रेरा के निर्णय ने 1000 करोड़ के प्रोजेक्ट इंदौर में उलझाए

अब तक कुल 54 प्रोजेक्ट रद्द किए गए, सूची केवल 28 की डाली

इंदौर/भोपाल (ब्यूरो)। रियल इस्टेट नियामक प्राधिकरण द्वारा पिछले महीने पूरे प्रदेश भर के कई प्रोजेक्ट रद्द किए जाने के बाद अब शहर में कुल निरस्त होने वाले प्रोजेक्ट की संख्या 54 के लगभग पहुंच गई है। रेरा के इस कदम से शहर में 1000 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट उलझ गए हैं। इनमें से कई प्रोजेक्ट में बुकिंग भी हो चुकी थी, वहीं कई ऐसे भी हैं जो 2 से 3 साल से ज्यादा समय से रेरा में उलझे हुए हैं। उसके पीछे प्रोजेक्ट करने वालों का कहना है कि रेरा द्वारा कई जगहों पर नियमों के विपरित जाकर फैसले लिए जा रहे हैं जो उनके कानून में ही नहीं हैं। यानी कई विभाग द्वारा दी गई एनओसी को भी गलत मानते हैं। इसमें टीएनसी भी शामिल है।

अप्रैल माह में 26 प्रोजेक्ट रियल इस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा निरस्त किए जा चुके हैं। इसके बाद 28 और की सूची जारी की है जो अभी प्रोर्टल पर डाली नहीं गई है। अप्रैल में रद्द किए प्रोजेक्ट की सूची के अनुसार अब दो बार में कुल 54 प्रोजेक्ट इंदौर के रेरा से बाहर हो चुके हैं। इनमें 1000 करोड़ से ज्यादा का निवेश हो चुका है। कई जगह बुकिंग भी पूरी हो चुकी है। दूसरी सूची में जिन 26 प्रोजेक्ट को निरस्त किया गया है उनमें ही 400 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट बताए जा रहे हैं जो इंदौर, महू, सांवेर, देपालपुर में बनाए जा रहे थे।
दूसरी ओर इंदौर में जिन 28 प्रोजेक्ट को रद्द किया गया है, उनमें से अधिकांश में प्लाटों और फ्लैटों की बुकिंग हो चुकी है। रेरा के इस कदम से प्रापर्टी बाजार में घबराहट का माहौल तैर गया है। पूरे प्रदेश भर से निरस्त किए गए 118 प्रोजेक्ट में अब नए सिरे से प्रक्रिया प्रारंभ करनी होगी, जिसके कारण यह प्रोजेक्ट और लंबे समय तक उलझे रहेंगे।
दी गई सूची के अनुसार इंदौर के 28 प्रोजेक्ट निरस्त कर दिए गए हैं, जिसमें इंपीरियल अर्बन फेस-1, आर.सी. हाउसिंग कंपनी (इसका जमीन सर्वे नंबर 253/3 पार्ट, 254/3 पार्ट, 255 पार्ट, 256 पार्ट) है। यह टाउनशिप सांवेर में विकसित की जा रही है तो वहीं ज्ञानवती मिश्रा विहार, मीरा डेवलपर्स द्वारा खसरा नं. 350/2, 354/1, 350/10 और 350/1, ग्राम बेटमा, तहसीलपुर में काटी जा रही थी। इसके अलावा सांई कैंपस के नाम से सांई रियलिटीज खसरा नंबर 295/1, 297/1/1, ग्राम लिंबोदी, डिस्ट्रिक इंदौर में निर्मित की जा रही थी। इसके बाद स्प्रिंग फाइल्ड रबसुख इंटरप्राइजेस द्वारा सर्वे 857/1, 857/2, 857/3, ग्राम बिजलपुर, तहसील इंदौर में निर्मित की जा रही थी। इसके बाद महम रेसीडेंसी शेख मोहम्मद सलीम द्वारा काटी जा रही थी। इसका सर्वे 52/1/2 पार्ट, 52/1/3, 52/2/1, 52/2/2, 52/2/3, 52/2/4, 52/3/1, तहसील इंदौर में काटी जा रही थी। इसके उपरांत सार्थक ग्रीनफील्ड के नाम से नाकोड़ा इंफ्राट्रेड प्रापर्टीज खसरा नंबर 56/2/1, 56/2/2, 56/3 पार्ट, 56/1 सांवेर तहसील में काटी गई है तो वहीं एक अन्य सम्पत होम्स, जो राजनीतिक आधार पर ताकतवर नेता विशाल पटेल का प्रोजेक्ट है, इसके खसरा नंबर 251/1/5/2, 251/1/5/3, 251/1/5/4, 251/1/5/5, 251/1/5/6, 251/2, 251, तहसील इंदौर में काटी जा चुकी है।

कई बड़ी कंपनियों के प्रोजेक्ट उलझने के बाद अब इंदौर की जमीन कारोबार पर पड़ेगा असर


इंदौर। इसके बाद शुभम विला, शुभम सिटी होम्स प्रा.लि. खसरा नंबर 1411 राऊ, नियर डीपीएस राऊ, तहसील और जिला इंदौर में टाउनशिप काटी गई हैं। सेंट्रल आईटी कॉरिडोर राजाराम सन ऑफ नारायण एवं शिव जमीनों के सर्वे नंबर खसरा नंबर 273, 274/1/2/1, 266/1/1 देपालपुर तहसील में कामकाज चल रहा है।
इसके उपरांत सांई सुदर्शन सिटी रबसुख इंटरप्राइजेस सर्वे नंबर 55/1, 56/2, 55/2, 56/1, ग्राम राऊखेड़ी तहसील सांवेर में काटी जा रही है। कमला बिजनेस पार्क, कमला एवेन्यू रिसोर्ट इंडिया खसरा नंबर 45, 46/1, 51/1, ग्राम खजराना इंदौर, साहिल एलाइड, साहिल इंफ्रा आरसीएम-8, सेक्टर-ई, स्कीम नंबर 140, इंदौर, आनंद पार्क, मैसर्स जाजोदिया कंस्ट्रक्शन, खसरा नं. 1109/1/2/5, 1109/1/2/4, गांव खजराना, तहसील इंदौर, महिमा स्मार्ट सिटी फेज-2, महिमा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. वार्ड नंबर 37, ग्राम बड़ा बांगड़दा, सुपर कॉरिडोर, तहसील हातोद, श्रीनाथ टाउनशिप मिड इंडिया कंस्ट्रक्शन प्रा.लि. खसरा नं. 180, 187, 208, 185/2, 186/2, 181, 188, 185/1, 186/1, 207, सभी इंदौर, आटोमन विंड्स स्पेशलाइज इंफ्रा इंटरनेशनल खसरा नं. 629/1, 629/2, 630, 639/2, 619/1, 619/2, 631/1, 628 ग्राम हातोद इंदौर, स्काई हाइट्स श्रीराम इंफ्रा-वे प्रा.लि. अपोजिट क्वींस कॉलेज खंडवा रोड, इंदौर पूरे प्रोजेक्ट को ही रद्द कर दिया गया है। सेंजाय-45, राजेंद्र पटवारी हलका नंबर 24, ग्राम हरसोला महू, दीपचित्रा पार्क टाउनशिप काटने वाले रायल विक्रम बिल्डर्स गांव मूसाखेड़ी के अलावा राधे समृद्धि, बिल्डर्स प्रतीक सियाल 15-ए, स्कीम नंबर 71, सेक्टर-सी इंदौर भी अनियमितताओं के साथ बनाई जा रही थीं।
सांईराम बिल्डकॉन एस-4, आनंद कुमार टिगरिया द्वारा ग्राम दतोदा, खंडवा रोड, महू तहसील के अंतर्गत निर्मित की जा रही थी, वहीं ए.एम. गिनी राशिद शेख, प्लाट नंबर 307, उत्कर्ष पैराडाइज कालोनी, राऊ-पीथमपुर रोड, देपालपुर में विकसित की जा रही थी, वहीं अंबिकापुरी कालोनी विनोद शुक्ला द्वारा काटी जा रही थी, जिसका खसरा नंबर 355/1, 355/3, 356/1/1, 356/1/5, 357/3 छोटा बांगड़दा इंदौर, वहीं इंदौर में ही प्रमोटर्स द्वारा तैयार किए गए टाउनशिप को भी रद्द किया गया है। इसके अलावा हिना पैलेस के दो प्रोजेक्ट दिलीप सिसौदिया और संपत देवकान प्रा.लि. द्वारा हिना पैलेस नियर संचार नगर खजराना, हिना पैलेस नियर संचार नगर इंदौर दोनों को ही निरस्त कर दिया गया है।
इसके अलावा अंसल टाउन इंदौर हाउसेस प्रमोटर्स मैसर्स अंसल हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन द्वारा ग्राम तलावली चांदा में निर्मित किए गए पूरे प्रोजेक्ट को ही निरस्त कर दिया गया है, वहीं श्री रॉयल टाउन प्रमोटर्स राकेश अग्रवाल, ग्राम भाटखेड़ी खसरा नंबर 300, 337/2, 337/3, 338/1, 338/2, 339, ग्राम महू में निर्मित की जा रही है।

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