सुलेमानी चाय- फर्शीवाला और मामू ने शाह को पीछे छोड़ा…शाह बंधु महफूज रहेंगे…

फर्शीवाला और मामू ने शाह को पीछे छोड़ा…
शहर में इन दिनों दो नाम खासे चर्चा में है। एक फर्शीवाला दूसरा मामू, यह पहले तीन हुआ करते थे। तीसरे जिन्हें पहले नंबर वन माना जाता था वह है डिज़ाइनर, लेंकिन अब फ़र्शीवाला और मामू ने डिजाइनर को पीछे छोड़ दिया है। एक तरफ फ़र्शीवाला ने भाजपा में दिल्ली और मुंबई में जगह बना ली है, वही मामू गांधी परिवार में आला मुकाम तक पहुँच गए है। पश्चिम निमाड़ के अनीस खान उर्फ मामू अब प्रदेश कांग्रेस अल्पंसख्यक नेताओं में बड़ा नाम बन उभर कर सामने आ रहे हे। कभी डिप्टी सीएम रहे सुभाष यादव के खास रहे मामू की सोशल मीडिया की वाल इमरान प्रतापगढ़ी ओर राहुल गांधी से मामू की नजदीकिया बयान कर रही है। इसी के साथ प्रदेश कांग्रेस में मामू को बड़ी जिम्मेदारी मिलती दिख रही हैे जिससे कई भांजे परेशान हो सकते है। वही अब प्रदेश के अल्पसंख्यक इलाकों के विधानसभा टिकटों को लेकर भी मामू अहम रोल निभा सकते है।
शाह बंधु महफूज रहेंगे…
इंदौर की बीजेपी अल्पसंख्यक राजनीति में गुरु चेले की जंग लंबे समय से जारी है। गुरु जी हमेशा चेले की चालों से परेशान रहते थे तो इस बार गुरु जी ने भी डॉ पटेल के सहारे कंपाउंडर के घर दस्तक दे ही दी है ओर खुद को महफूज रखने के लिए चेले को गुरु मान लिया हे। चेले ने भी दोनों बंधुओं को शशर्त जमानत दी हे कि समाज हित में गुरु चेले की जोड़ी साथ काम करेगी लेकिन राजनीतिक प्रतिद्वंदता जारी रहेगी। इसी के साथ शाह बंधुओं को किसी एक कोने से तो राहत मिली है। वैसे शाह बंधु भी आर के कंपनी के बड़े दमदार खिलाड़ी है और उनके दांव पेज को पार पाना भी आसान नहीं लेकिन अब आगे क्या होगा इसका तो अल्लाह ही मालिक है।
माणिकबाग का अमूल…
शहर के मध्य माणिकबाग के अमूल गार्डन का मामला कोर्ट में है। इसके बावजूद गार्डन पर प्लाटों की खेती शुरू हो चुकी है। जमीनी जादूगरों को मिल रही शह से शहर को एक ओर अवैध कालोनी देने की तैयारी हो चुकी है। अगर प्रशासन जल्द नहीं जागा तो इलाके का ये सरकारी गार्डन भी जल्द ही बिक जायगा। शहर में वैसे भी धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां कट रही हैं और जिम्मेदार एक तरह से सोए हुए हैं। कई जगह तो मामला कोर्ट में भी चला जाता है और फिर नगर निगम, प्रशासन फैसले के इंतजार में ही रहता है। गौरी नगर क्षेत्र में ऐसी ही एक कॉलोनी का मामला कोर्ट में गया है।
पर्दा हे पर्दा…
एसआईआर को लेकर मुस्लिम क्षेत्रों में ज्यादातर नामो को लेकर आ रही फर्जी आपत्तियों को लेकर जहां सभी क्षेत्रों के पार्षद लगातार प्रशासन से पर्दे के पीछे से बात कर रहे हैं वहीं अपनी रूबीना बाजी चिरपरिचित शैली में अपने कैमरे के साथ कलेक्टर साहब को एसआईआर में आ रही गड़बडिय़ों की शिकायत करने पहुंच रही है। अब करवाही क्या होगी ये बाद की बात हे मगर मामले पर विरोध तो जरूरी है जो सभी कर रहे है। अब आगे देखे क्या होता है।
मेहबूब कुरैशी ९७७८६२२९९