दो कपड़ा कारोबारियों के यहां छापा, जीएसटी की बड़ी चोरी मिली

छोटी-छोटी फर्में बनाकर कर रहे थे कारोबार, 1000 करोड़ का कारोबार होता है इंदौर से

इंदौर। सेंट्रल एक्साइज की टीम ने आज कपड़ा कारोबारियों के यहां तड़के छापे मारकर बड़ी कर चोरी का मामला पकड़ा है। इमली बाजार स्थित दो फर्मों पर की गई कार्रवाई में यह दोनों फर्मे इंदौर से कपड़े और रेडिमेड के कारोबार में एजेंट की भूमिका निभाती थी। इन दोनों फर्मों पर शहर से होने वाले कपड़े के कारोबार में कई बड़े कारोबारी भी अब जीएसटी चोरी में उलझ जाएंगे। इधर कपड़ा कारोबारी 5 प्रतिशत से 12 प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने के विरोध में पिछले कुछ दिनों से आंदोलन भी कर रहे थे। व्यापारी ई-वे बिल का भी विरोध कर रहे हैं। इन दोनों फर्मों से शहर के 50 से अधिक कपड़ा और रेडिमेड कारोबारियों की जानकारी भी मिली है, जो देशभर में यहां से बिना बिल के बड़ा कारोबार भी कर रहे थे।
इंदौर में कपड़ा कारोबार पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है। 1 हजार करोड़ के कारोबार में 5 प्रतिशत के हिसाब से भी पूरी तरह जीएसटी नहीं मिल रहा है। पिछले दिनों 41 से अधिक सामानों को ई-वे बिल में शामिल करने के बाद अब सेंट्रल एक्साइज में जीएसटी चोरी को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके तहते ईमली बाजार स्थित सनराईज मार्केटिंग जिसके मालिक ओमप्रकाश भूतड़ा और दूसरी फर्म जीएच कंपनी है। दोनों ही लंबे समय से कपड़ा और रेडिमेड के कारोबार में एजेंट की भूमिका में काम कर रही थी। छापे के दौरान यह भी पाया गया कि कई कंपनियां छूट का लाभ लेने के लिए छोटी-छोटी कंपनियों के रूप में अपना कामकाज एक ही स्थान से कर रही थी। अब 50 हजार तक के कपड़ा कारोबार में भी ई-वे बिल कंपलसरी कर दिया है। वहीं मध्यप्रदेश में ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर कपड़ा भेजे जाने के लिए भी ई-वे बिल लागू कर दिया गया है। साथ ही जीएसटी भी 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया है। सेंट्रल एक्साइज के सूत्रों का कहना है कि इंदौर में ही 50 करोड़ से ज्यादा की कर चोरी अभी हो रही थी, जो अब 12 प्रतिशत होने के बाद और बढ़ना थी। दोनों ही फर्मों पर कार्रवाई के बाद बड़ी तादाद में कच्चे बिल और कंप्यूटर से जानकारी निकाली गई है। छापे की कार्रवाई दोपहर तक जारी रही। इधर छापे की कार्रवाई के बाद क्लाथ मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा है कि सरकार व्यापारियों पर दबाव बनाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई कर रही है। छापों से किसी प्रकार के दबाव में व्यापारी नहीं आएंगे।

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