सुलेमानी चाय- धोबी का कुर्ता बने बीजेपी के मुस्लिम नेता, घर के बचे ना घाट के…शहर काजी की समाधान पंचायत…खजराने में कांग्रेस की उठापटक…

धोबी का कुर्ता बने बीजेपी के मुस्लिम नेता, घर के बचे ना घाट के…

भारतीय जनता पार्टी के मुस्लिम नेताओं की गति अब दुर्गति में बदल गई है, तीन तलाक, एनआरसी हिजाब जैसे कई मुद्दों पर अपने मुंह में दही जमा कर बीजेपी का साथ देने वाले नेताओं की हालत अब और भी खराब होती जा रही है। मुस्लिम समाज में जहा इनकी इज्जत कम होती जा रही थी। वहीं इतनी कुर्बानियों के बाद भी बेचारों की हालत पर पार्टी को भी जरा भी तरस नही आ रहा है। शहर के कई मुस्लिम क्षेत्रों में जहां इन बेचारों की स्थिति अच्छी थी। वहां पर भी पार्टी ने इन पर भरोसा नहीं जताया। मजबूत क्षेत्रों में शेख असलम, रेहान शेख, उस्मान पटेल, कादिर कुरेशी फहीमउल्ला खान, इम्तियाज़ मेमन इनके अलावा और भी कई क्षेत्र ऐसे थे जहां पर यह दमदारी से लड़ सकते थे और कांग्रेसी को पानी पिला सकते थे, लेकिन फिर भी बीजेपी ने पूरे शहर से किसी मुस्लिम को टिकट ना देकर बीजेपी के मुस्लिमों को पार्टी में इनकी एहमियत का एहसास दिला दिया। उस्मान पटेल, शेख असलम, रेहान शेख, जहां निर्दलीय लड़ने का मन बना रहे है। वही लम्बे समय से भजपा में रहे अनवर देहलवी ने आप की झाडू थाम ली है। इसी के साथ बंटी टापिया व असलम खान ने आवैसी की पतंग की डोर संभाल रखी है। सभी से गुजारिश है ऊपर लिखे कुर्ते को कुर्ता ही पड़े।

शहर काजी की समाधान पंचायत…

मुस्लिम समाज में अपनी गलतियों की वजह से कई खामियां आ रही हैं। इसी के साथ साथ समाज का दानिशवर तबका भी काम पर लगा हुआ है। अच्छे कामों की कोशिश भी जारी है। पिछले दिनों शहर काजी इशरत अली ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जज शमीम अहमद के साथ एक मध्यस्था केंद्र का उद्घाटन किया जिसमें समाज के कई कानूनी मसलों को समझाइश के साथ हल किया जाएगा, जिससे दोनों पार्टियां थाने, कोर्ट और जेल के खर्चों और परेशानियों से बचेगी। बुरे दौर में अच्छी कोशिशों की सराहना होना चाहिए हम भी ऐसी कोशिशों को सलाम करते हैं।

खजराने में कांग्रेस की उठापटक…

सियासत में जो हो जाए कम है। पिछले निगम चुनाव में 38 से जहां अन्नू पटेल बीजेपी से टिकट मांग रहे थे। वहीं लक्की पैराशूट से अनं लक्की रहे। इस बार अन्नू टिकट ले आये। वहीं लक्की निर्दलीय या आवैसी की पार्टी से लड़ सकते है। साथ ही वार्ड 39 में एक तरफ रुबीना इकबाल खान कांग्रेस से टिकट चाह रही थी, लेकिन वाहिद अली सब को मामू बना कर टिकट ले आये थे। इस बार रुबीना इकबाल टिकट ले आई और मामू निर्दलीय लड़ने की तैयारी कर रहे है। इसी के साथ अगर इस बार भी 38 से कांग्रेस की हार और 29 से निर्दलीय की जीत हो जाए तो अचम्बभे की बात नहीं होगी।

दुमछल्ला
महिला वार्ड से पुरुष उम्मीदवार
रानीपुरा और चंदन नगर महिला वार्ड है, लेकिन ओवेसी की पार्टी यहां से पुरुष को चुनाव मैदान में उतारेगी। हां ऐसा ही एक लेटर जिला अध्यक्ष की मोहर के साथ जारी हो गया। इसमे रानीपुरा से मज़हर अंसारी और चंदन नगर से जावेद खान को मैदान में उतारा गया है। जिम्मेदार कह रहे है कि गलती से हो गया इसे सुधार लिया गया है। ठीक है पहला चुनाव है, इसलिए जनता पहली गलती माफ कर ही देगी।
-9977862299

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