Sulemani Chai: मजलिस में आग लगा दी घर के चिरागों ने…मटन मार्केट से बीजेपी ऑफिस तक सियासी खुशबू…

मजलिस में आग लगा दी घर के चिरागों ने…
मजलिस के बागियों ने वन मेन आर्मी भोपाली सदर मोहसिन अली की नाक में दम कर दिया है। मजलिस से इंदौर में विधान सभा चुनाव लड़े एक नेता जी के कट्टर समर्थक ने बागियों को लेकर मालेगांव की ओर कूच किया ओर इस्लाम पार्टी का झंडा इंदौर में बुलंद करना चालू कर दिया। इंदौर में आधे से ज्यादा एमआईएम के कट्टर कार्यकर्ता इस्लाम पार्टी में इज्जत के साथ नवाजे जा रहे हैं इंदौर के दो एआईएमआईएम नेता डॉक्टर फारूक को प्रदेश अध्यक्ष इस्लाम पार्टी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ए आई एम आई एम फाउंडर मेंबर नईम अंसारी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बन जाने से भी मजलिस के ताबूत में इस्लाम पार्टी की कील ठोक दी इस्लाम पार्टी ने मालेगांव में ओवैसी की पार्टी का सुपड़ा साफ कर दिया और पार्षदों के साथ ही मुस्लिम समाज के एक तरफ़ा समर्थन से अपना महापौर बनाया। लगता है कि अब मप्र के मुस्लिम क्षेत्रों में इस्लाम पार्टी से मुख्य मुकाबला मजलिस का होगा। सुलेमानी तो कुछ नहीं कहेगी मगर लगता है मजलिस के मध्य प्रदेश में बुरे दिन की शुरुआत हो चुकी आए दिन मजलिस के बड़े नेता पार्टी छोड़ रहे हैं और यूपी बिहार के नेताओं के किस्से कहानी सोशल मीडिया पर जबरदस्त ग्रोथ कर रहे हैं इस कारण भी मजलिस के कार्यकर्ता ओवैसी की पार्टी दूरी बना रहे हैं।

मटन मार्केट से बीजेपी ऑफिस तक सियासी खुशबू…
शहर में मुस्लिम आबादी के लिहाज से दूसरे नंबर पर आने वाले आजाद नगर में अब सियासत का तडक़ा लगने लगा है। भैया, मामला मटन मार्केट का है, जहां निगम और कसाइयों के बीच आए दिन तू-तू, मैं-मैं होती रहती है। हाल ही में निगम ने बाहर लगने वाली दुकानों पर ताले जड़ दिए। कसाइयों की दलील थी कि मामला अदालत में है, लिहाजा फैसले तक यथास्थिति बनी रहनी चाहिए। अब जब रोजी-रोटी पर बन आई तो कुछ भाजपाई रहनुमाओं ने भी एंट्री मार दी। कसाइयों को बीजेपी दफ्तर ले जाकर मीटिंग में अपने कार्यकर्ता के रूप में बैठा कर फोटो सोशल मीडिया पर चमका दिए। वाह रे सियासत! कल तक जो निगम से उलझ रहे थे, आज बीजेपी दफ्तर में बैठे नजर आए। फिलहाल कसाइयों को मदद मिली और मसला कुछ दिनों के लिए ठंडा पड़ गया।मगर जनाब, सियासत में मदद कभी-कभी उधार की तरह होती है, जिसकी वसूली वक्त आने पर होती है। कल लोकतंत्र बचाओ यात्रा में आजाद नगर के नए-नवेले सियासी दूल्हे नौशाद खान की मौजूदगी भी कुछ ऐसा ही पैगाम दे गई। मदद के नाम पर जो कसाई बीजेपी दफ्तर गए थे सभी को यात्रा में भी शामिल होना पड़ा। अब सवाल यह है कि कसाइयों का मसला हल कराने के साथ सियासी हाजिरी की पर्ची भी कट गई क्या?

लोकतंत्र बचाओ यात्रा में गायब होते गए मुस्लिम!
जुमे की नमाज़ भारी या सियासत की हाजिऱी? बीजेपी की लोकतंत्र बचाओ यात्रा में कल अजब नज़ारा देखने को मिला। एक तरफ स्कूल-कॉलेज के बच्चों को पढ़ाई छुड़ाकर यात्रा में लाने की चर्चा रही, तो दूसरी तरफ मुस्लिम नेताओं की हाजिऱी का रजिस्टर खुलते ही नाम कटने लगे। वजह थी जुमा! हमारे मोर्चे के राजा बाबू अपने सिर्फ सात लोगो के साथ पहुंचे जिनमें तख्तियां भी दूसरों की थी राजा बाबू का साथ सात कार्यकर्त्ता ने भी नहीं दिया मोर्चे के सिपहसालार एक-एक कर गायब होते गए आखिर में राजा बाबू भी रुख़सत हो गए। महेंद्र बाबा के सिपहसालारों ने जरूर कुछ देर दमखम दिखाया। इक्का-दुक्का तस्वीरों में नासिर शाह साहब भी नजऱ आए, ताकि सनद रहे कि हम भी कारवां में थे।इमरान शाह साहब अपनी टीम-टाम के साथ डटे रहे। खजराने के साथ आज़ाद नगर के नए-नवेले सियासी दूल्हे नौशाद खान भी बारात में दिखाई दिए। सबसे ज्यादा रेहान शेख मजमा लेकर पोहचे पर जुम्मे मे सदर को चंदा गिनवाना जरूरी रहता है तो सबसे पहले वक्फ टीम के सदर गायब हुए,,मगर सुलेमानी सवाल यह है हुज़ूर, लोकतंत्र बचाना जरूरी था या जुमे की नमाज़ सियासत की हाजऱिी हर बार जरूरी हो, ऐसा भी क्या जनाब! आखिर इबादत का भी अपना मुकाम है। सियासत में तस्वीरें खिंचवाना आसान है, मगर वफादारी और उसूल निभाना हर किसी के बस की बात नहीं!

बड़े मौलाना की छोटी बात…
शहर के एक बड़े मौलाना की नसीहतों की पोटली उस वक्त खुली जब एक दिन पहले ही मौलाना ने एक घंटे यतीमो के हुकूक पर बयान कर खूब वह वही लूटी उसी बयान से मुतास्सिर होकर एक नेक आदमी ने एक यतीम बच्चे की पूरी जिम्मेदारी उठाने का इरादा किया। अब मजे की बात मुलहेजा फरमाए वो नेक आदमी बच्चे को लेकर बड़े मौलाना की दुकान,, अरे माफ कीजिए दुकान नहीं स्कूल लेकर पहुंचे ओर मौलाना से गुजारिश की कि बच्चे की फीस आप माफ कर दे बाकी किफालत (जिम्मेदारी)में पूरी करूंगा साहब मौलाना ने साफ इनकार कर दिया ,अब साहब भले आदमी भी लगे सोशल मीडिया पर मौलाना की कथनी और करनी का अंतर बताने ,,जो खूब वायरल हो रहा हे ,भले आदमी भी कैसे बुराई में मुब्तिल होता हे आप देख सकते हे ,,सुलेमानी चाय वाले का कहना तो बस इतना हे साहब बड़े मौलाना का बड़े मदरसे से कोई ताल्लुक नहीं हे ओर वो हमारे दो नम्बर काजी तो बिल्कुल नहीं।

मेहबूब कुरैशी
9977862299

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