133 एकड़ जमीन पर बिना कोई अनुमति बेच दिये सैकड़ों प्लाट

शहर की सबसे बड़ी अवैध कॉलोनी काटने वाले पर कार्रवाई में प्रशासन मौन क्यों?

इंदौर। एक ओर जहां जिला प्रशासन ने शहर में अवैध रुप से कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ अभियान चला रखा है अभी तक कई छोटे भूमाफियाओं को मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने के भी पूरे प्रयास कर लिये गये हैं। कुछ पर ईनाम भी घोषित हो चुका है वहीं शहर में इंदौर की सबसे बड़ी अवैध कॉलोनी में आज भी बिना किसी अनुमति के जमीनों की खरीददारी हो रही है। कृषि भूमि के नाम पर बेची गई पहाड़ी पर शहर के ही कई दिग्गजों ने भूखंड लिये हैं तो वहीं कई बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी इस अवैध कॉलोनी में जमीन खरीद चुके हैं। कनाड़िया रोड़ पर बंगाली चौराहे के आगे मोरया हिल्स के नाम से खजराना के हल्का नं ३० के अंतर्गत खसरा नं १४२९/१ पर १३३ एकड़ में यहां अवैध कॉलोनी काटी गई है। कॉलोनी काटने वाले ही १० से अधिक शिकायतें लगा चुके हैंकि हमने अवैध कॉलोनी काटकर प्लाट बेच दिये हैं। इसके बाद भी जिला प्रशासन में बैठे अधिकारी कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। मामला ऐसे रसूखदार व्यक्ति का है जो मुंबई से बैठकर इंदौर में पैसे समेट रहा है। अभी इसी जमीन का एक लाख वर्गफीट हिस्सा खरीदा गया जिसके नामांतरण की प्रक्रिया कलेक्टर कार्यालय में बाले बाले चल रही है। भूरी टेकरी पर कृषि भूमि बताकर रजिस्ट्रियां की गई हैं। जबकि टेकरी पर कभी भी कृषि भूमि के नाम से जमीन नहीं होती है।
यह जमीन राजस्व रिकार्ड में खजराना के जागीरदार श्रीमंत राजकन्या सावित्रीबाई के स्वामित्व एवं आधिपत्य में दर्ज थी। १९५० के खसरों में इन्हीं का नाम चढ़ा हुआ था। इस जमीन पर उत्तम झंवर, मधु झंवर ने वर्ष १९९५ से १९९७ तक कई भूखंड बेचे। १८३ रजिस्ट्रियाँ यहां हो चुकी हैं। बकायदा नक्शा बनाकर इस जमीन पर बिना किसी अनुमति के पूरी ताकत के साथ अवैध कॉलोनी काटी गई। ना ही डायवर्सन हुआ, ना ही कोई विकास अनुमति ली गई और ना ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से कोई नक्शा पास हुआ। आश्चर्य की बात यह है कि शहर की अवैध कॉलोनियों को लेकर किये गये सर्वे में भी इस अवैध कॉलोनी का नाम दर्ज नहीं है। जबकि यह इंदौर की सबसे बड़ी अवैध कॉलोनी है। भूखंडों की रजिस्ट्री को लेकर उत्तम झंवर और उनके भाई मधु झंवर में भी भारी विवाद होने के बाद मधु झंवर ने लगभग सभी सरकारी विभागों में यह शिकायत दर्ज करवाई है कि यहां पर उन्हीं के द्वारा उत्तम झंवर के साथ अवैध कॉलोनी काटी गई है। इसके बाद भी इस अवैध कॉलोनी के नक्शे नगर निगम में पास हो रहे हैं। जबकि दूसरी अवैध कॉलोनियों के नक्शे नगर निगम पास करने के लिए तैयार नहीं है। पिछले दिनों एक बड़े अधिकारी के भूखंड का नक्शा भी इसी प्रकार पास हुआ है। यहां पर अभी भी टूटीफूटी रोड़ है, उत्तम झंवर ने यहां पार्क की जमीन भी जो नक्शे में बताई भी उसे बेच दिया है। कुछ दिन पहले इसी जमीन पर एक लाख वर्गफीट जमीन एक ओर भूमाफिया ने खरीदी है। जिसके नामांतरण की प्रक्रिया जिला प्रशासन कार्यालय में पूरी तेजी से चल रहा है। तहसील न्यायालय जूनी इंदौर में इस प्रकरण के निराकरण के लिए इंदौर के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी का फोन भी आने का बताया जा रहा है। इसके अलावा सोनल जैन पति पवन जैन न्यू पलासिया ने भी १६ हजार वर्गफीट जमीन का नामांतरण करवा लिया है। इनके बारे में भी बताया जा रहा है कि किसी बड़े अधिकारी का परिवार है। यह जमीन पूरी तरह फर्जी कागजातों के आधार पर बेची जा रही है। वहीं जमीन के असली मालिक अपनी जमीन के लिए जिला प्रशासन से लेकर थाने के चक्कर काट रहे हैं।
पहाड़ी पर कृषि भूमि नहीं होती फिर भी हो रही है कृषि भूमि के नाम पर रजिस्ट्री
भूरी टेकरी का १३३ एकड़ भूमि पर ५ लाख ३८३८४ स्के.मीटर एरिया अवैध कॉलोनी के लिए रखा गया है। इसमे से ४ लाख ५७५४४ स्के.मीटर जमीन बेची जानी है। केवल प्लाट ही ७८.४७ एकड़ में बेचे जा रहे है। इसके लिए ३ लाख १७६८१ स्के. मीटर एरिया निकाला गया है। क्लब के लिए १ लाख स्के.मीटर, हास्पिटल के लिए ६ हजार स्के.मीटर और स्कूल के लिए ६ हजार स्के.मीटर जगह रखी गई है। पार्क के लिए ४६ हजार स्के.मीटर जगह छोड़ी गई थी जिसे भी अब बेचा जा रहा है। अभी भी यहां जमीन की खरीददारी हो रही है। मुंबई में बैठकर उत्तम झंवर यह कारोबार अवैध रुप से कर रहे हैं। जिला प्रशासन के कई अधिकारी छुट्टी मनाने के लिए और एशोआराम के लिए मुंबई में उन्हीं के मेहमान होते हैं। और इसीलिए इस अवैध कॉलोनी पर कोई कार्रवाई अभी तक सौ शिकायत के बाद भी नहीं हुई है और ना ही इसे अवैध कॉलोनी की सूची में डाला जा रहा है।

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