कल तक कार्यकारिणी के लिए 25 नाम तय करना मुश्किल
बड़े नेताओं की मिजाज पुर्सी के साथ समर्थकों के नाम लेने की कवायद में जुटे सुमित मिश्रा

इंदौर (सुधीर शुक्ला)। भारतीय जनता पार्टी की नगर इकाई के गठन को लेकर चल रही है। अध्यक्ष सुमित मिश्रा की कोशिशों को पार्टी के ही बड़े नेता अपने समर्थकों के नाम को लेकर उलझने में लगे हुए हैं। सबसे ज्यादा घमासान महामंत्री के तीन पदों को लेकर सामने आ रहा है, लेकिन कार्यकारिणी के अन्य पदों के लिए भी जोर आजमाइश जोरों पर है। प्रभारी राघवेंद्र गौतम के हस्तक्षेप से सूची तैयार करके प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री मोहन यादव की सहमति मिलने पर घोषित होगी।
सुमित मिश्रा के नगर अध्यक्ष बनने के बाद, क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना था, इसलिए कार्यकारिणी का गठन रुका हुआ था। अब जबकि प्रदेश अध्यक्ष पद पर हेमंत खंडेलवाल मनोनीत होने के बाद नगर कार्यकारिणी बनाने का रास्ता साफ हो चुका है। पिछले कुछ दिनों से श्री मिश्रा शहर के सभी वरिष्ठ नेताओं से उनके घर हाल-चाल जानने के लिए मिल रहे हैं, ताकि नगर कार्यकारिणी के गठन में कोई भी नेता की अनदेखी का आरोप नहीं लग सके। indore bjp news
महामंत्री के तीन पदों को लेकर सबसे ज्यादा दबाव
पार्टी सूत्रों ने बताया कि अध्यक्ष सहित 26 सदस्यों की नगर कार्यकारिणी में सबसे ज्यादा जोर आजमाइश महामंत्री के पद को लेकर सामने आ रही है। हर नेता अपने किसी समर्थक को महामंत्री का पद दिलाने की जगत में है जिसके चलते मामला उलझता हुआ दिख रहा है। बताया गया है कि तीन महामंत्रियों में से एक पद विधायक रमेश मेंदोला के किसी समर्थक को मिलना लगभग तय है, जबकि एक महामंत्री पार्टी संविधान के मुताबिक अनुसूचित जाति वर्ग के कोटे से रहेगा। ऐसे में बचे हुए एक पद के लिए पार्टी में कशमकश की स्थिति बन गई है और कोई भी नेता महामंत्री पद पर अपना दावा छोडऩे को तैयार नजर नहीं आ रहा है। बताया गया है कि नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया तथा मधु वर्मा भी अपने किसी समर्थक के लिए महामंत्री पद चाह रहे हैं।
उलझन की स्थिति में महामंत्री का फैसला संगठन स्तर से संभव
सूत्रों ने बताया कि महामंत्री पद की उलझन को देखते हुए पार्टी संगठन द्वारा अपने स्तर पर फैसला लिया जाएगा। ऐसे में सभी नेताओं से उनके समर्थकों के नाम मांगे जा सकते हैं। हालांकि नगर अध्यक्ष मिश्रा स्थानीय स्तर पर ही इस मामले को हल करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं, लेकिन दो बड़े नेता इस मामले में पीछे हटने को तैयार नहीं है।
कार्यकारिणी में आठ स्थान महिलाओं के खाते में
भारतीय संविधान के मुताबिक 26 सदस्य नगर कार्यकारिणी में कम से कम आठ स्थान महिला नेत्रों को दिया जाने का प्रावधान है। हालांकि महिला नेत्रियों के नाम को लेकर को ज्यादा विरोधाभास नहीं है। एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि महामंत्री के एक पद को लेकर यदि विवाद नहीं थमता है तो किसी महिला नेत्री को महामंत्री के पद पर नियुक्त कर दिया जाए। इसे लेकर भी पार्टी में गंभीरता से विचार चल रहा है।
दो-दो समर्थक बनाने के फार्मूले पर अमल होगा
नगर कार्यकारिणी में इस बार पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री कृष्ण मुरारी मोघे, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, विधायक और पूर्व महापौर मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, रमेश मैंदोला, मधु वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व विधायक जीतू जिराती तथा मंत्री तुलसीराम सिलावट के दो-दो समर्थकों को स्थान देने की संभावना है। हालांकि श्री सिलावट को लेकर तर्क दिया जा रहा है कि क्योंकि वह जिले की सांवेर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं इसलिए उनके समर्थकों को जिला इकाई में स्थान दिया जाए बजाय शहर कार्यकारिणी के। कार्यकारिणी का गठन करने में विधायक रमेश मेंदोला की आम भूमिका रहेगी। अधिकांश पदाधिकारी उन्हीं की सहमति से कार्यकारिणी में जगह ले पाएंगे।
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