कल उत्तर प्रदेश भाजपा में फिर बड़ी तोड़फोड़ की तैयारी

बचे हुए दल भी भाजपा का साथ छोड़ेंगे, 6 मंत्री और विधायक, अखिलेश यादव के संपर्क में

लखनऊ (आरबी सिंह)। एक ओर जहां भाजपा उत्तर प्रदेश का किला बचाने के लिए भाजपा छोड़कर जा रहे नेताओं से बातचीत के प्रयास कर रही है वहीं दूसरी ओर कल मकर संक्रांति पर भाजपा में एक बार फिर बड़ी तोड़फोड़ होने की पूरी संभावना है। अभी दो मंत्री सहित 12 विधायकों ने भाजपा का साथ छोड़ दिया है। माना जा रहा है कि कल निषाद पार्टी के संजय निषाद भी पार्टी छोड़ सकते हैं वहीं अनुप्रिया पटेल अपना दल के अलावा कुछ और मंत्री और विधायक भाजपा से मुक्त होने जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आज अमित शाह ने संजय निषाद और अनुप्रिया पटेल को दिल्ली तलब किया है, ताकि तोड़फोड़ को रोका जा सके। शाह ने निषाद पार्टी को 17 और अपना दल को 14 सीट देने की पेशकश की।
यूपी में अब जैसे-जैसे नामांकन का समय करीब आ रहा है वैसे-वैसे इस बार समाजवादी पार्टी में तेजी से लोगों के जुड़ने का क्रम जारी है। पिछले बार सपा से अलग हुए सभी आठों दल इस बार वापस सपा में ही शामिल हो गए हैं। पिछली बार भाजपा ने इन्हीं दलों के आधार पर 130 सीटों पर जातिगत समीकरण बैठाकर चुनाव जीता था। इस बार सपा से ज्यादा भाजपा में झगड़े दिखाई दे रहे हैं। लगभग सभी नेता अपने उम्मीदवारों को लेकर किसी भी हद तक जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश का जाति समीकरण देखा जाए तो कुशवाह, मौर्या और सेनी जाति के अभी 18 विधायक हैं। इनकी 17 जिलों में अच्छी पकड़ है। उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के 53 प्रतिशत वोट हैं जिसमें यादव 11 प्रतिशत, कुशवाह 8 प्रतिशत, कुर्मी/पटेल 7 प्रतिशत इसके अलावा लोधी जाति के 7 प्रतिशत वोट हैं जिनके नेता कल्याणसिंह थे। वहीं मल्लाह और निषाद जाति के 4 प्रतिशत वोट हैं। 12 जिलों में इनके वोट निर्णायक हैं। ये सभी इस बार सपा के साथ चले गए हैं। वहीं 20 प्रतिशत मुसलमान भी सपा के साथ ही जा रहे हैं। कुल मिलाकर योगी के मठ में अखिलेश यादव पिछड़ा वर्ग के समीकरण को साधकर राजनीतिक हवन की पूरी तैयारी कर चुके हैं।
दब बीजेपी के नेताओं की दिल्ली में उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर अहम बैठक हो रही थी, उसी बीच मंगलवार को कैबिनेट मंत्री और बड़े नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने योगी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा बीजेपी विधायक अवतार सिंह भड़ाना ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हो गए. वहीं, मौर्य के समर्थक माने जाने वाले तीन विधायकों ने भी इस्तीफा देना का ऐलान किया। मंगलवार को बीजेपी के तिंदवारी से विधायक ब्रजेश प्रजापति, तिल्हार से विधायक रोशन लाल वर्मा और बिल्हौर से विधायक भगवती सागर ने भी मौर्य के बाद इस्तीफा दे दिया।

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