पीएम केयर फंड में जमा हुआ है सरकारी धन, याचिका दायर

देश के 11 बड़े वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

नई दिल्ली (ब्यूरो)। प्रधानमंत्री के पीएम केयर फंड का मामला अब उच्चतम न्यायालय में पहुंच गया है। इस याचिका में दस्तावेजों के साथ यह बताया गया है कि इस फंड में कई विभागों की बड़ी राशि जमा की गई हैं यहां तक की सांसद निधी के अलावा भोपाल गैस कांड की भी बड़ी राशि निकाल कर इस फंड में डाली गई है। सरकार इस मामले में यह बताने को तैयार नहीं है कि कितनी राशि अभी तक कोष में सरकारी विभागों से निकाली गई थी। उच्चतम न्यायालय ने मामले की गंभीरता देखते हुए याचिका स्वीकार करते हुए सरकार को नोटिस जारी किया है।
देश के माने हुए 11 अभिभाषकों ने दिव्यापाल सिंह के नेतृत्व में यह याचिका लगाई हैं इसमें राजेश इनामदार, सास्वत आनंद, आशुतोष त्रिपाठी, सैयद हैदर, अमीत पई, कुमेल हैदर भी शामिल है। याचिका की सुनवाई के दौरान अभिभाषकों ने पीएम केयर फंड की कानुनी वैद्यता को लेकर वाद दायर किया है। जिसमें पूछा गया है क्या भारत के संविधान में सरकार के पैसे के उपयोग को लेकर कोई पारदर्शिता है या नहीं। उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई के लिए याचिका स्वीकार की है। अभिभाषकों ने तमाम दस्तावेज लगाते हुए बताया है कि इस कोष में सासंद निधी के अलावा भोपाल गैस कांड रिलिफ फंड की भी बड़ी राशि जमा हो गई है। वहीं कई मंत्रालयों का पैसा भी जमा हुआ है। याचिका में पुछा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर इस पैसे का उपयोग सामने आना चाहिए। इसके पूर्व इलाहबाद उच्च न्यायालय में लगी याचिका इसलिए खारिज हो गई थी की उसमें दस्तावेज नहीं थे। अब दस्तावेजों के साथ यह याचिका लगाई गई। आर्श्चय की बात यह है कि उच्चतम न्यायालय में याचिका लगाने वाले अभिभाषक में से कई उत्तर प्रदेश के है। इधर पीएम कैयर फंड से दिए गए वेंटिलेटर खराब निकलने की शिकायत करने वाली डॉक्टर नेहा अग्रवाल को कार्य में लापरवाही के मामले में निलंबित कर दिया है। उल्लेखनिय है कि पीएम कैयर फंड से खरीदे गए वेटिंलेटर सरकारी अस्पतालों में दो माह भी काम नही कर पाए थे।

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