8,34,947 नकली नोट एक साल में ही 2000 के पकड़ाए

500 के 1156.72 करोड़ नोट चलन में आ गए

नई दिल्ली (ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोट बंदी किए जाने के बाद सरकार ने खुद लोकसभा में आंकड़े जारी करते हुए यह स्वीकार किया कि 5 साल में देश में नकली नोटों के चलन में रिकार्ड वृद्धि हुई है। खास कर 2020 में 2 हजार के ही 2 लाख 44 हजार 834 नोट पकड़ाए है। यानि यह राशि 48,96,68000 करोड़ हो रही रही है। इसके साथ ही यह भी सिद्ध हो गया कि आम लोगों के लाइनों में खड़ा होने और नोट बदलवाने का कोई असर देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। सबसे ज्यादा नकली नोट महाराष्ट्र में पकड़ाए है। हालांकि नेशनल क्राईम रिसर्च ब्यूरो भी नकली नोटों के आंकड़े पहले ही जारी कर चुका है।
एक ओर जहां सरकार ने 2 हजार का एक भी नोट एक साल में नहीं छापा है, इसके बाद भी करोड़ों रूपए के नकली नोट बाजार में चलन में आ गए है। सरकार खुद ही 2 हजार के नोट को अब गलत कदम मानते हुए इसे धीरे-धीरे बाजार से समेटती जा रही है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ताजा रिपोर्ट वित्त वर्ष 2020-21 में जानकारी दी है कि दो साल से 2 हजार के नोट की सप्लाई पूरी तरह रोक दी गई है। बैंक का कहना है कि बड़ा नोट होने की वजह से 2 हजार के नोट की फैक करंसी बाजार में उतरने की सबसे ज्यादा आंशका बनी हुई थी। वहीं वित्त वर्ष 2020-21 में 5 सौ के नोट की सबसे ज्यादा सप्लाई की गई है। कुल 1156.72 करोड़ नोट बाजार में चलन में आ गए है, यह राशि 57836000 करोड़ रूपए होती है। इसके अलावा 200 रूपए के 151.06 करोड़ नोट और 100 रूपए के 372.70 करोड़ रूपए, 50 रूपए के 138.87 रूपए, 20 रूपए के 385.20 करोड़ तथा 10 रूपए के 28.46 करोड़ रूपए बाजार में सप्लाई किए गए है। सिक्कों की सप्लाई अलग है। इस प्रकार नोट बंदी के पहले से ज्यादा नोट अब चलन में आ गए है। इस बीच लगातार नकली नोटों के प्रकरण तेजी से बड़ रहे है। जहां 2016 में 2 करोड़ 81 लाख नकली नोट पकड़ाए थे, जो अब बढ़ कर 8 करोड़ 34 लाख नोट हो गए है। एक अनुमान के अनुसार ताजा वित्त वर्ष में भी यह संख्या 15 प्रतिशत और बढ़ सकती है।

 

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