दो ग्रुपों की दुकानों से आबकारी विभाग बेचेगा शराब

अधूरी नीलामी से आबकारी विभाग ने 1257 करोड़ कमाए

इंदौर। एक अप्रैल से प्रदेश में नई शराब नीति प्रारंभ हो रही है। शुक्रवार से प्रदेश में न सिर्फ शराब सस्ती मिलेगी बल्कि ठेकेदारों को मोनोपॉली भी खत्म होगी। आज से एक ही शराब दुकान पर देसी विदेशी मदिरा व बियर मिलेगी। इस बीच जिले में शराब दुकानों के टेंडर व आवंटन प्रक्रिया गुरुवार को पूरी हो गई है। आबकारी विभाग दो ग्रुप की दुकान नीलामी करने में सफल नहीं हो पाया। इंदौर में बची हुई दो ग्रुप की दुकानें आज से आबकारी विभाग ही संभालेगा। इस बार शराब की दुकानों के ठेके के लिए बेस प्राइस 1350 करोड़ तय की वे थी, जिसमें अब तक की गई नीलामी प्रक्रिया से 1257 करोड़ प्राप्त हो गए हैं।
सिंडिकेट के विरोध के चलते जिले के दो ग्रुप की शराब दुकानें नीलाम नहीं हो पाई है। शहरी क्षेत्र की कई दुकानें 35 प्रतिशत कम राशि पर नीलाम होने के बावजूद दो ग्रुप की दुकाने नीलाम करने में आबकारी विभाग कामयाब नहीं हो पाया है। सहायक आबकारी आयुक्त राजनारायण सोनी ने बताया कि जिले में 48 समूह के ठेके हो गए हैं। गुरुवार को शेष16 समूहों के लिए 15 समूह पर टेंडर आए थे, जिन्हें मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। इंदौर प्रदेश में सबसे ऊपर है। यहां 64 ग्रुपों में 175 शराब दुकानों की नीलामी के लिए बेस प्राइस 1350 करोड़ तय है, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। पहले चरण में 26 ग्रुपों की दुकानों के ठेके हुए थे, जिसमें आबकारी को 80 करोड़ की अतिरिक्त आय हुई थी। निपानिया की दुकान की बेस प्राइस 32 करोड़ थी, जो 44 करोड़, कनाडिया बायपास चौराहे की दुकान की बेस प्राइस 24 करोड़ थी, जो 32 करोड़ में गई थी। दोनों दुकान सुरेश रजक ने ली है, जो भाजपा विधायक से जुड़े होना बताया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर की दुकान का बेस प्राइस 6 करोड़ था, यह 15 करोड़ से अधिक में गई।
बिहार के ठेकेदार ने मारी बाजी
दुकानों के लिए टेंडर डालने वालों में बिहार का महुआ ग्रुप आया था, जिसे एक ठेका मिला। कर्नाटक, दिल्ली व छत्तीसगढ़ के ग्रुपों ने भी टेंडर लगा था, लेकिन वे सफल नहीं हुए। जिन लोगों को ठेके मिले उनमें कुछ नए ठेकेदार ने सिंडिकेट में शामिल कारोबारियों को ग्रामीण इलाके की 2 दुकानें मिल पाई है।
इन ठेकेदारों ने घटी दरों पर मारी बाजी
बाणगंगा में 24 प्रतिशत कम दरों पर रामचंद्र राय, जीपीओ 35 प्रतिशत कम दर और राजमोहल्ला 35 प्रतिशत कम दर पर एनकोडर इंटरप्राइजेस, एमजी रोड 27 प्रतिशत कम दरों पर बॉबी इंफोकॉम, पलसीकर 13 प्रतिशत कम दरों पर और तोपखाना 34 प्रतिशत कम दरों पर राजेश चौकसे को मिली है। इसके अलावा महू के ड्रीमलेंड चौराहे की 31 प्रतिशत काम दरों पर मां चामुंडा ग्रुप के पास गई है।
कम कीमत में बिकी शराब
गुरुवार को शराब दुकान के ठेकों का अंतिम दिन था। स्टॉक क्लियर करने के लिए ठेकेदारों ने कम कीमत पर शराब बेची। इस कारण शराब दुकानों पर गुरुवार को भीड़ देखने को मिली। हालांकि शुक्रवार से शराब सस्ती हो रही है। नई नीति के तहत शराब की कीमतों को कम करने के साथ ही शराब ठेकेदारों की मोनोपोली को भी खत्म किया है। जिले को उदाहरण के रूप में देखा जाए तो यहां पहले सिंडिकेट दुकानों का संचालन करता था लेकिन अब 64 समूहों में दुकानों के ठेके जारी किए गए थे। 64 लाइसेंस धारी होने से शराब ठेकेदारों की मोनोपोली खत्म हो जाएगी।

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