सैकड़ों गाडिय़ों के साथ इन्दौर में बिल्डर के यहां आयकर के छापे

इंदौर। प्रदेश के प्रतिष्ठित और प्रभावशाली व्यावसायिक घरानों में शुमार बीआर गोयल ग्रुप पर आयकर विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक साथ कई ठिकानों पर छापा मारा है। वर्षों से खुद को शुचिता और पारदर्शिता का प्रतीक बताने वाले इस समूह पर आयकर विभाग की यह सर्जिकल स्ट्राइक न केवल व्यापारिक जगत बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी भूचाल बनकर सामने आई है। समूह पर भारी टैक्स चोरी को लेकर कई प्रमाण मिले थे। प्रारंभिक स्थिति में ही नगदी और सोना-चांदी मिलने की सूचना है।
टैक्स चोरी, बेनामी संपत्तियों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े पुख्ता इनपुट मिलने के बाद विभाग ने बेहद गोपनीय रणनीति के तहत यह ऑपरेशन अंजाम दिया। तडक़े सुबह जैसे ही आयकर अधिकारियों का बड़ा दल बीआर गोयल ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर पहुंचा, पूरे प्रबंधन में हडक़ंप मच गया। रसूख और प्रभाव के दम पर वर्षों से खड़ा किया गया कारोबारी साम्राज्य एक झटके में कटघरे में आ खड़ा हुआ। यह कार्रवाई केवल इंदौर तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके तार देवास जिले के कन्नौद स्थित ठिकानों तक भी जुड़े हुए पाए गए। दोनों स्थानों पर एक साथ हुई दबिश ने यह साफ कर दिया कि जांच एजेंसियां इस बार किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं हैं। शेष पृष्ठ 16 पर
सुबह से ही शहर के कई पॉश इलाकों में आयकर विभाग की गाडिय़ों की आवाजाही और भारी सुरक्षा व्यवस्था ने आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
लॉकरों और गोपनीय दस्तावेजों की गहन पड़ताल
विभागीय सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान बंद कमरों में रखी गई तिजोरियों, लॉकरों और गोपनीय दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक संकेतों के अनुसार, यहां से करोड़ों रुपये की अघोषित आय, हवाला कारोबार से जुड़े संदिग्ध कागजात, फर्जी कंपनियों के जरिए किए गए लेन-देन और जमीनों के सौदों से संबंधित कई चौंकाने वाले दस्तावेज सामने आने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बीआर गोयल ग्रुप के साथ प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े शहर के कुछ नामी बिल्डरों, रियल एस्टेट कारोबारियों और रसद व्यापारियों के लेन-देन भी अब आयकर विभाग की जांच के दायरे में आ चुके हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस कार्रवाई की आंच कई बड़े नामों तक पहुंच सकती है। फिलहाल आयकर विभाग ने सभी परिसरों को अपनी कड़ी निगरानी में ले रखा है। किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध है और जांच टीम दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड, हार्ड डिस्क और बैंक खातों की गहन पड़ताल में जुटी हुई है। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और इसके बाद पूछताछ, समन और कानूनी शिकंजा और भी कस सकता है।
पूरे प्रदेश के कारोबारी
आयकर विभाग का यह बड़ा प्रहार न केवल बीआर गोयल ग्रुप के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के कारोबारी जगत के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि अब रसूख, पहुंच और प्रभाव के सहारे टैक्स कानूनों से बच निकलना आसान नहीं रहेगा। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के परिणाम आने वाले दिनों में प्रदेश की आर्थिक और राजनीतिक तस्वीर पर भी गहरा असर डाल सकते हैं।