गुस्ताखी माफ -वर्षा के लिए आया धार के सादलपुर से रामबाण नुस्खा…

 

वर्षा के लिए आया धार के सादलपुर से रामबाण नुस्खा…
इन दिनों सोशल मीडिया पर धार के निकट सादलपुर के सरपंच का गधे पर बैठकर पूरे गांव में घूमना दिखाया जा रहा है। अखबारों में खबर नहीं छपी है। इस दौरान सरपंच के चेहरे पर भी मुस्कान है और गांव के लोगभी उनके आगे नाच रहे हैं। पूरे मामले की जानकारी ली गई तो पता लगा कि इस बार वर्षा के अभाव में यहां फसलें सूख रही हैं किसी पंडित ने यह ज्ञान दिया कि गांव के राजनेता को गधे पर बैठाकर ढोल ढमाके के साथ घूमाया जाए तो भरपूर वर्षा होगी। गांव वालों पर ईश्वर पर भरोसा था और इसके साथ पंच को गांव वालों पर भरोसा था फिर क्या था वे बैठ गये गधे पर और पूरे गांव में उत्साह के साथ घूमे और गजब हो गया शाम को झमाझम बारीश हो गई। इंदौर में भी अभी तक बारिश नहीं हो पा रही है प्रयोग करने में कोई बुराई नहीं है आम आदमी को राहत मिले तो देख लेना चाहिए और फिर शहर में इस समय गधे भी खाली घूम रहे है उनके पास भी कहने को हो जायेगा हमने ही भिया को घूमाया था देखो क्या बारिश हो रही है। और अगली बार के लिए रास्ता खुल जाएगा जैसे ही सूखा पड़े भिया और गधे दोनों व्यस्त हो जाएंगे। हालांकि मेंढक-मेंढकी के विवाह तो हो रहे है पर पानी नहीं गिर रहा। आजकल मेंढकों का पानी पहले ही इतना गिर चुका है उनको तो बस मेंढकी चाहिए कोई सी भी हो बस हो जाए… इनके भरोसे जरा कठिन है यह तभी संभव है जब मेँढक का कुछ तो चरित्र हो कभी इधर दिख रहे थे अब उधर दिख रहे है। इनके भरोसे पानी …. जरा कठिन लगता है। हालांकि कुछ जगह कुत्ते-कुतिया के विवाह भी करवाए जा रहे है। इसका भी फायदा नहीं मिल रहा है। यानि पानी नहीं गिर रहा है। अपून को तो गधे वाला ही ठीक लग रहा है। दोनों की इज्जत दांव पर रहेगी। नेताओं पर भरोसा हो ना हो गधे पर तो करेंगे ही उसने क्या बिगाड़ा है भैय्या… कार्टून में चेहरा खाली है अब आप पर छोड़ रहे है जिस पर आपको भरोसा हो उसका चेहरा बना ले और देखें बारिश हो रही है या नहीं….
मेरा भविष्य दांव पर है….
संगठन वंगठन तो बनते रहेंगे ना भी बने तो भाजपा का कोई काम रुकता नहीं है। नगर अध्यक्ष अब इन दिनों क्षेत्र क्रमांक 5 की उम्मीदवारी को लेकर गंभीरता से मैदान में आ रहे हैं। जबतक उन्हें चुनाव मैदान से दूर रहना था तो वे केवल भक्तों पर ही फोकस रखते थे परंतु अब इस क्षेत्र से तैयारियों को लेकर नमाजियों को भी समेटना पड़ेगा इसलिए उन्होंने अब नमाजियों की ओर खास ध्यान देना शुरु कर दिया है। ध्यान देना भी चाहिए एक लाख वोट का मामला है। हालांकि इस मामले में बाबा के अनुभव का लाभ उन्हें ले लेना चाहिए था। सबकुछ करने के बाद भी उनके ढाक के तीन पात ही रहे। पिछले दिनों 20 हजार के खजराना के ईनामी फरार को जब पुलिस ने उठाया तो उन्होंने सबको खड़खड़ा दिया। परंतु पुलिस विभाग के जादूगरों ने पहले से ही दिग्गजों को खड़खड़ा रखा था। अभी तो शुरुआत है आगे आगे देखते है होता है क्या।

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