Sulemani Chai: सुरमा इंदौरी-एक सुर, कई तान…ग़ैरों के कंधों पे अपनी बंदूक…

सुरमा इंदौरी-एक सुर, कई तान…
प्रदेश की सियासत में अब तक सुरमा (प्रदेश प्रवक्ता ) बन बयानबाज़ी का धुआँ उड़ाने वाले कांग्रेस के कद्दावर नेता अमीनुल सूरी को अब हाईकमान ने नया सुर दे दिया है। छत्तीसगढ़ का प्रभार अब सूरी के हाथ रहेगा । अब तक भारतीय जनता पार्टी को तानों की तान पर कटघरे में खड़ा करने वाले सूरी को अब दूसरे राज्य की पूरी ऑर्केस्ट्रा संभालनी है। साहब की खासियत ये रही है कि विरोध भी ऐसा करते हैं जैसे तबला और हारमोनियम साथ-साथ बज रहे हों ,सुर भी सटीक, लय भी दुरुस्त। राहुल गांधी की न्याय यात्रा में उनकी मौजूदगी भी इसी लिए थी। शहर में अल्पसंख्यक कांग्रेस को दो गुटों में बांटने का सेहरा इन्हें बंधा जा सकता है। साहब कांग्रेस के लिए कभी सुरमा तो कभी छुरी साबित होते रहे। अब देखना ये हे कि ये इंदौरी सूरमा छत्तीसगढ़ की सियासी मंडली को एक सुर में बांधते हैं या छुरी की नोक दिखा कर बांटते है।
वक्फ दुकानों पर ताले…
इन दिनों शहर में वक्फ की दुकानों पर निगम के ताले लगे हुए हैं। हालत ये है कि वक्फ को जिन दुकानों से सिर्फ दो-चार सौ रुपये किराया मिलता है, वही दुकानदार उन दुकानों को आगे किराए पर देकर दस गुना तक कमा रहे हैं। लेकिन वक्फ को छोटा सा किराया नहीं दे पा रहे। अब जब टैक्स नहीं भरा गया और दुकानें सील हुईं, तो सीधा इल्जाम बोर्ड पर आ गया। अजीब बात है—पुराने सदर नए को न हिसाब देते थे न गल्ले की चाबी। कुछ को छोड़ दे तो ज्यादातर का यही हाल रहता था ,तब किसी को चिंता नहीं थी। अब जब उन्हीं संपत्तियों से भलाई के काम और करोड़ों की तालीमी मदद शुरू हुई, उस पर कुछ कितने काम पर लग रहे हे। अगर किरायेदार ईमानदारी से किराया दे दें, तो न टैक्स रुके, न ताले लगें, न किसी को बदनाम करने का मौका मिले। इसी के साथ सर्जरी करती हुई डॉक्टर सनवर पटेल की कसावट और जिला कमेटियों के बेदाग निकल जाने पर भी साजिश चल रही है।
ग़ैरों के कंधों पे अपनी बंदूक…
कर्बला की क़ीमती जमीन जाने के बाद अब सी.आर.पी लाइन मस्जिद की बड़ी जगह पर सरकारी साया मंडराने लगा है और आज यहां बुल्डोजर भी चल गया। मौजूदा रिसीवर साबिर हाशमी हाई कोर्ट जाने की तैयारी में है। बड़ी बात अब यह है कि सुलेमानी सूत्रों के मुताबिक इस पूरे खेल के पीछे कुछ अपने ही थे। किसी को पुराने सदर से अपनी निजी दुश्मनी निकालनी थी, तो किसी को शादी हाल के किराए की याद दिलाना नागवार गुजऱा। जिसके बदले किसी और के कंधे पर बंदूक रख दी गई शिकायत भी हो गई और नाम भी नहीं आया सच तो ये है कि जब घर के चराग ही हवा देने लगें, तो आँधी को इल्जाम देना थोड़ा ज़्यादा मासूमियत भरा लगता है।
दुमछल्ला
गोलू मार रहे, गोल पर गोल…
शहर के बीच तुकोगंज वक्फ कमेटी के सदर अशफाक हुसैन (गोलू साहब) गोल पर गोल दाग रहे हैं। दो साल पहले सदारत में दो दो महीने की तनख्वाह तक बाकी थी, एकाउंट खाली थे, लेकिन कहते हे न कि, नीयत साफ तो मंजिल आसान,, इन दो सालों में मस्जिद में करीब 20 लाख का काम हो चुका है। स्कॉलरशिप ओर राशन किट में करीब 6 लाख दिए जा चुके है। जिन दुकानों का किराया अब तक 80 हजार रूपये महीना आता था, अब करीब डेढ़ लाख आएगा। इसी के साथ कमेटी का एकाउंट में भी छ अंकों में रकम मौजूद है। हिसाब भी सभी के लिए खुला है। कुल मिलाकर अल्लाह ने गोलू को साहब बना कर काम ले लिया है तो इस बार सुलेमानी सलाम गोलू साहब के नाम।
– मेहबूब कुरैशी ९९७७८६२२९९