गिद्ध तस्करी मामले में तीन संदिग्ध गिरफ्तार

एसटीएफ टीम गुजरात से आरोपियों को इंदौर लाई

इंदौर। गिद्ध तस्करी मामले में वन विभाग की एसटीएफ टीम ने तीन संदिग्ध आरोपियों को गुजरात के बंदरगाह से गिरफ्तार किया है। आरोपियों को पूछताछ के लिए वन विभाग की टीम इंदौर लेकर आई है। गिद्ध तस्करी का यह अंतर्राष्ट्रीय मामला होने के कारण केंद्र सरकार ने वन विभाग की टीम को हरकत में आकर पूरे मामले में खुलासा करने के निर्देश दिए है। इस मामले में हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ होना बाकी है, जिसमें गिद्ध की तस्करी से जुड़े कई खुलासे होने की बात कही जा रही है। फिलहाल आरोपियों को नवलखा स्थित वन विभाग में रखा गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
मप्र की स्टेट टाइगर टास्क फोर्स (एसटीएसएफ) की टीम तीन दिन पहले गुजरात पहुंची थी। इस स्पेशल आपरेशन में वन विभाग द्वारा कुछ दिन पहले खंडवा में कानपुर के उन्नााव जिला निवासी तस्कर फरीद शेख को गिरफ्तार कर उससे सात सफेद गिद्ध बरामद किए थे। फरीद इन गिद्धों को मालेगांव तक पहुंचने वाला था। वन विभाग और स्टेट टाइगर टास्क फोर्स इंदौर की टीम को पूछताछ में पता चला था, कि गिद्धों को समुद्र के रास्ते खाड़ी देशों में भिजवाया जाना था। वहां के रईस गिद्धों को घरों में पालते हैं। सफेद गिद्धों का इस्तेमाल तंत्र क्रिया में किया जाता है। इसी मामले में पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर एसटीएसएफ रेंजर धर्मवीर सोलंकी सहित आठ लोगों की टीम गुजरात से तीन आरोपियों को पकड़ कर सोमवार को इंदौर लाई है। हालाकि वन विभाग के अफसर पूछताछ की कारवाई खत्म होने से पहले इस मामले में मीडिया को जानकारी देने से बच रहे है।

मामले को दबाने में लगे वन मंत्री
गिद्ध तस्करी का ममला अंतर्राष्ट्रीय होने के कारण केंद्र ने इस मामले में खुलासा करने के लिए वन विभाग पर दबाव बनया है, लेकिन मध्य प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह इसमें रुचि नहीं ले रहे है। वन विभाग के सूत्र बता रहे है,की कुछ आरोपियों को बचाने के लिए वन मंत्री की तरफ से दबाव आ रहा है, जिससे वन विभाग के अफसर इस मामले में खुलकर काम नही कर पा रहे है। इसलिए सोमवार को गुजरात से पकड़कर लाए गए तीन संदिग्ध तस्करों के बारे में जानकारी देने से वन विभाग के अफसर बचते रहे।

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