sulaimani chai -वक्फ के इस खेल मे, बहुत है रेलम पेल मे…थाना ढूंढो प्रतियोगिता…ना घर के ना घाट के…

sulemani chai

वक्फ के इस खेल मे, बहुत है रेलम पेल मे…

हाल ही मे जहा खसरा नंबर 170 को समाज और जिम्मेदारो ने बचा कर अपनी पीठ थपथपाई और सब भूल कर अपने काम पर लोट गए।वही शासकीय ज़मीन का खेल करने वाले जादूगरो ने कई खसरे निपटा दिए तो कुछ की तैयारी है इसमें बॉम्बे हॉस्पिटल पर करोडो का जस गार्डन कनाड़ीया का खसरा नंबर 502, वही बायपास पर इकानिया पर खसरा 366 शामिल है,इनमे कुछ तो बेच दिए गए तो कुछ की तैयारी है। इन धोटालो मे जहाँ कुछ नाम सामने है तो कुछ सफेदपोश अब भी पर्दे के पीछे काम पर लगे है।

खजराने के दो भांजे आपने मामा (अब्बू डब्बू )के भी दो कदम आगे निकल कर वक्फ की ज़मीन पर जादूगरी कर रहे हैं।वही कुछ पार्षद हिस्सा पा रहे है। तो कुछ हिस्से की जुगाड़ मे है। सूत्रों की माने तो खजराना के दो फेमस भूमाफिया और एक भूमाफिया को सरंक्षण देने वाले अल्पसंखयक नेता ने अपने भांजो को आगे कर दिया है एक क्रिकेट की बाल पर झक्के चौके से माल कमाता है, दूसरा एक कालोनी के पार्क में बैठ कर वैध कालोनी में अवैध सौदे निम्टाता है। दोनो भांजों ने मिलकर मामाओ की शय पर वक्फ को आसान शिकार समझ लिया है, अब सुलेमानी चाय वाला इनकी अगली पिछली कुडली निकाल के मिठी चाय में नमक डालने की तैयारी में है,,बाकी जनता जनार्दन को एक्टिव रहना पड़ेगा।

थाना ढूंढो प्रतियोगिता…

पिछले दिनों शहर के एक थाने मे बड़ा खेल हो गया अफसर जब काम्बिंग गश्त में मशगूल थे,यहाँ लाखो का शुभ लाभ हो गया कराया भी एक सटोरिये ने, जिसका एमआइजी,विजय नगर लसू?िया जैसे थानों में याराना है। बताया जाता है यहाँ कांबिग गश्त में लाखो का जुआ पक?ाया,जिसमे थाने पंहुचने के पहले जुआरी स्पॉट पर रहे चर्चित सटोरिये आशु को इस बात की जानकारी लगी। वह कार से आया पूरा काम किया और चले गया। मामले में मुखबिरी करने वाला भी सूखा सूखा रहा अब वो बाजार में बोलते फिर रहा है, टीआई ओर खुफिया के जवान ने ठग लिया । अब देखना ये है कि इस जोन में टीआई ओर सिपाही की करामात साहब तक पहुचती है या नही यहां छोटे साहब तो नारद की भूमिका में रहते है उन्हें बस खबरे चाहिए रहती है। चाहे इससे मिले या उससे अपना काम होना चाहिए बस ताकि वह अपने मतलब की खबरे ही बड़े साहब तक पहुचा।। बाकी आप दिमा? लगाओ थाना कौन सा है।

ना घर के ना घाट के…

शिहर मे भाजपा के एक मात्र मुस्लिम पार्षद जो आपने नाम और काम के साथ वार्ड जितने की माद्दा रखते है। भाजपा मे आने के बाद अपनी अहमियत कम करते जा रहे है, भाजपा मे भी अब पहले जैसी इज्जत नही मिल पा रही रही सही कसर सलीम मंसूरी ने खुले मंच से विरोध कर पूरी कर दी है। पहले पौधा अभियान कैलाश जी ने फिर तिरंगा यात्रा मे बाबा और भाजपा के दूसरे नेताओं ने भी फिलहाल पटेल से दुरी बना रखी है। अब देखना है की पटेल इसी तरह भाजपा मे रहते है या निर्दलीय सम्मान बरकरार रखते है, वैसे बजेपी से टिकट की भी ग्यारंटी नही है।

दुमछल्ला… झंडे की लड़ाई…

पंद्रह अगस्त को बड़वाली चौकी पर झंडे को लेकर व्यापरियो और पार्षद के बिच मन मुटाव हो चला है, हूवा हु की बड़वाली चौकी पर व्यापारीयों की तरफ से अब्दुल राजिक बाबा ने आठ बजे झंडावंदन का कर्यक्रम रखा वहा पार्षद अनवर कादरी ने सुबह साढ़े छ: बजे ही झंडा फ हरा दिया, अब साहब ये विवाद आगे क्या रंग दिखाता है ये तो वक्त ही बताएगा…

९९७७८६२२९९

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