चैत्र नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी माता रानी

इंदौर। इस साल चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल से शुरू हो रही है, जो कि 11 अप्रैल तक रहेगी। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। इन नौ दिनों में मां जगदंबे की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। वहीं इस बार चैत्र नवरात्रि में कई बड़े बदलाव हो रहे हैं। आचार्य पण्डित रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि इस साल की चैत्र नवरात्रि में एक भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है। खास बात ये है कि इन 9 दिनों में कई ऐसे योग बन रहे हैं, जो सर्व फलदायी हैं। ज्योतिष के अनुसार, ऐसे योग कम ही आते हैं। लेकिन इस बार मां दुर्गा की सवारी अनहोनी की ओर इशारा कर रही है, क्योंकि इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं। घोड़े पर सवार होकर माता रानी का धरती पर आगमन शुभ नहीं माना जाता है। इससे कई गंभीर परिणाम देखने को मिलते हैं। आइए जानते हैं घोड़े पर सवार होकर माता रानी का आगमन किन परिणामों की ओर इशारा करता है… वैसे तो माता रानी सिंह की सवारी करती हैं, लेकिन नवरात्रि में धरती पर आते समय उनकी सवारी बदल जाती है। मां जगदंबे की सवारी नवरात्रि के प्रारंभ होने वाले दिन पर निर्भर करती है। नवरात्रि का प्रारंभ जिस दिन होता है, उस दिन के आधार पर उनकी सवारी तय होती है। ठीक इसी प्रकार से वह जिस दिन विदा होती हैं, उस दिन के आधार पर प्रस्थान की सवारी तय होती है। मां दुर्गा के आगमन की सवारी और महत्व -इस साल 02 अप्रैल दिन शनिवार को चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ हो रहा है। दिन के आधार पर इस साल मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर पृथ्वी पर आएंगी। घोड़े को युद्ध का प्रतीक माना जाता है। इस नवरात्रि मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं और भैंसे पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी। इन दोनों ही वाहनों को अच्छा नहीं माना गया है। ़े पर सवार होकर आएंगी माता रानी प्रस्थान की सवारी और उनके संकेत अगर नवरात्रि का समापन रविवार और सोमवार को हो रहा है, तो मां दुर्गा भैंसे की सवारी से जाती हैं। इसका संकेत होता है कि देश में शोक और रोग बढ़ेंगे। वहीं शनिवार और मंगलवार को नवरात्रि का समापन हो तो मां जगदंबे मुर्गे पर सवार होकर जाती हैं। ये दुख और कष्ट की वृद्धि को ओर इशारा करता है। बुधवार और शुक्रवार को नवरात्रि समाप्त होती है, तो मां की वापसी हाथी पर होती है जो अधिक बरसात को ओर संकेत करता है। इसके अलावा अगर नवरात्रि का समापन गुरुवार को हो रहा है, तो मां दुर्गा मनुष्य के ऊपर सवार होकर जाती हैं जो सुख और शांति की वृद्धि की ओर इशारा करता है।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.