Sulemani Chai: कांग्रेसियों की परहेजगारी..!सयाजी मे यादें साजिद…

कांग्रेसियों की परहेजगारी..!
इंदौर की सदर बाज़ार ईदगाह पर हर साल ईद की नमाज़ के बाद एक पुरानी रिवायत देखने को मिलती थी। कांग्रेस के बड़े नेता मुस्लिम समाज को मुबारकबाद देने जरूर पहुंचते थे। और अगर चुनावी मौसम हो, तो भाजपा के नेता भी इस सिलसिले में पीछे नहीं रहते थे। इस बार पहली बार ऐसा हुआ कि ईदगाह पर कोई बड़ा कांग्रेसी चेहरा दिखाई नहीं दिया। हाँ, जीतू पटवारी भोपाल में जरूर नजर आए, मगर इंदौर की ईदगाह जैसे अपने मेहमानों का इंतज़ार ही करती रह गई। अब सवाल उठना लाज़मी है—क्या वो रिश्ता, जो हर साल ईद की मुबारकबाद के बहाने निभाया जाता था, अब सिर्फ चुनावी मौसम तक सीमित रह गया है ? क्या मुस्लिम समाज कांग्रेस के लिए सिर्फ थोकबंद वोटों की गठरी बनकर रह गया है? ईद के मौके पर जहां गले मिलने की परंपरा होती है, वहीं इस बार दूरी कुछ ज्यादा ही महसूस हुई। ऐसे में समाज के बीच ये फुसफुसाहट भी सुनाई देने लगी है कि क्या अब उनके सुख-दुख में शामिल होने से भी परहेज होने लगा है।

सयाजी मे यादें साजिद…

पिछले दिनों शहर से साजिद मदनी अपने पीछे दोस्तों की बड़ी फेहरिस्त छोड़ इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनकी याद में एक सिलसिला शुरू हुआ जो कि होटल सयाजी में हुवा जिसमें कव्वाल आफताब कादरी के बच्चे के लिए भी दुवाएं हुई, पूरा मामला खुद में बड़ी अहमियत रखता है, क्योंकि शायद शहर के इतिहास में पहली बार खिराजे अकीदत पेश करने के लिए किसी को सयाजी मे जगह मिली हो, ओर सोशल मीडिया पर फोटू सेशन भी खूब चला, अब साहब लगता है किसी के जाने पर पांच सितारा और तीन सितारा होटलों से उसके लिए दुआओं का सिलसिला शुरू होने लगेगा। क्योंकि हम जीतेजी जिसकी कदर नहीं कर पाते, उसके मरने के बाद उतने ही शोर शराबे से उसके जाने का शोक मनाते हैें, शहर के लिए इसकी सबसे बड़ी मिसाल पत्रकार ताहिर कमाल रहे।

शहर कांग्रेस की छोटी टीम

शहर कांग्रेस की इस बार की टीम काफी छोटी रही मुस्लिम इलाकों से जब पार्षदों से नाम मांगे गए तो हाथ बढ़ाने के बजाय टांग खींचने की कवायद ज्यादा रही, प्रमोद टंडन के शहर अध्यक्ष रहते समय बनी जंबो टीम में मुस्लिमों की संख्या भी अच्छी खासी रही थी, लेकिन इस बार शहर में मात्र छै मुस्लिम सचिव बने जिसमें सत्तू पटेल कोटे से अख्तर नेता, शोभा ओझा कोटे से अयाज गुड्डू ,विपिन वानखेड़े ओर अमन बजाज कोटे से सदफ पठान अमन बजाज कोटे से गोलू पठान बने, अनस अहमद ओर इरफान शेख को अमीनुल सूरी अपनी ताकत से बना लाए , बाकी जगहों पर मुस्लिम पार्षदों ने नाम ही नहीं दिए ,जिससे शहर में कांग्रेस से भी मुस्लिम पदाधिकारियों की संख्या में कमी आ रही हे ।।

दुमछल्ला,,,,

आई के में चुनाव

प्रदेश की सबसे बड़ी मुस्लिम एजुकेशनल सोसायटी अब चुनाव की तरफ बढ़ रही हे हालिया कमेटी अपने मौजूदा कामों से वक्त निकालकर कर बेहतर काम कर रही हे, कमेटी की खास बात ये भी हे कि वक्त पर चुनाव की तैयारी हो रही हे १४,अप्रैल को चुनाव हे ।इस सोसायटी के स्कूलों ने शहर ओर प्रदेश को बहुत सारे नगीने तराश कर दिए हे तो साहब सोसायटी की बेहतरी में सभी को साथ देना चाहिए और जो बेहतर काम कर रहे हे उनका साथ देना चाहिए ।।।

मेहबूब कुरैशी 

9977862299

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