अमेरिका में कोहराम, एक ही दिन में ढाई लाख से ज्यादा डेल्टा मरीज मिले

750 की मौत, चीन में दो प्रांत सील, भारत में इसी माह पैर पसारेगी महामारी

वॉशिंगटन (एजेंसी)। एक बार फिर अमेरिका में कोरोना महामारी में की तीसरी लहर ने कोहराम मचाना शुरू कर दिया है। इस बार डेल्टा प्लस वैरिएंट ने बच्चों और युवाओं को नए सिरे से बीमार करना शुरू किया है। कल एक ही दिन में ढाई लाख से ज्यादा डेल्टा मरीज जांच में मिलने के बाद अमेरिका के लगभग सभी अस्पतालों में जगह मिलना मुश्किल हो गई है। बच्चों को हैलिकाप्टरों से अन्य अस्पतालों में पहुंचाने की व्यवस्था का प्रबंध किया जा रहा है। 750 लोगों की मृत्यु का आंकड़ा तीसरी लहर का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इधर चीन दो प्रांतों में डेल्टा वैरिएंट के मरीज तेजी से मिलने के बाद इन प्रांतों को सील कर दिया गया है। अमरीकी विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में इसी माह के अंत तक मरीजों की संख्या बढ़ना शुरू होगी और अक्टूबर में इसका पीक आ जाएगा। यह वैरिएंट पिछले वैरिएंट से ज्यादा तेजी से फैल रहा है। भारत में वैक्सीन की कमी और लापरवाही के चलते इसके परिणाम और घातक होंगे।
अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने इस मामले में फोन पर बताया कि इस समय अमेरिका में डेल्टा वैरिएंट के मरीजों की संख्या में बहुत तेजी से इजाफा हो रहा है। भीड़ भरे क्षेत्रों में इसका प्रभाव देखा जा रहा है। पाजेटिव होने वाले मरीजों में बच्चे और युवा सबसे ज्यादा पाए जा रहे हैं। इसके अलावा जिन्हें पिछली बार कोरोना हो चुका है वे वैक्सीन लगाने के बाद भी शिकार हो रहे हैं। पिछले 24 घंटे में लगभग सभी अस्पतालों के आईसीयू में जगह नहीं बची है। इधर स्कूलों को भी चेतावनी दी गई है कि वे बच्चों को स्कूल में चार मीटर की दूरी पर ही बैठाएं। अधिकांश शिक्षा घर से ही कराने के प्रयास किए जाएं। कई बच्चे अभी अस्पतालों में आईसीयू में भर्ती हैं। आपातकाल के लिए हैलिकाप्टर भी तैयार रखे गए हैं। वहीं दूसरी ओर चीन के दो प्रांतों में एक साथ डेल्टा वैरिएंट मरीज मिलने के बाद इन्हें सील कर दिया गया है। इसे लेकर पूरे चीन में घबराहट फैल गई है। यदि तीसरी लहर ने भारत में अपने पांव पसारे तो देश की अर्थव्यवस्था के साथ ही एक बार फिर महामारी के जाल में उलझ जाएगा। अमरिकी विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में सितंबर में यह बीमारी फैलना शुरू होगी और अक्टूबर अंत तक इसका पीक आ जाएगा। इस बार यहां दूसरी लहर से ज्यादा स्थिति खराब होगी। वहीं, अमेरिका व ब्रिटेन में बच्चों में संक्रमण के मामले पहले की दो लहर की तुलना में बढ़ गए हैं, जो हमारे लिए खतरे का संकेत हो सकता है।

 

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