चौथी बार पेट्रोल पर 2.61 पैसे डीजल पर 2.71 की बड़ी बढ़ोतरी

अब दिखेगा महंगाई का असर... कीमतें 10 से 15 प्रतिशत बढ़ेगी

PETROL PRICE HIKE TODAY

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नई दिल्ली (ब्यूरो)। एक बार फिर आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जोरदार वृद्धि की गई है। इसी के साथ अब यह तय हो गया है कि आने वाले कुछ दिनों में पेट्रोल 120 रुपए और डीजल 100 रुपए के पार हो जाएगा। इसी के साथ पेट्रोल पंपों की राशनिंग भी शुरू हो गई है। पेट्रोल पंप संचालक अब 200 लीटर के बल्क ग्राहकों को नहीं बेच पाएंगे। इधर इसके साथ यह तय हो गया है कि सरकार सारा बोझ एक बार फिर आम लोगों पर ही डालने जा रही है। अभी भी सरकार तेल कम्पनियों से लेने वाले डिविडेंट के साथ ही अपने टैक्स में कोई कमी नहीं कर रही है। पिछले 10 साल में सरकार ने आम लोगों से टैक्स वसूल कर 43 लाख करोड़ रुपया अपने खजाने में डाला है। तेल कम्पनियां भी अब लगभग मुनाफे पहुंच गई है। बढ़ी हुई कीमतों के बाद तेल कम्पनियों को 200 करोड़ रुपए प्रतिदिन का घाटा अधिकतम हो रहा है।

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। आज तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की। पिछले 12 दिनों में यह चौथी बार है, जब ईंधन की कीमतें बढ़ाई गई हैं। लगातार बढ़ते दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

क्यों बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के भाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के लगभग बनी हुई है। वहीं लगातार कमजोर होता रुपया और आयात लागत बढऩे की वजह से तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा रिफाइनिंग मार्जिन में बदलाव का असर भी ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है।

चारों तरफ से आएगी महंगाई
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। माल ढुलाई महंगी होने से फल, सब्जी, दूध और रोजमर्रा की दूसरी चीजों की कीमतें 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। डीजल महंगा होने से खेती और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। थोक महंगाई पहले से ही 8 प्रतिशत के पार जा चुकी है। जून माह में फुटकर महंगाई पर इसका असर दिखेगा।

सरकार अभी भी अपना मुनाफा नहीं छोड़ रही है
12 दिन के अंदर पेट्रोल और डीजल पर ….. रुपए बढ़ गए हैं। पहले तेल कम्पनियां हर दिन 1 हजार करोड़ का घाटा होने की बात बता रही थी कम्पनियों का कहना था कि 5 रुपए कीमत बढऩे पर घाटा 500 करोड़ रह जाएगा। फिर 2.50 पैसे कीमत बढऩे के बाद यह घाटा अब 200 करोड़ रुपए रह गया है। दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल पर डीलरों का मुनाफा जोडऩे के बाद भी अधिकतम 45 रुपए पेट्रोल उपलब्ध होता है। इसके ऊपर केन्द्र और राज्य सरकारों के टैक्स लगे हुए हैं। अभी भी राज्य सरकारें अपना हिस्सा छोडऩे को तैयार नहीं है। केन्द्र सरकार भी 38 रुपए तक लगभग टैक्स वसूल रही है। तेल कम्पनियों को अब मात्र 200 करोड़ रुपए लगभग का घाटा हर दिन हो रहा है। ऐसे में केन्द्र सरकार चाहे तो तेल कम्पनियों से लिए जाने वाले डिविडेंट को न लेकर आम आदमी पर बोझ कम कर सकती है। वहीं रिजर्व बैंक से भी 2.75 लाख रुपए का डिविडेंट सरकार को मिला है। PETROL PRICE HIKE TODAY

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