वे अभिनय के अभिमन्यु बनकर पैदा हुए थे…

18 मार्च को 'शशि कपूरÓ के जन्मदिन के अवसर पर

इंदौर। 18 मार्च को फिल्म जगत के पुराने और बडे कपूर खानदान के सदस्य ‘शशि कपूरÓ का जन्म दिवस है। आपका जन्म इसी दिन सन् 1938 में ‘कलकत्ताÓ में हुआ था। आपको बचपन से ही अपने घर में फिल्मी माहौल देखने को मिला। पिताजी ‘पृथ्वीराज कपूर साहबÓ बड़े फिल्म स्टार थे। एक बड़े भाई ‘राजकपूरÓ भी स्टार बन चुके थे। दूसरे बड़े भाई शम्मीकपूर की अभिनय यात्रा शुरू हो चुकी थी।
शशि कपूर को सबसे पहले परदे पर आने का अवसर मिला अपने बड़े भाई राजकपूर साहब की फिल्में ‘आगÓ तथा ‘आवाराÓ में राज साहब के बचपन की भूमिका निभाते हुए, कुछ बड़े होने पर अभिनय के अलावा उनकी रूचि निर्देशन में भी हो गयी। उन्होंने कुछ फिल्मों के लिये सहायक निर्देशक का काम किया ये फिल्में थी – पोस्ट बाक्स 999, गेस्ट हाउस, दुल्हा दुल्हन, श्रीमान सत्यवादी, निर्माता- निर्देशक – बी आर चोपड़ा साहब की सन् 1961 की फिल्म ‘धर्म पुत्रÓ में शशि कपूर को पहली बार नायक की भूमिका करने का अवसर मिला।
शशि कपूर ने हिन्दी के अलावा कुछ अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया है ये है दी हाऊस होल्डर, सिद्धार्थ आगे चलकर उन्होंने स्वयं की निर्माण कंपनी की स्थापना की जिसका नाम था ‘फिल्म वालाजÓ इसके बैनर से – जुनून, उत्सव, विजेता, कलयुग और अजुबा का निर्माण किया, अजुबा का निर्देशन भी किया।
भारत सरकार द्वारा उन्हें 2011 में पद्म विभूषण, सन् 2015 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
आपने 12 अंग्रेजी और 148 हिन्दी फिल्मों में अभिनय किया है, उनमें कुछ फिल्में है – मोहब्बत इसको कहते हैं, राजा साब, रूठा ना करो, नींद हमारी ख्वाब तुम्हारे, जुंआरी, आमने-सामने, हसिना मान जायेगी, सुहाना सफर, कन्यादान, वचन, सत्यम शिवम सुन्दरम्, अभिनेत्री, फकीरा, चोर मचाये शोर, पतंगा, दिवार, कभी-कभी, शान, त्रिशूल, इमान धरम, बसेरा , प्रेम कहानी, नमक हलाल, वक्त, हिरालाल पन्नालाल, सुहाग, प्यार का मौसम, आदि लंबी लिस्ट है।
सन् 2017 में शशि कपूर का स्वर्गवास हो गया उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि
-सुरेश भिटे

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