गुस्ताखी माफ-सात घोड़ों पर एक चक्रधारी… जय हो…सर्वत्र तथास्तु… इस बार दिग्गी राजा ने भाजपा का रायता फैलाया…

 

 

 

 

सात घोड़ों पर एक चक्रधारी… जय हो…
इन दिनों तबादले की बयार पूरी तेजी से बह रही है। परंतु आउटर पर टेंट लगाकर बैठे कई अधिकारी इंदौर आना तो चाहते हैं पर वे चक्रधारी सुदर्शनधारी जिलाधीश मनीष सिंह के भय से आउटर पर ही रुके हुएहैं। आउटर पर बैठे एक अधिकारी ने कहा कि पहली बार ऐसे देव देखे हैं जो अकेले ही सात घोड़ों पर सवारी कर रहे है। जिनके घोड़े हैं वे अपनी लगाम अपने घर पर रखकर आराम कर रहे हैं। हालत यह है कि अमीर गरीब फिल्म का गाना याद आता है। चल बैठ जा… बैठ गई…चल खड़ी हो जा… खड़ी हो गई… जरा घूम जा… घूम गई… वापस आ जा… आ गई राजा आ गई राजा… शहर के सात विभाग यानी प्रशासन, नगर निगम, आईडीए, स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत, एकेवीएन, सहकारिता को एक ही लगाम से खींच रखा है सब घोड़े आंख बंद करके दौड़े चले जा रहे हैं। नहीं मालूम कहां जाना है बस दौड़े जा रहे हैं। कुछ हाफ रहे हैं पर छूट नहीं रहे हैं। कुछ घोड़े छुटकर भागना चाहते हैं पर नहीं भाग पा रहे हैं। ऐसे में आउटर पर ही तंबू में रहने में कोई बुराई नहीं है। हरछट मैय्या की कथा में आखरी में कहा जाता है जैसे उनके दिन फिरे वैसे हमारे दिन फिरे अब पता नहीं कब फिरेंगे।
सर्वत्र तथास्तु… 
पिछले दिनों एक तथास्तु के शुभारंभ में कांग्रेस के दिग्गज नेता जमा हो गये। आश्चर्य की बात यह थी कि एक दूसरे का मुखड़ा ना देखने वाले दिग्गी राजा और सज्जन वर्मा भी यहां मौजूद थे। अरुण यादव तो चाहे जहां बुलाये जा सकते है। मामला था भोपाल के पूर्वसांसद रहे के.एन. प्रधान की बेटी के दंत अस्पताल विजय नगर इंदौर के शुभारंभ का, इस दौरान कांग्रेस के एक-दूसरे को आंख दिखाने वाले दांत दिखाने के साथ बड़ी तादाद में मौजूद रहे। पहली बार मुंह दिखाने के बजाए दांत दिखाते रहें। यदि अभी भी जमीनी कांग्रेस तैयार नहीं हुई तो न मुंह दिखाने लायक बचेंगे ना दांत दिखाने लायक।
इस बार दिग्गी राजा ने भाजपा का रायता फैलाया…
कांग्रेस में रायता फैलाने का काम जाने-जाने वाले दिग्गी राजा ने इन दिनों भाजपा में भी बैठे बिठाए रायता फैला दिया। यह कहना है भाजपा के ही दिग्गज नेताओं का। पिछले दिनों दिग्गी राजा ने ट्वीट कर भाजपा के मामा की रवानगी को लेकर और नए मुख्यमंत्री के दावेदारो को लेकर विरोधियों की सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। अच्छा खासा चाय चूड़ा कार्यक्रम लंबे समय से जारी था और अगले 6 महीने बाद की तैयारियां भी शुरू की गई थी। मानना पड़ेगा उनके भाजपा के दिग्गजों से पहले भी रिश्ते थे और अभी भी है। इसके दो उदाहरण भी उन्होंने देते हुए कहा जब भाजपा संगठन के चुनाव में विक्रम वर्मा और सुंदरलाल पटवा शिवराज को लेकर आमने-सामने थे उस दौरान दिग्गी राजा ने फोन लगाकर विक्रम वर्मा के साथ दोस्ती निभाते हुए कहा कि माल की चिंता मत करना और तू चाहे तो मैं भी आकर खड़ा हो जाता हूं। इस पर विक्रम वर्मा ने कहा इधर आना भी मत नहीं तो बची कुची लुटिया भी डूब जाएगी। वहीं दिग्गी राजा जब दिल्ली जाते थे तो वे सारे काम निपटाने के बाद सुंदरलाल पटवा के निवास पर खाना खाते थे। इस दौरान उनके कार्यों को लेकर भी आश्वासन दे देते थे। वहीं विधायक रहे भंवरसिंह शेखावत को इंदौर के बहुचर्चित मोतीरमानी अपहरण कांड में बचाया था। उस दौरान अकारण उनका नाम इसमें आया था। इस समय भी कई दिग्गज भाजपा के दिग्गी राजा के रिश्तों का सम्मान करते है। दिग्गी के व्यक्तिगत एहसानों पर फिर किसी और दिन चर्चा करेंगे।
-9826667063
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