मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की महिलाओं ने लिया सबसे ज्यादा कर्ज
लोन चुकाने में भी महिलाएं पुरुषों से आगे

नई दिल्ली। अभी हाल ही में नीति आयोग की फ्रॉम बॉरोवर्स टू बिल्डर्सÓ वीमन रोल इन इंडिया फाइनेंशियल ग्रोथ स्टोरी नामक रिपोर्ट में बताया गया कि बैंकों से कर्ज लेने में महिलाएं भी पीछे नहीं है। अपने शौक को पूरा करने के लिए महिलाएं लोन ले रही हैं। इसके अलावा महिलाएं अपने क्रेडिट स्कोर के प्रति भी काफी सजग दिखाई दे रही हैं।
देश के मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश ऐसे राज्य है जहां पिछले 5 साल में महिलाओं द्वारा सबसे ज्यादा कर्ज लिया गया। खुद को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए महिलाएं अच्छी वित्तीय प्लानिंग भी कर रही है। महिलाएं सबसे ज्यादा लोन का इस्तेमाल खुद के लिए और घर खरीदने के लिए कर रही हैं. लगभग 42 फीसदी कर्ज खुद के इस्तेमाल में होने वाली वस्तुओं की खरीदी के लिए, साथ ही घर के स्वामित्व के लिए लिया गया है। वहीं लोन चुकाने में भी महिलाएं पुरुषों से आगे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में लोन लेने वालों की संख्या में महिलाएं पुरुषों की तुलना में आगे रहीं। क्रेडिट सूचना कंपनी क्रिफ आई मार्क (सीआईएम) की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं ने न केवल लोन लेने में बढ़त बनाई बल्कि पुरुषों की तुलना में ऋण चुकाने में भी बेहतर प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 तक सक्रिय महिला उधारकर्ताओं की संख्या 10.8 प्रतिशत बढ़कर 8.3 करोड़ हो गई, जबकि पुरुषों में यह वृद्धि केवल 6.5प्र. रही।
महाराष्ट्र टॉप पर
राज्यवार प्रदर्शन में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा। महाराष्ट्र ने होम लोन, बिजनेस लोन, प्रॉपर्टी लोन, ऑटो लोन, क्रेडिट कार्ड और एजुकेशन लोन के मामले में शीर्ष स्थान हासिल किया।
महिलाओं को ऋण देने में सरकारी बैंकों की रुचि बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी बैंक 2024 में महिलाओं को ऋण देने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। महिला उधारकर्ताओं का बकाया ऋण पोर्टफोलियो 18 प्रतिशत बढ़कर 36.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है। हालांकि, कुल उधारकर्ताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है।
महिलाएं बेहतर ऋण चुकाने वाली
रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं ने अधिकांश ऋण श्रेणियों में बेहतर भुगतान व्यवहार दिखाया है। गोल्ड लोन और टू-व्हीलर लोन को छोड़कर, महिलाओं का भुगतान प्रदर्शन पुरुषों से बेहतर रहा। महिलाओं ने कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन के मामले में भी पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन किया।