BJP Indore Leaders: दिग्गज नेताओं के पास काम नहीं, आयोजनों में मेहमान की भूमिका

इंदौर में भाजपा की लूप लाइन

BJP Indore

इंदौर (शार्दुल राठौर)।

BJP Indore Leaders अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा अलर्ट मोड़ पर आ गई है, लेकिन इंदौर के दिग्गज भाजपाई नेता अभी लूप लाइन में ही बैठे है। पार्टी की गाइड लाईन के चलते इन नेताओं को दरकिनार कर दिया गया है, मुख्यधारा से दूर रहने वाले इन नेताओं की पूछ परख अब सिर्फ पार्टी के आयोजनों में मेहमान की रह गई है। लगभग यही स्थिति पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं की भी है।

चार साल पहले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन ने यह कहा था, अपनी उपेक्षा से कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा नहीं होना चाहिए। बड़े नेताओं ने मेरे जैसे पुराने नेताओं से संवाद लगभग बंद कर दिया है। यह स्थिति ठीक नहीं है, तब से आज तक इन स्थितियों में सिर्फ इतना बदलाव आया है, की ऐसे नेताओं की पूछ परख अब भाजपा के आयोजनों में मेहमान के रूप हो गई है। हालांकि अब भी कई पुराने भाजपा नेता ऐसे आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने से भी परहेज कर रहे है। पुराने दिग्गज नेताओं के साथ कई कार्यकर्ता भी इस उपेक्षा का शिकार हो रहे है। भाजपा मुख्य धारा के साथ संघटनात्मक ढांचे में भी ऐसे नेताओं के अनुभव को लेने से परहेज कर रही है। इंदौर में नगर अध्यक्ष, प्राधिकरण अध्यक्ष और महापौर को लेकर किया गया प्रयोग भी ऐसे पुराने नेताओं को रास नहीं आ रहा है।

Also Read – Gujarat formula: दिग्गजों के क्षेत्र बदलेंगे तो कई मैदान से इस बार बाहर होंगे

कभी शहर में दिग्गज नेताओं में शुमार भाजपाइयों का दर्द अब संगठन के फैसलों से अंदरूनी आक्रोश में बदल गया है, लेकिन अनुशासन के चलते ऐसे नेता और कार्यकर्ता खुलकर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। भाजपा में एक धड़ा उम्र के बंधन का शिकार हो चुका है, वहीं कुछ नेता गुट में बटने के कारण उपेक्षा का शिकार हो रहे है। ऐसे में पार्टी की मुख्यधारा से दूर रहने के कारण कई अन्य नेताओं ने भी पार्टी से दूरी बना ली है, अंदरूनी नाराजगी भी भाजपा में देखने को मिल रही है, लेकिन सत्ता में काबिज पार्टी में अनुशासन के चलते कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है,लेकिन दबी जुबान में उम्र के नियम पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर सवाल उठा रहे है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, और अमित शाह की उम्र पर पार्टी क्यों मोन है।

वहीं पार्टी में युवाओं को आगे लाने के फार्मूले पर काम कर रही भाजपा को अब इस नए प्रयोग को लेकर खुद के फैसले पर मंथन करने की स्थिति बन गई है, खास तौर पर इंदौर में अनुभव को दरकिनार कर युवाओं पर किया जा रहा यह प्रयोग 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी चिंतनीय हो रहा है। हालांकि जरूरत पढ़ने पर आगामी चुनाव में पार्टी ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को घर से बुलाकर काम करवाना अच्छे से जानती है, लेकिन चुनाव के बाद इन नेताओं की पार्टी में क्या भमिका रहने वाली है, ये वे अच्छे से जानते है।BJP Indore Leaders

दिग्गज भाजपाइयों का अनुभव दरकिनार

इंदौरी लूप लाइन के नेताओं की फेहरिस्त में सबसे पहला नाम सत्यनारायण सत्तन का आता है, जो हमेशा पुराने भाजपाइयों की उपेक्षा को लेकर हमेशा मुखर रहते है। वहीं पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे और उमा शशि शर्मा, पूर्व विधयाक सुदर्शन गुप्ता, बाबूसिंह रघुवंशी,भंवर सिंह शेखावत, चंदू मखीजा, अंजू मखीजा, गोविंद मालू पूर्व, पूर्व पार्षद व नगर अध्यक्ष कैलाश शर्मा, पूर्व विधयाक और नगर अध्यक्ष गोपी कृष्ण नीमा,जगमोहन वर्मा, ऐसे नाम है, जिन्हें फिलहाल पार्टी ने कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी है। इनमें से कई नेता तो सिर्फ पार्टी के आयोजनों में मेहमान की भूमिका में नज़र आते है। पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबू सिंह रघुवंशी जरूर भाजपा प्रदेश अनुशासन समिति के अध्यक्ष जरूर है, लेकिन उम्र के लिहाज से पार्टी को जो दायित्व उन्हें पहले दिया जाना था, उसके मिलने की उम्मीद अब नहीं बची है। BJP Indore Leaders

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.