नंदलालपुरा सब्जी मंडी के व्यापारियों को निगम के नोटिस

दुकान का बकाया किराया भरने के लिए 65 हजार तक के बिल भेजे

इंदौर। नंदलालपुरा स्थित नई सब्जी मंडी के दुकानदारों को अचानक नगर निगम ने बकाया किराए के बिल 54 से लेकर 65 हजार तक के बिल थमा दिए हैं। इतनी अधिक राशि के बिल मिलने से दुकानदार परेशान हो रहे हंै। निगम की ओर से बकाया राशि चुकाने के लिए भी बिल प्राप्त होने के बाद तीन दिन का समय देकर मुनादी करा दी गई है, जिसे लेकर व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है।
नंदलालपुरा स्थित नई सब्जी मंडी में सब्जी व्यापारियों को 2019 के अगस्त 100 दुकानें और 125 ओटले निगम ने आवंटित किए थे, लेकिन 2020-21 में लॉकडाउन के चलते सब्जी व्यापारी ठीक से व्यापार नहीं कर पाए। ऐसे में अचानक निगम के मार्केट विभाग की ओर से सब्जी व्यापारियों को भारी-भरकम बकाया बिल मिल जाने से परेशानी खड़ी हो गई है। यहां कई सब्जी व्यापारी ऐसे भी हैं, जो लोन लेकर अपना व्यापार व्यवसाय कर रहे हैं। वहीं अपने पति को खो चुकी कई विधवा महिलाएं सब्जी बेच रही है, उनके सामने निगम के इतनी अधिक राशि के बिल जमा करने की मुसीबत खड़ी हो गई है। हालांकि यहां सब्जी व्यापारियों का एसोसिएशन बना हुआ है, जिसके माध्यम से निगमायुक्त प्रतिभा पाल से मिलकर समस्याओं से अवगत कराकर बकाया राशि जमा करने के लिए कुछ दिनों की मोहलत मांगी जाएगी।
इनका कहना है
देवी अहिल्या खेरची फल सब्जी मार्केट के अध्यक्ष मुकेश पचौरी और सचिव देवराज खन्ना ने बताया कि मार्केट के ओटलों का किराया भी अधिक है और दुकानदारों को राहत देने के लिए भी हम लोग निगम कमिश्नर और अपर कमिश्नर से मिलकर किस्त करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि एकमुश्त इतनी बड़ी राशि का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। यहां पर अधिकतर गरीब विधवा महिलाएं अपना व्यापार व्यवसाय कर रही है।
राहत देने पर विचार
निगम मार्केट उपायुक्त लोकेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि इतने समय तक किराए के बिल नहीं पहुंचाए थे, अभी भेजे हंै, जिन्हें भुगतान करना है। हम लोग अपर आयुक्त व कमिश्नर से चर्चा करके ही कुछ राहत दी जा सकती है।

इस तरह निगम ने तय की दरें
नई बिल्डिंग में सब्जी व्यापारियों से नगर निगम द्वारा प्रति दुकानदार प्रतिमाह 9 फीसदी जीएसटी सहित 2360 को निगम को किराया लिया जाएगा। वहीं प्रति ओटले पर व्यवसाय करने वालों को 1300 रुपए प्रतिमाह किराया निर्धारित किया गया है। पहले यहां पर मात्र ओटले का 195 प्रतिमाह किराया था, जिसमें व्यापार-व्यवसाय आसानी से हो जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है।

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