अफगान में भूखमरी फैली, घर का सामान बेच रहे लोग

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कंधार/नई दिल्ली/वॉशिंगटन। अफगानिस्तान में तालिबान के तख्ता पलट के बाद अब भूखमरी की नोबत आने लगी है जिसके कारण लोग घरों का सामान बेचने को मजबूर हैं। इधर भारत के विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत अफगान के लोगों के साथ खड़ा रहेगा। उधर अमेरिका ने अफगान को 67 लाख डॉलर की मदद जारी करने को कहा है।
अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के एक माह पूरे होने वाले हैं। इसी के साथ वहां जनजीवन बेपटरी होने लगा है। कमाई का जरिया खत्म होने के बाद लोग परिवार चलाने और बच्चों का पेट भरने के लिए घर-गृहस्थी का सामान सड़कों पर बेचने को मजबूर होने लगे हैं।
काबुल के चमन-ए-हजूरी की सड़कों पर लोग अपनी उस पूंजी और संपत्ति को बेच रहे हैं, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत और खून पसीने की कमाई से बीते बीस वर्षों में खरीदा था।
पैसा निकासी पर लगी सीमा से बढ़ी मुश्किल
अफगानिस्तान में कुछ बैंक खुले हैं जहां लोग अपना पैसा निकाल रहे हैं लेकिन यहां भी निकासी की सीमा निर्धारित है। सात दिन में एक बैंक खाते से सिर्फ 16 हजार रुपये ही निकाले जा सकते हैं। पैसा निकालने के लिए अफगानिस्तान के राष्ट्रीय बैंक के बाहर सैकड़ों महिलाएं और पुरुष कतारों में लगे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें इलाज के लिए मोटी रकम की जरूरत होती है लेकिन बैंक तय राशि से ज्यादा नहीं दे रहे हैं।

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