250 टैंकर इर्म्पोटेट डीजल प्रतिदिन बिक रहा है बायो डीजल के नाम पर मालवा-निमाड़ में

इंदौर में हुए पेट्रोलियम घोटाले से बड़ा घोटाला है बायो डीजल का

इंदौर। शहर में बायो डीजल के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े में कल जहां दो पंप से 18 लाख का बायो डीजल जब्त किया, वहीं प्रशासन इस बात की जांच नहीं करवा रहा है कि यह बायो डीजल है या अन्य केमिकल जो बायो डीजल के नाम पर बिक रहा है। इसके पूर्व भी बायो डीजल के फर्जीवाड़े में वाणिज्यिक कर विभाग 5 करोड़ की टैक्स चोरी सरैंडर करवा चुका है। पूरे मालवा-निमाड़ में इस समय बायो डीजल के नाम पर इर्म्पोटेट डीजल की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। यह डीजल पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले डीजल से 30 रु. कम पर बिक रहा है। इंदौर में ही 10 लाख लीटर इर्म्पोटेट डीजल की खपत बायो डीजल के नाम पर हो रही है।
डीजल के भाव 98 रु. के लगभग रहने के बाद शहर के तमाम ट्रक कारोबारी इन दिनों इर्म्पोटेट डीजल धड़ल्ले से खरीद रहे हैं। ट्रांसपोर्ट कारोबार शुरू हो जाने के बाद भी शहर मेें डीजल की खपत में वृद्धि नहीं कमी हुई है। तेल कंपनी के आंकड़े बता रहे हैं कि जुलाई से अगस्त में डीजल की खपत और कम हो गई है। बायो डीजल में 6 से 20 प्रतिशत तक वास्तविक डीजल मिलाना होता है, इधर इर्म्पोटेट डीजल 50 रु. लीटर में मिल रहा है। इस धंधे में लगे एक कारोबारी ने बताया कि 50 लाख लीटर बायो डीजल के नाम से इर्म्पोटेट डीजल बेचा जा रहा है। धार जिला, खरगोन जिला, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा, देवास, उज्जैन सभी जगहों पर इन दिनों इर्म्पोटेट डीजल ही बेचा जा रहा है और इसकी मांग भी बनी हुई है। कारोबारी ने कहा कि गुजरात से डेली 250 टैंकर आ रहे हैं। सिर्फ खरगोन जिले के निमरानी गांव में 6 लाख लीटर के लगभग डेली बेचा जा रहा है। नियमानुसार बायो डीजल रिटेल में नहीं सेल कर सकते हैं और एक अनुमान के अनुसार रोज सरकार को 100 करोड़ का नुकसान हो रहा है। कारोबारी ने दावा किया कि इस खेल में कई बड़े सरकारी अधिकारी भी शामिल है, वरना गुजरात से आने वाला इर्म्पोटेट डीजल मध्यप्रदेश में कैसे आ सकता है? जो कार्यवाही हो रही है, वह अब बड़ी हिस्सेदारी के लिए की जा रही है। चाहे खाद्य विभाग की हो या अन्य की। शहर में छोटे टैंकर से इन दिनों ट्रांसपोर्ट नगर सहित अन्य क्षेत्र में सीधे इर्म्पोटेट डीजल ट्रकों में डालने की सुविधा उपलब्ध है और इसके मोबाइल नंबर भी बकायदा ट्रक मालिकों के पास मौजूद है। दो दिन पहले नायता मुंडला में जिन दो पंपों पर कार्यवाही कर जो बायो डीजल जब्त किया गया है, इतने बायो डीजल के लिए कितने एकड़ में रतनजोत की खेती करना पड़ेगी, जिला प्रशासन पता लगा ले तो समझ में आ जाए कि इस खेल में कौन-कौन शामिल है।

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