चांदी के खेल के चलते इंदौर में १०० करोड़ से दिवालिया होंगे कई व्यापारी

राजकोट के बाद इंदौर में होनी है १२०० करोड़ की वसूली

Many businessmen in Indore will be bankrupted due to the silver game of Rs 100 crore.

Many businessmen in Indore will be bankrupted due to the silver game of Rs 100 crore.

इंदौर। पिछले छह माह से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार चढ़ाव उतार के कारण सोने चांदी के कई कारोबारी दिवालिया होने की स्थिति में पहुंच गये हैं। चांदी के इस खेल में गुजरात के ४४ कारोबारी दिवालिया घोषित करने के साथ ही ३६०० करोड़ से हाथ ऊंचे कर चुके हैं। इंदौर में भी १२०० करोड़ की वसूली को लेकर लगातार दबाव बना हुआ है। माना जा रहा है कि इंदौर में सौ करोड़ रुपये से ज्यादा से सोने चांदी के कारोबारी दिवालिया होने जा रहे हैं। पिछले दिनों चांदी के लगातार बढ़ते दाम के कारण लखनऊ के सोना चांदी कारोबारी ने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

इंदौर के सराफा कारोबारी का कहना है कि दो दिवालिया हो रहे हैं उनके चेहरे दिखाई देने लगे हैैं क्योंकि १२०० करोड़ की देनदारी चुकाने के लिए जो समय दिया गया था वो अब धीरे धीरे कम होता जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतों में तेजी से वृद्धि के कारण बुलियन बाजार में भारी अफरा तफरी मची हुई है। राजकोट के सोना चांदी व्यापारियों ने अपने यहां शटर दुकानों के बंद कर दिये हैं। पहली बार ऐसा हो रहा है कि सोने चांदी के कारोबारी भी आंकलन नहीं लगा पा रहे हैं। उनका कहना है कि माना जा रहा था चांदी की कीमत अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक जा सकती है। इसके बावजूद सवा लाख रुपये की कीमत के बाद अधिकांश व्यापारियों ने बाजार के रुझान के विपरित जाकर चांदी बेच दी अब लंबे समय से असमंजस बना हुआ है। व्यापारियों को उम्मीद थी कि जल्द ही चांदी के भाव नीचे आयेंगे परंतु अब यह संभव होता दिखाई नहीं दे रहा है। कल चांदी एक बार फिर ३ लाख ३० हजार रुपये किलो तक पहुंच गई है।

चांदी से जुड़े बड़े कारोबारी भी इस समय पंद्रह से बीस करोड़ रुपये के नीचे आ चुके हैं। अब केवल कुछ लोगों के हाथ ऊंचे करने का बाजार को इंतजार है। चांदी के कारोबार से जुड़े एक अन्य दुकानदार का कहना है कि हर दिन बढ़ रहे चांदी के भाव के कारण अब दुकानों में यह कहा जाने लगा है कि आर्डर दे दिजिए कुछ राशि जमा कर दिजिए जब लेने आयेंगे जो भाव उस दिन होगा उसी पर सामान दिया जाएगा क्योंकि कई छोटे दुकानदारों को नुकसान भोगना पड़ा है। भावों में असमान्य तेजी से कारीगर और व्यापारी बड़ी तेजी से बर्बादी की कगार पर पहुंच रहे हैं।

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