अब अवैध कॉलोनी मिलने पर कालोनाइजर के साथ जिलाधीश और निगमायुक्त भी जेल जाएंगे
न्यूनतम सजा सात साल तक और जुर्माना बढ़ाकर 50 लाख किया जा रहा है

इंदौर। सरकार और प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी अवैध कॉलोनियों को बनाने वालों की हिम्मत कम नहीं हो रही है अब इसके कारणसरकार को बहुत बड़ी राशि इन क्षेत्रों के विकास पर खर्च करनी पड़ रही है इसके बाद भी अवैध कॉलोनियां illegal colony बोझ बन गई है।
इन कॉलोनियों में प्लाट खरीदने वालों को भवन अनुज्ञा और पानी का कनेक्शन भी नहीं दिया जा सकता है। अब नगरीय विकास और आवास विभाग ने अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए एक ड्राफ्ट बनाया है जिसमे अवैध कॉलोनियों की शिकायतों पर जांच न करने वाले अफसर और कर्मचारियों को भी तीन साल की सजा और दस हजार रुपये का प्रावधान किया जा रहा है।
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प्राधिकृत अफसरों में कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त शामिल है। अवैध कालोनी पर कार्रवाई के लिए पुलिस सहायता भी उपलब्ध नहीं कराये जाने के मामले में पुलिस अफसरों पर भी कार्रवाई की जाएगी इसमे क्षेत्र के थाना प्रभारी दोषी माने जाएंगे साथ ही अवैध कॉलोनी बनाने वाले के लिए सजा और जुर्माना भी बढ़ाया गया है। इन प्रस्ताव को अगली कैबिनेट में लाया जा रहा है। इसके पूर्वविभागीय मंत्री भी अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के लिए प्रावधान बनाने का बोल चुके हैं। landmafia
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जुर्माना बढ़ाकर 50 लाख
अभी तक अवैध कॉलोनी बनाने वालों को कम से कम तीन साल और अधिक से अधिक दस साल की सजा का प्रावधान है नये नियम में इसे बढ़ाकर सात साल और अधिकतम दस साल किया गया है। (indore bhumafia) वहीं अवैध कॉलोनी बनाने वाले पर जो जुर्माना दस लाख रुपये था उसे बढ़ाकर पचास लाख रुपये कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इंदौर में ही उज्जैन रोड़ सहित कई क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों का कामकाज फिर से प्रारंभ हो गया है।
वहीं कुछ जगह डायरियों पर भी कालोनियां काटी जा रही है। वहीं दूसरी ओर वैध कॉलोनियों के लिए अनुमति की प्रक्रिया को भी आसान करने के साथ समयावधि तय की जा रही है ताकि अधिकारी दस्तावेजों को उलझाकर नहीं रख सकें। bhumafia
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