उत्तराखंड की कमान मोदी ने संभाली, चार बड़े नेताओं की सभाएं

प्रियंका गांधी, अमित शाह, अखिलेश यादव, जयंत चौधरी भरेंगे हुंकार

नई दिल्ली (ब्यूरो)। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को लेकर जैसे जैसे मतदान की तारीख नजदीक आती जा रही है वैसे वैसे प्रचार अभियान परवान चढ़ने लगा है। सभी राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा कार्यकर्ताओं की पूछपरख बढ़ गई है वहीं टिकटों को लेकर अभी भी घमासान मचा हुआ है। बुलंद शहर में आज चार बड़े नेता प्रियंका गांधी, अमित शाह, अखिलेश यादव, जयंती चौधरी हुंकार भरेंगे। हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं द्वारा अलग-अलग सभा स्थलों पर पहुंचना शुरू हो गया है। उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में भी प्रचार-प्रसार तेज हो गया है। राहुल गांधी आज गोवा पहुंचने वाले हैं तो पंजाब में एक बार फिर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सर्वे शुरू हो गया है। वहीं इस घमासान के बीच कांग्रेस अध्यक्ष नवजोद सिंह सिद्धु वैष्णोदेवी की यात्रा पर निकल गए हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति योगी आदित्यनाथ और राममंदिर के आसपास घूमती नजर आ रही है। उपमुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौैर्य ने आज नामांकन भर दिया है। उन्होंने 300 सीटें जीतने का भी पार्टी का दावा किया है। उधर उत्तराखंड की कमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संभाल ली है। वे आज भाजपा कार्यकर्ताओं को वर्चुअल संबोधन करेंगे।
उधर सत्ता के संग्राम में जिले में चार सियासी दिग्गज मैदान में उतर रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा जहांगीराबाद में आमने-सामने होंगे। इसके अलावा अमित शाह का डिबाई में भी कार्यक्रम है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और रालोद मुखिया जयंत चौधरी का बुलंदशहर, स्याना, अनूपशहर, शिकारपुर, खुर्जा और सिकंदराबाद में कार्यक्रम है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हेलीकॉप्टर से जहांगीराबाद के नवीन अनाज मंडी पहुंचेंगे। यहां वह जनसभा को संबोधित करेंगे। डिबाई के कुबेर इंटर कालेज के मैदान में ढाई बजे तक जनसभा को संबोधित करेंगे।  सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद के मुखिया जयंत चौधरी पुलिस लाइन आएंगे। वह डीएम रोड पर जनसभा करते हुए संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।  कांग्रेस की महासचिव और प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी जहांगीराबाद में जनसपंर्क करेंगी। इस बाबत पूर्व विधायक गजेंद्र सिंह ने बताया कि मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने और जनता की मांग पर प्रियंका गांधी ने कार्यक्रम आयोजित कराया है। उधर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मिले विधानसभा के टिकटों को देखने के बाद राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि स्थानीय सांसद और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कई नेताओं के लिए संकटमोचक बनकर सामने आए हैं। चर्चाएं हैं कि इस बार लखनऊ के कुछ नए प्रत्याशी, विधायक और मंत्री, जिनकी चर्चा सीट बदलने से लेकर टिकट कटने तक की थी, उन लोगों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से संपर्क किया। हालांकि भाजपा नेताओं का कहना है कि सांसद राजनाथ सिंह विधानसभा के टिकटों में दखलंदाजी नहीं करते हैं लेकिन हकीकत ये है कि भाजपा के बड़े नेता लखनऊ में मिले टिकटों के लिए रक्षा मंत्री को धन्यवाद दे रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि लखनऊ की सभी नौ सीटों और पड़ोसी जिले सीतापुर की तीन और उन्नाव की जसवंतनगर विधानसभा सीट पर बहुत ज्यादा मंथन भी हुआ और दबाव भी रहा। सीतापुर की विधानसभा महोली में स्थानीय विधायक शशांक त्रिवेदी का भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा से खुला विरोध रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यही वजह थी कि शशांक त्रिवेदी का टिकट सीतापुर की पहली लिस्ट में फाइनल नहीं किया गया। चर्चाएं थीं कि शशांक त्रिवेदी का टिकट कट चुका है।
इसी वजह से यहां प्रत्याशी नहीं घोषित हुआ है जल्द ही नया कोई प्रत्याशी घोषित किया जाएगा। लेकिन नामांकन खत्म होने से दो दिन पहले जब लिस्ट आई तो शशांक त्रिवेदी का ही नाम महोली विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी के तौर पर सामने आया।

खतरे में कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन की सीट
भाजपा के दिग्गज नेता रहे लालजी टंडन के बेटे और कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन की लखनऊ पूर्व की सीट खतरे में थी। चर्चा थी कि गोपाल टंडन की सीट बदली जाएगी, लेकिन नहीं बदली गई। ऐसी ही चर्चा लखनऊ उत्तर से विधायक नीरज वोरा की थी। लेकिन उनकी सीट भी नहीं बदली। यही नहीं लखनऊ की बख्शी का तालाब विधानसभा क्षेत्र से योगेश शुक्ला और लखनऊ के पार्षद रजनीश गुप्ता को टिकट मिलने पर लोगों ने आश्चर्य ज़रूर किया। लखनऊ की राजनीति को करीब से समझने वाले राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नामांकन की आखिरी तारीख के दो दिन पहले टिकट घोषित करना ये बताता है कि दबाब तो बहुत था। उसके बाद जो टिकट घोषित हुए हैं उससे बिल्कुल साफ है कि स्थानीय सांसद राजनाथ सिंह कइयों के लिए संकटमोचक बनकर उभरे।
संयुक्त किसान मोर्चा भाजपा के विरोध में रहेगा
संयुक्त किसान मोर्चा पश्चिम बंगाल की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के चुनाव में भी भाजपा को वोट नहीं देने की अपील कर सकता है। मोर्चा मिशन उत्तर प्रदेश का एलान करेगा। इसके लिए रविशंकर मार्ग पर एक अहम बैठक होगी। इसके बाद दिल्ली प्रेस क्लब में मीडिया समागम होगा। इसमें संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. दर्शन पाल, हन्नान मोल्लाह, जगजीत सिंह धालीवाल, जोगिंदर सिंह उग्र रहा भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, शिव कुमार शर्मा कक्काजी, युद्धवीर सिंह और योगेंद्र यादव शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि तीन नए कृषि बिलों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने सालभर तक लगातार आंदोलन किया। इस दौरान 200 से ज्यादा किसानों की मौत भी हो गई। सरकार ने अभी सिर्फ आश्वासन दिया है, कोई कानून नहीं बनाया, जिससे किसानों में आक्रोश है।

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