महंगाई के बड़े झटके अब शुरू हो गए हैं

पेट्रोल-डीजल, साबुन, कपड़े, दवाएं, खाद्यान, जूते, एलपीजी सहित कई सामानों की कीमतों में 14 से 25 प्रतिशत तक की फिर वृद्धि

नई दिल्ली (दोपहर आर्थिक डेस्क)। देश अब महंगाई की लम्बी उड़ान के लिए तैयार हो गया है। सभी अपनी कमर की पेटी बांध लें। जिंदगी जीने की लागत गरीब से लेकर अरबपति तक की बढ़ गई है। भारत में जिद्दी महंगाई को रोकने को लेकर कोई तैयारी नहीं है। भारत की राजनीति धर्म केन्द्रीत हो चुकी है। ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि जहां इस तिमाही में ईंधन, खाद्य, चाय और दालें 14 प्रतिशत से लेकर 35 प्रतिशत तक महंगी हो गई है वहीं आम आदमी के जिंदगी जीने की लागत भी 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इस बार देश में चारों प्रकार की महंगाई आपको अगले कई माह गरम तेल में तलने जा रही है और इसमें 60 प्रतिशत से ज्यादा मध्यमवर्गीय परिवार तल रहे हैं वहीं मुफ्त अनाज लेने वाले भी दूसरी महंगाई की चपेट में आ चुके हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में इसका प्रभाव बेरोजगारी पर भी बना हुआ है।
रेटिंग एजेंसी इसल ने महंगाई नापने का कार्य दो बार किया है। पहली बार 2021-22 के प्रारंभिक 6 महीनों में उस वक्त किया गया था जब न हमला हुआ था और न ही कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी थी। सर्वे में पाया कि जहां मंदी के बीच महंगाई के कारण कारोबार की खपत टूट रही थी वहीं रोजगार कम हो रहा था। इसके असर से 300 रुपए दिहाड़ी कमाने से लेकर ऊंची आय के लोग भी प्रभावित हो रहे थे। अब मार्च में किए गए ताजा सर्वे में एनएसएसओ के आंकड़ों को लेकर सर्वे प्रारंभ किया गया तो पाया गया कि 10 प्रमुख सामान में से 6 सामान की महंगाई ने सबकी कमर तोड़ दी है। इसमें खाद्य तेल, कपड़े, मसाले, दालें, चाय, ईंधन और पेट्रोल-डीजल शामिल हैं। वहीं एलपीजी का असर भी घरों पर अब दिख रहा है। दिसंबर तक जहां ईंधन पर 15 प्रतिशत महंगाई का प्रभाव था वह अब बढ़कर 25 प्रतिशत हो गया है। खाद्य पदार्थ 27 प्रतिशत से बढ़कर 35 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। चाय 12 से बढ़कर 18 प्रतिशत और दालें 9 से बढ़कर 14 प्रतिशत महंगी हो गई हैं। खाद्य तेल की महंगाई इसमें शामिल है। इस प्रकार ईंधन में 4 महीनों में ही 40 प्रतिशत, खाद्य पदार्थ में भी 40 प्रतिशत, चाय में 18 प्रतिशत और दालों में 14 प्रतिशत की कुल वृद्धि हो चुकी है। शहरों में महंगाई का असर डेढ़ से दो गुना तक दिखाई देने लगा है वहीं 80 करोड़ गरीब जो मुफ्त में अनाज ले रहे हैं उनकी बचत का बड़ा हिस्सा भी महंगाई की भेंट चढ़ रहा है।

विदेशों में महंगाई रोकना पहली प्राथमिकता
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भी अमेरिका सहित कई देशों ने ब्याज की दरें बढ़ाकर महंगाई को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। आम लोगों की बचत को बनाए रखने को लेकर कई राहत दी गई है, परंतु भारत में महंगाई रोकने को लेकर कोई बुनियादी कदम नहीं उठाए गए हैं।

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