारा है। वे पिछली बार भी कांग्रेस से चुनाव हारे थे।

वार्ड 70 लाबरिया भेरु

इस वार्ड से पिछले बार भाजपा के सुधीर देड़गे मैदान में उतरे थे और उन्होंने भाजपा को जीत दिलाई थी। यह वार्ड गरीब बस्ती और मध्यम श्रेणी परिवार के लिए ही जाना जाता है। इस क्षेत्र में अधिकांश लोग मजदूरी करते हंै। वार्ड में गरीब बस्तियां भी शामिल है। इस वार्ड से भाजपा ने भरत रघवंशी को मैदान में उतारा है। वे पहले कांग्रेस में थे उन्होंनें कांग्रेस से उम्मीदवार घोषित होने के बाद नाम वापस ले लिया था। यह वार्ड अनारक्षित वार्ड है। इस वार्ड से सुधीर देड़गे 2467 वोट से जीते थे। इस दौरान मालिनी गौड़ महापौर की उम्मीदवार थी। इस बार कांग्रेस ने अभिषेक करोसिया को मैदान में उतारा है। इस वार्ड में बड़ी आबादी हरिजन समाज से भी आती है। वार्ड का समीकरण अभी तक तो भाजपा के पक्ष में ही है।

वार्ड 71 समाजवाद इंदिरा नगर

यह वार्ड सामान्य बनिया और महाजन परिवारों का माना जाता है। अनारक्षित वार्ड होने के बाद भी यहां पर भाजपा ने गौड़ परिवार के समर्थक मंडल अध्यक्ष प्रीतम लूथरा की पत्नी हरमित कौर को मैदान में उतारा है। इस वार्ड में सिख आबादी के सौ घर भी नहीं है। दूसरी ओर इस वार्ड से कांग्रेस ने ब्राह्मण परिवार की नीता शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। चूंकि लूथरा गौड़ परिवार के करीबी हैं इसलिए मालिनी गौड़ ने इस वार्ड को बड़ी रणनीति बनाकर जीतने के लिए तैयारी की है। अभी तक यहां कांग्रेस बेहद कमजोर दिखाई दे रही है। वोटों का समीकरण यदि सामान्य जाति के साथ रहा तो कांग्रेस को कुछ लाभ मिल सकता है। पिछली बार इस वार्ड से भाजपा के भारत पारिख निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।

वार्ड 72 लोकमान्य नगर

इस वार्ड से भाजपा ने इस बार सिंधिया के कट्टर समर्थक योगेश गेंदर को उम्मीदवार बनाया है, जो पूरी तरह मंत्री तुलसी सिलावट के समर्थक हैं। इस वार्ड से भाजपा के कई दिग्गज नेताओं ने टिकट मांगा था। यह टिकट समझौते के तहत ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों को दिया गया है। वर्तमान प्रत्याशी योगेश गेंदर पिछली बार कांग्रेस से उम्मीदवार थे, पर वे भाजपा के प्रत्याशी शंकर यादव से चुनाव हार गए थे। इस बार वे भाजपा से उम्मीदवार हंै उनका मुकाबला कांग्रेस के प्रकाश पटेल से है जो पिछली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में मैदान में थे और उन्हें 3500 के लगभग वोर्ट मिले थे। इसलिए कांग्रेस ने वोटों के समीकरण के हिसाब से इस वार्ड से उन्हें उम्मीदवार बनाया है। पिछली बार यहां से विनिता धर्म ने कांग्रेस की रचना मिंडा को 628 वोटों से हराया था, जबकि यहां मुकाबला त्रिकोणीय था। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रकाश पटेल पिछले पांच सालों से चुनाव हारने के बाद भी इस वार्ड में निरंतर लगे रहे। जबकि दूसरी ओर योगेश गेंदर जमीनों के कई मामलों में विवादास्पद भी बने रहे। यह वार्ड कांग्रेस के पक्ष में जाने की पूरी संभावना है।

वार्ड 73 गुलजार कालोनी

यह वार्ड बोहरा समाज बाहुल्य कहलाता है और इस वार्ड में गुलजार कॉलोनी सहित कई अन्य निचली बस्तियां भी आती है। इस बार भाजपा ने यहां से मारिया महूवाला बोहरा समाज को मैदान में उतारा है तो दूसरी ओर कांग्रेस से सादिक खान की पत्नी शाहीन खान चुनाव मैदान में है। सादिक खान पिछली बार भी यहां से पार्षद रहे हंै। सादिक खान का बोहरा समाज के परिवारों पर भी प्रभाव है। इस वार्ड में यदि बोहरा समाज के वोट मारिया महूवाला के पक्ष में गिर गए तो सादिक खान के लिए कठिनाई खड़ी हो सकती है। पिछली बार सादिक खान ने भाजपा के हैदर अली को 1233 वोट से हराया था।

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